• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

अलग-अलग संस्कृति के बावजूद हम सब एक हैं: योगी

Writer D by Writer D
25/12/2022
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, लखनऊ
0
CM Yogi

CM Yogi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। भारत के अलग-अलग राज्यों के खानपान भले ही अलग-अलग हों, लेकिन इस खानपान के बाद जो स्वाद और ऊर्जा है वो एक जैसी होती है। मैं चाहूंगा कि संस्कृति विभाग और आवास विभाग अलग-अलग विकास प्राधिकरणों के साथ मिलकर एक व्यवस्था करे कि हर महानगर के अंदर एक गली ही खानपान की होनी चाहिए, जहां लोग जाकर विभिन्न समाजों से जुड़े हुए इस खानपान का आनंद भी ले सकें और परिवार के साथ जाकर देख भी सकें कि अगर उन्हें तमिलनाडु जाना है तो वहां खाने को क्या मिलेगा। पंजाब जाना है तो वहां क्या मिलेगा। केरल, उत्तराखंड जैसी जगहों पर जाएंगे तो क्या खाने को मिलेगा। ये सभी खानपान विशिष्ट हैं। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित संस्कृतियों का संगम खानपान कार्यक्रम के अवसर पर कहीं। इससे पहले उन्होंने प्रदेशवासियों को क्रिसमस पर्व, पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई और भारत रत्न मदन मोहन मालवीय की जयंती की बधाई भी दी।

देश की सभी संस्कृतियां हैं हमारी ताकत

कार्यक्रम के दौरान खानपान के संगमम को लेकर सीएम योगी (CM Yogi) ने कहा कि ऐसा प्रयास होना चाहिए कि कुछ विशिष्ट गलियां बनें जो खानपान के लिए ही चिन्हित हों और वो भी अलग-अलग परंपरा से जुड़े हुए। यहां तमिल का खानपान भी हो, मलयालम का भी हो, तेलुगू भी हो, राजस्थानी भी हो, पंजाबी भी हो, सिंधी भी हो, उत्तराखंडी भी हो और उत्तराखंडी में भी गढ़वाल का भी हो, कुमाऊं का भी हो, जौनसार का भी हो। ऐसे ही उत्तर प्रदेश में भोजपुरी का हो, अवधी का हो, बुंदेलखंडी हो, ब्रज का हो। ये सभी संस्कृतियां देश की ताकत हैं। इसके साथ जुड़ा हुआ हमारा इतिहास, हमारा गौरव और गौरव की अनुभूति किसी भी समाज को आगे बढ़ाने का कार्य करता है। इसे निरंतरता के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यक्ता है।

CM Yogi

हमारी अनेकता ही है हमारी विशेषता

हम सब जानते हैं कि भारत के बारे में एक सामान्य सी बात देखने को मिलती है और वो है हमारी अनेकता है। हमारी विशेषता है कि उसमें अनेकता है। खानपान, वेशभूषा, भाषा, इन सबमें अनेकता है। लेकिन भाव और भंगिमा हम सबकी एक है। उत्तर से दक्षिण तक और पूरब से पश्चिम तक हम सब एक हैं। यह एकता ही संगमम है। संगम की परंपरा हमारे यहां अति प्रचीन काल से है। देश का सबसे बड़ा महासंगम प्रयागराज में है जहां गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों के साथ अदृश्य सरस्वती नदी का संगम भी है। यहां दुनिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन कुंभ के रूप में हम सबको देखने को मिलता है। अगर आप उत्तराखंड से चलेंगे तो अनेक प्रयाग आपको मिलेंगे। विष्णु प्रयाग, नंद प्रयाग, कर्ण प्रयाग, रुद्र प्रयाग, देव प्रयाग और फिर ये प्रयाग और ये संगमम आगे बढ़ते-बढ़ते हमारे वर्तमान प्रयागराज के रूप में देखने को मिलता है।

CM Yogi

दुष्प्रचार बेनकाब हुआ, एकता प्रगाढ़ हुई

काशी-तमिल संगमम का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि समाज की संस्कृति ही उसकी आत्मा है जो हम सबको एक सूत्र में पिरोती है। एकता के सूत्र को पिछले दिनों आप सबने काशी-संगमम के रूप में देखा है। तमिलनाडु से 12 ग्रुप एक महीने तक काशी में आए। उनमें छात्रों का ग्रुप था, शिक्षक थे, धर्माचार्य थे, कलाकार थे, हस्तशिल्पी थे, ग्राम्यविकास से जुड़े हुए किसान थे, श्रमिक थे। यहां इनके साथ एक और ग्रुप जुड़ता था और एक महीने तक यह कार्यक्रम चला। काशी के बाद उनका आगमन प्रयागराज में होता है और प्रयाग के बाद अयोध्या जाते हैं और फिर उनकी वापसी होती है। बहुत कुछ देखने और सुनने को मिला। इस प्रकार के संवाद और संगमम में जो तमाम प्रकार के विरोधाभाषी दुष्प्रचार था उसको दूर करने में एक बड़ी भूमिका का निर्वहन किया। तमिलनाडु में जिस प्रकार का दुष्प्रचार कुछ निहित स्वार्थी तत्वों को द्वारा फैलाया जाता था। यहां आकर उन्होंने जो देखा, जो महसूस किया वो संदेश अपने आप में बहुत बड़ा था। काशी-तमिल संगमम में आने वाला हर तमिलवासी अभिभूत होकर गया और उसे लगा कि वास्तव में जो लोग दुष्प्रचार करके तमिलनाडु के मन में उत्तर भारत के प्रति एक विष फैलाने का काम करते थे वो सभी बेनकाब हुए हैं। जब हम उस दुष्प्रचार को बेनकाब करते हैं तो एकता और प्रगाढ़ होती है।

