• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

ICICI ने आम आदमी के लिए बंद किए दरवाजे, न्‍यूनतम बैलेंस में किया भारी भरकम इजाफा

Writer D by Writer D
10/08/2025
in Business, Main Slider
0
ICICI

ICICI

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

ICICI बैंक अब आम लोगों के लिए अपने दरवाजे बंद कर रहा है। इसका पुख्ता संकेत हाल ही में बैंक के तरफ से बचत बैंक खाताधारकों के लिए औसत न्‍यूनतम बैलेंस में किए गए भारी-भरकम इजाफे से मिल रहे हैं। ICICI बैंक ने महानगरों और शहरी इलाकों में बचत बैंक (SB) खाताधारकों के लिए औसत न्यूनतम बैलेंस को नाटकीय रूप से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया है। लगभग एक हफ़्ते पहले तक यह 10,000 रुपये था। 1 अगस्त 2025 से आईसीआईसीआई (ICICI)  में खाता खोलने वाले सभी नए ग्राहकों को यह न्यूनतम औसत मासिक बैलेंस (MAMB) बनाए रखना होगा। ऐसा न करने पर उन्‍हें पैनल्‍टी चुकानी होगी।

इकोनॉमिक टाइम्‍स की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) के प्रवक्ता ने न्यूनतम बैलेंस की राशि में इतनी तेज़ी से बढ़ोतरी के पीछे के कारणों पर विस्तार से कुछ नहीं बताया। वहीं, ज़्यादातर मनी मैनेजर्स का मानना है कि जैसे-जैसे कुल जीडीपी बढ़ेगी, धन का वितरण असंतुलित होगा तो नतीजतन, अधिक से अधिक बैंक और वित्तीय संस्थान वेल्थ मैनेजमेंट में पैर जमाने की कोशिश करेंगे। पहले से ही बैंक, धनी बचतकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए म्यूचुअल फंड, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सेवा प्रदाता, प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल फंड से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं।

‘मास अफ्लुएंट’ ग्राहकों को लुभाने की होड़ और बिना बैंक वाले नागरिकों को संस्थागत वित्तीय दायरे में लाने की ज़रूरत के बीच संतुलन बनाने के लिए सरकार ने बैंकों को एक दशक से भी पहले अपने ‘नो-फ्रिल्स’ खातों को बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉज़िट अकाउंट (BSBDA) में बदलने के निर्देश दिए गए थे। इसका उद्देश्‍य आम आदमी को बैंकों से जोड़ना था। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, बीएसबीडीए (BSBDA) खातों में, जिसमें प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत खोले गए खाते भी शामिल हैं, किसी भी तरह के न्यूनतम बैलेंस की अनिवार्यता नहीं होती।

केंद्रीय बैंक की 1 जुलाई 2015 को जारी ‘कस्टमर सर्विस इन बैंक्स’ (Customer Service in Banks) संबंधी मास्टर सर्कुलर के मुताबिक, बीएसबीडीए (BSBDA) खातों के अलावा अन्य खातों के लिए बैंक, अपने बोर्ड के तरफ से स्वीकृत नीति के अनुसार, विभिन्न सेवाओं पर सेवा शुल्क तय कर सकते हैं, बशर्ते कि ये शुल्क वाजिब हों और उन सेवाओं को प्रदान करने की औसत लागत से बहुत अधिक न हों

Tags: ICICI bank
Previous Post

साहब दो जगह के मतदाता हैं… तेजस्वी यादव का बड़ा दावा, ऑनलाइन दिखाए सबूत

Next Post

सीएम धामी ने धराली में भेजी जा रही आपदा राहत सामग्री को किया रवाना

Writer D

Writer D

Related Posts

besan
Main Slider

गर्मियों में भी फेस में निखार लाएगा ये आटा`

24/05/2026
Shani Jayanti
Main Slider

कुंडली में शनि के कमजोर होने पर जीवन में होती हैं ऐसी भयंकर घटनाएं, करें उपाय

24/05/2026
Main Slider

सूर्य देव को अर्घ्य देते समय करें इस मंत्र का जाप, सुख-सौभाग्य की होगी प्राप्ति

24/05/2026
Sattu ke laddu
Main Slider

गर्मियों में ठंडक देंगे ये लड्डू, नोट करें आसान रेसिपी

24/05/2026
CM Dhami
Main Slider

मुख्यमंत्री धामी बोले-देवभूमि में सड़कों पर नमाज़ नहीं होने देंगे, कानून से ऊपर कोई नहीं

22/05/2026
Next Post
CM Dhami

सीएम धामी ने धराली में भेजी जा रही आपदा राहत सामग्री को किया रवाना

यह भी पढ़ें

भाजपा के खिलाफ भाकियू लामबंद, सपा उम्मीदवारों को जिताने की अपील

22/02/2022
vastu tips for plantation

कंगाली का कारण बनते हैं ये पौधे, घर में लाते हैं बर्बादी

15/05/2025
Shaun Pollock

शॉन पोलाक ने चुने IPL 2020 के पांच बेस्ट गेंदबाज

16/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version