मिर्जापुर। जिले में पुलिस ने जिम की आड़ में चल रहे एक बड़े धर्मांतरण रैकेट (Conversion Racket) का सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस अब तक एक हेड कांस्टेबल समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरोह के दो सदस्य अभी भी फरार हैं, जिन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित करने के साथ ही ‘लुकआउट नोटिस’ भी जारी किया गया है।
पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि कोतवाली देहात में दो अलग-अलग पीड़िताओं ने तहरीर देकर गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़िताओं का कहना था कि जिम में आने वाले युवक पहले उनसे दोस्ती करते थे और फिर बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने लगते थे।
जांच में सामने आया कि गिरोह का मुख्य सदस्य जहीर ‘केजीएन-01’ जिम का मालिक है। इसके अलावा गिरोह के अन्य सदस्य केजीएन-02, केजीएन-03, बी-फिट और आयरन फायर जैसे जिमों से जुड़े हुए थे। पुलिस ने साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए इन सभी 5 जिमों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है
इस रैकेट (Conversion Racket) में कानून के रखवाले की संलिप्तता ने भी सबको चौंका दिया है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी फरीद को गिरफ्तार किया, जिसके कुछ घंटों बाद ही भदोही जीआरपी में तैनात हेड कांस्टेबल इरशाद खान को भी दबोच लिया गया। अब तक गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद शेख अली आलम, फैजल खान, जहीर, शादाब, फरीद अहमद और हेड कांस्टेबल इरशाद खान शामिल हैं। गिरोह के दो अन्य सदस्य इमरान और लक्की अभी फरार हैं।
पुलिस की जांच में गिरोह की कार्यप्रणाली का भी खुलासा हुआ है। आरोपी पहले जिम में लड़कियों से दोस्ती कर उनका मोबाइल नंबर लेते थे। इसके बाद उन्हें घुमाने-फिराने और दरगाह ले जाने के बहाने धर्म परिवर्तन (Conversion) के लिए प्रेरित किया जाता था। मना करने पर आरोपियों द्वारा पैसों की मांग की जाती थी और लड़कियों के निजी वीडियो वायरल करने की धमकी दी जाती थी। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से 50 से अधिक लड़कियों की तस्वीरें और कई आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।








