• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

अंतिम संस्कार के बाद लौटते समय पीछे मुड़कर न देखें, जानें कारण

Writer D by Writer D
07/05/2026
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Funeral

Garud Puran

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

कहा जाता है की मृत्यु के बाद इंसान की आत्मा परमात्मा में विलीन हो जाती है। मृत्यु के बाद कई तरह के कार्य किए जाते हैं। हिंदू धर्म में 16 संस्कार बताए गए हैं, जिनमें 16वां अंतिम संस्कार (Funeral) माना जाता है। इन संस्कारों के कई नियम भी होते हैं, जिनका पालन करना जरूरी होता है। अंतिम संस्कार (Funeral) के लिए श्मशान जाने वाले लोग कई बार अनजाने में कुछ ऐसे कार्य कर देते हैं, जो उन्हें नहीं करने चाहिए जिनका अशुभ परिणाम उन्हें भविष्य में देखने को मिलता है।

कहा जाता है की दाह संस्कार (Funeral)  के बाद श्मशान घाट से लौटते समय पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। इस बारे में गरुड़ पुराण में भी विस्तार से बताया गया है। आइए, जानते हैं कि इसका क्या कारण है ।

अमर मानी जाती है आत्मा

गरुड़ पुराण (Garud Puran) के अनुसार, मृत्यु के बाद आत्मा देह का त्याग कर देती है। अंतिम संस्कार के बाद शरीर भी भस्म हो जाता है, लेकिन आत्मा का अस्तित्व बना रहता है। भगवान कृष्ण ने भी गीता में कहा है कि आत्मा अमर, अजर और अविनाशी है। आत्मा को कोई भी शस्त्र मार नहीं सकता है और ना ही अग्नि जला सकती है। ना ही इसे पानी में से डुबाया जा सकता है। जब भी किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो श्मशान ले जाकर उसका अंतिम संस्कार किया जाता है।

अंतिम संस्कार (Funeral) की सारी क्रिया देखती है आत्मा

अंतिम संस्कार (Funeral) के बाद आत्मा दूसरे लोक में चली जाती है। यदि दाह संस्कार के बाद कोई परिवारजन पीछे मुड़कर देखता है, तो परिवार के प्रति आत्मा का मोह उसे दूसरे लोक में जाने नहीं देता है, इसलिए मृतक की आत्मा की शांति के लिए 13 दिनों तक कई कर्मकांड किए जाते हैं।

कहा जाता है कि मृत्यु के बाद आत्मा अपने अंतिम संस्कार की सारी क्रिया को देखती है। मृतक के परिजन श्मशान में मौजूद होते हैं और उनके प्रति उसका मोह होता है। ऐसे में जब पीछे मुड़कर देखते हैं, तो आत्मा को परलोक गमन करने में कठिनाई आती है।

Tags: AstrologyAstrology tipsgarud puran
Previous Post

Vat Savitri: बरगद की पूजा करते समय न करें ये गलतियां, वरना नहीं मिलेगा व्रत का पूर्ण फ़ल

Next Post

घर को ऐसे बनाए ठंडा, नहीं पड़ेगी कूलर या AC की जरूरत

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Dhami
Main Slider

मुख्यमंत्री धामी ने पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों एवं मत्स्य पालकों के साथ किया संवाद

07/05/2026
Anand Bardhan
Main Slider

टिहरी झील क्षेत्र को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए : मुख्य सचिव

07/05/2026
Governor dissolves West Bengal Assembly
Main Slider

पश्चिम बंगाल में विधानसभा भंग, ममता के इस्तीफा नहीं देने के बाद राज्यपाल ने लिया एक्शन

07/05/2026
cm dhami-cm yogi
Main Slider

यमकेश्वर में योगी-धामी की साझा हुंकार, विकास और आध्यात्मिक चेतना का दिया संदेश

07/05/2026
CM Yogi
Main Slider

उत्तर प्रदेश में अब ‘तुष्टीकरण’ नहीं, ‘संतुष्टिकरण’ की राजनीति: सीएम योगी

07/05/2026
Next Post
Summer

घर को ऐसे बनाए ठंडा, नहीं पड़ेगी कूलर या AC की जरूरत

यह भी पढ़ें

pavitra punia

कैप्टन ऐजाज खान के फैसले पर फूट-फूट कर रोने लगीं पवित्रा पूनिया

04/11/2020
Rats

चूहे की हत्या मामले में सामने आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, हुआ ये चौकाने वाला खुलासा

01/12/2022
kishor das

30 साल की उम्र में एक्टर का निधन, कैंसर का चल रहा था इलाज

02/07/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version