• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

मुहम्मद यूनुस ने कहा- एमएफआई को जनता से जमाएं लेने की इजाजत

Desk by Desk
20/07/2020
in ख़ास खबर, राष्ट्रीय
0
अर्थशास्त्री मुहम्मद यूनुस

अर्थशास्त्री मुहम्मद यूनुस

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

कोलकाता| नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री मुहम्मद यूनुस ने कहा कि भारत में सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) को जनता से जमाएं स्वीकार करने की इजाजत दी जानी चाहिए। उन्होंने ‘पैनआईआईटी ग्लोबल ई-कन्क्लेव में कहा कि इस समय एमएफआई को धन के लिए बैंकों के पास जाना पड़ता है। बांग्लादेश स्थित ग्रामीण बैंक के संस्थापक यूनुस ने रविवार शाम कहा, ”भारत सरकार से मेरी अपील है कि एमएफआई को जनता से जमाएं स्वीकार करने की अनुमति दी जानी चाहिए। अभी वे पैसे के लिए बैंकों में जाते हैं।  उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने छोटे वित्त बैंक खोलने की अनुमति दी है, जो जमाएं स्वीकार करने में सक्षम हैं।

कारगिल :  नियंत्रण रेखा के पास बारुदी सुरंग विस्फोट से जवान शहीद

गौरतलब है कि उज्जीवन और जन जैसे कई एमएफआई ने आरबीआई से लाइसेंस पाने के बाद खुद को छोटे वित्त बैंक के रूप में तब्दील किया है।  उन्होंने कहा, ”वित्त लोगों के लिए आर्थिक ऑक्सीजन है। बैंकिंग प्रणाली गरीबों को पैसा उधार देने के लिए उत्सुक नहीं है, ऐसे में उनके लिए एक वैकल्पिक बैंकिंग चैनल विकसित किया जाना है।

भारत के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए अगले 10 साल स्वर्णिम

इस समय एमएफआई को जमाएं स्वीकार करने की अनुमति नहीं है। ऐसे में लाभार्थियों के लिए धन की लागत अधिक हो जाती है क्योंकि वे बैंकों से धन उधार लेते हैं।  यूनुस ने कहा कि एमएफआई क्षेत्र को सामाजिक व्यवसाय के रूप में परिभाषित किया जाना चाहिए। उन्होंने बिना मुनाफे के काम करने वाली संस्थाओं को तैयार करने पर भी जोर दिया।  यूनुस को 2006 में सूक्ष्म वित्त के क्षेत्र में उनके काम के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

Tags: Economist Muhammad YunusGrameen BankMFIMicro Finance Institutenobel prizeअर्थशास्त्री मुहम्मद यूनुसएमएफआईग्रामीण बैंकनोबेल पुरस्कारसूक्ष्म वित्त संस्थान
Previous Post

भारत के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए अगले 10 साल स्वर्णिम

Next Post

तिरुपति के वेंकटेश्वर मंदिर के पूर्व मुख्य पुजारी का कोविड-19 से निधन

Desk

Desk

Related Posts

Chardham Yatra
राजनीति

चारधाम यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, 20 लाख के करीब पहुंचे श्रद्धालु

23/05/2026
CM Dhami
Main Slider

मुख्यमंत्री धामी बोले-देवभूमि में सड़कों पर नमाज़ नहीं होने देंगे, कानून से ऊपर कोई नहीं

22/05/2026
Bhojshala
Main Slider

भोजशाला में 721 वर्ष बाद शुक्रवार को हुई महाआरती, वाग्देवी की प्रतिमा रखकर किया पूजन

22/05/2026
CM Dhami
राजनीति

फॉरेस्ट गार्ड के एक हजार पदों पर होगी नई नियुक्तियां: मुख्यमंत्री

22/05/2026
Savin Bansal
राजनीति

जिला प्रशासन की दर से नहीं लौटता कोई खाली, सब जगह से थकहार संजीव पहुंचा था डीएम द्वार

21/05/2026
Next Post
वेंकटेश्वर मंदिर के पूर्व मुख्य पुजारी का निधन

तिरुपति के वेंकटेश्वर मंदिर के पूर्व मुख्य पुजारी का कोविड-19 से निधन

यह भी पढ़ें

भारत के लिए तो पूरी धरती ही परिवार है

18/02/2022
Lakhimpur Kheri violence

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में दो और गिरफ्तार

02/01/2022
Flipkart

होली से पहले शुरू हुई Flipkart की धांसू सेल, सस्ते में खरीद सकते हैं TV-AC

03/03/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version