• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

Vat Savitri: बरगद की पूजा करते समय न करें ये गलतियां, वरना नहीं मिलेगा व्रत का पूर्ण फ़ल

Writer D by Writer D
07/05/2026
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Vat Savitri Vrat

Vat Savitri Vrat

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

वट सावित्री (Vat Savitri) व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु का प्रतीक है। हिंदू धर्म में इस व्रत का विशेष महत्व है, जहां महिलाएं यमराज से अपने पति के प्राण वापस लाने वाली माता सावित्री के त्याग और समर्पण को याद करती हैं। इस दिन बरगद (वट) के वृक्ष की पूजा की जाती है, लेकिन अक्सर अनजाने में महिलाएं पूजा के दौरान कुछ गलतियां कर बैठती हैं, जिससे व्रत का पूरा फल नहीं मिलता है। साल 2026 में यह पावन व्रत 16 मई 2026 को रखा जाएगा। आइए जानते हैं वट सावित्री व्रत के दिन बरगद के पेड़ करते समय किन गलतियों को करने से बचना चाहिए।

बरगद की पूजा करते समय न करें ये गलतियां

वट सावित्री (Vat Savitri) के दिन बरगद की पूजा करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है।जैसे व्रती महिलाओं को पूजा करते हुए बरगद के पेड़ पर सूत को उल्टा नहीं बांधना चाहिए। ये सबसे बड़ी गलती मानी जाती है जिससे व्रत का फल अधूरा रह सकता है। वहीं पेड़ की परिक्रमा को पूरी करें कभी भी अधूरी परिक्रमा नहीं करनी चाहिए।

सूत बांधने का सही तरीका क्या है?

वट सावित्री (Vat Savitri) व्रत में बरगद के पेड़ के चारों ओर सूत बांधना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसका सही तरीका इस प्रकार है। सूत हमेशा दक्षिणावर्त यानी दाएं से बाएं दिशा में घुमाते हुए बांधना चाहिए। सूत बांधते समय पेड़ की परिक्रमा जरूर करें और हर चक्कर में भगवान से प्रार्थना करें। सूत बांधते के बाद पूजा के आखिर में मन में पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करें।

कैसे करें वट सावित्री (Vat Savitri) का व्रत?

व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और नए वस्त्र व सोलह श्रृंगार धारण करें। बांस की टोकरी में सात प्रकार के अनाज, सावित्री-सत्यवान की मूर्तियां,धूप, दीप, घी, फल और फूल रखें। फिर सबसे पहले वट वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करें। पेड़ को रोली, अक्षत और भीगे हुए चने व गुड़ का भोग लगाएं। हाथ में भीगे चने लेकर सावित्री-सत्यवान की कथा सुनें या पढ़ें।

वट सावित्री (Vat Savitri) व्रत का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वट सावित्री व्रत की कथा सावित्री और सत्यवान से जुड़ी है। कहा जाता है कि सावित्री ने अपने तप, बुद्धि और दृढ़ संकल्प से यमराज से अपने पति के प्राण वापस ले लिए थे। इसी कारण यह व्रत वैवाहिक जीवन की मजबूती और पति की दीर्घायु के लिए रखा जाता है।

Tags: vat savitri
Previous Post

इस दिन लगेगा सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण, दिन में होगी रात

Next Post

अंतिम संस्कार के बाद लौटते समय पीछे मुड़कर न देखें, जानें कारण

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Yogi
Main Slider

हमने पिछली सरकारों के गड्ढों को भरा, अब यूपी को बुलेट ट्रेन की स्पीड से आगे बढ़ाने की बारी: सीएम योगी

11/05/2026
CM Dhami
Main Slider

नया भारत आतंकवाद का जवाब घर में घुसकर देता है: धामी

11/05/2026
mayawati
Main Slider

UP की कानून-व्यवस्था पर मायावती का हमला, ब्राह्मण समाज को बताया असुरक्षित

11/05/2026
Akhilesh Yadav
Main Slider

प्रचार ऑफलाइन, अब WFH की सलाह? अखिलेश का मोदी सरकार पर वार

11/05/2026
PM Modi-Rahul Gandhi
Main Slider

ये उपदेश नहीं नाकामी के सबूत हैं… PM मोदी की अपील पर राहुल गांधी का हमला

11/05/2026
Next Post
Funeral

अंतिम संस्कार के बाद लौटते समय पीछे मुड़कर न देखें, जानें कारण

यह भी पढ़ें

loot

बैंक कर्मचारियों को बंधक बनाकर लूटे पांच लाख

05/05/2023
Modi-Yogi

मोदी-योगी ने बदली पूर्वांचल की तस्वीर

12/07/2025
noida accident

फायर विभाग की तेज रफ्तार गाड़ी ने बाइक सवार को रौंदा, मौके पर मौत

04/07/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version