CM Yogi

धरती माता की सेहत सुधारने के लिए आवश्यक है प्राकृतिक खेती

2023 को मिलेट वर्ष के रूप में चिन्हित करने के प्रधानमंत्री मोदी के निर्णय पर बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी की इस पहल को यूनेस्को ने मान्यता दी है। यानी जो हमारा परंपरागत खानपान था, जिसे हम मोटे अनाज के रूप में मान्यता देते थे। हमने उससे धीरे-धीरे पल्ला छुड़ाया तो उसका दुष्परिणाम बीमारियों के रूप में देखने को मिला। किसी को शुगर, किसी बीपी व अन्य प्रकार की पेट से जुड़ी बीमारियां लग गईं।

हम अगर अपनी परंपरा के साथ जुड़ेंगे तो दो चीजें हमें जरूर माननी होंगी। पहली हमारे महापुरुषों, ऋषियों, मुनियों ने खानपान की जो विशिष्ट शैली अलग-अलग राज्यों में वहां के क्षेत्र की बनावट और वहां की प्राकृतिक व सामाजिक बनावट के हिसाब से जो भी खानपान अनुमन्य किया था, वह एक विशिष्ट वैज्ञानिक सोच पर आधारित था। दूसरा उस समय एक प्रकार की प्राकृतिक खेती होती थी। केमिकल, फर्टिलाइजर, पेस्टीसाइड उसमें नहीं पड़ता था। आज केमिकल, फर्टिलाइजर, पेस्टीसाइड ने तमाम तरह की विकृतियां दी हैं। हमें प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देते हुए उसे परंपरागत खेती को फिर से आगे बढ़ाना होगा। इस तरह की खेती में कम पानी भी खर्च होता है और प्राकृतिक आपदाओं का कोई प्रभाव भी नहीं पड़ता है।

CM Yogi

कम मेहनत में अगर हम थोड़ी भी आधुनिकता अपना लेते तो हम कई गुना उत्पादकता बढ़ा सकते थे। हम उससे अलग रहे, जिसका परिमाण ये रहा कि आधुनिकता ने फिर एक नई होड़ प्रारंभ की और इस होड़ में केमिकल, फर्टिलाइजर, पेस्टीसाइड डालकर स्वस्थ धरती माता को जहरीला बना दिया। इससे उत्पन्न होने वाला खाद्यान्न कैसे स्वादिष्ट और विषमुक्त हो सकता है। इसलिए धरती माता की सेहत को सुधारने के लिए प्राकृतिक खेती और उस परंपरागत खेती को अपनाना होगा। मुझे विश्वास है कि ये मुहिम यहीं तक सीमित नहीं रहेगी। इस अवसर पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी भी उपस्थित रहे।

Tags: cm yogiLucknow News
Previous Post

अटल उत्तराखण्ड के विकास के लिए आधार तैयार किया: सीएम धामी

Next Post

ताजनगरी में मिला कोरोना का पहला केस, चीन से लौटा युवक संक्रमित

Writer D

Writer D

Related Posts

Nail Paint
Main Slider

आपके कई कामों को आसान बनाएगी नेलपेंट, जानें इस्तेमाल के तरीके

11/08/2026
Waxing
Main Slider

वैक्सिंग के बाद निकलने वाले छोटे दानों से हैं परेशान, आजमाए ये नुस्खें

11/08/2026
Gen-Z's creativity filled Kanwar with the colors of history and society with faith.
उत्तर प्रदेश

जेन-जी की क्रिएटिविटी ने कांवड़ में भरे आस्था संग इतिहास और समाज के रंग

10/08/2026
CM Dhami
Main Slider

सौर ऊर्जा से स्वरोजगार की नई राह, उत्तराखंड में 1132 प्लांट से 210 मेगावाट उत्पादन

10/08/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

राशन से डिजिटल निगरानी तक, योगी सरकार ने बदला यूपी का पोषण मॉडल

10/08/2026
Next Post
Corona

ताजनगरी में मिला कोरोना का पहला केस, चीन से लौटा युवक संक्रमित

यह भी पढ़ें

रिकॉर्ड कृषि उत्पादन और खरीद से किसानों को दी राहत : सूर्य शाही

12/04/2022
School van pelted with stones during Kanwar Yatra.

लखनऊ में कांवड़ यात्रा के दौरान स्कूल वैन पर पथराव, बच्चों में मची दहशत

03/08/2026

प्रयागराज में NH-96 के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण का कार्यशीघ्र पूरा कराया जाए : केशव मौर्य

09/11/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version