• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

दुनिया के किसी भी डॉक्टर के पास नहीं है मनुष्य के इस मर्ज की दवा

Desk by Desk
11/09/2020
in Main Slider, ख़ास खबर, फैशन/शैली
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लाइफ़स्टाइल डेस्क। आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार भले ही आपको थोड़े कठोर लगे लेकिन ये कठोरता ही जीवन की सच्चाई है। हम लोग भागदौड़ भरी जिंदगी में इन विचारों को भरे ही नजरअंदाज कर दें लेकिन ये वचन जीवन की हर कसौटी पर आपकी मदद करेंगे। आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से आज हम एक और विचार का विश्लेषण करेंगे। आज का ये विचार नजर और नजरिए पर आधारित है।

‘सोच अच्छी होनी चाहिए…क्योंकि नजर का इलाज तो संभव है लेकिन नजरिए का नहीं।’ आचार्य चाणक्य

आचार्य चाणक्य के इस कथन का मतलब है कि किसी भी मनुष्य की हमेशा सोच अच्छी होनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि नजर का तो इलाज संभव है लेकिन नजरिए का नहीं। आचार्य चाणक्य इस लाइन में कहना चाहते हैं कि अगर किसी व्यक्ति की नजर कमजोर हो गई है तो उसका इलाज संभव है। वो इसके लिए किसी भी डॉक्टर से परामर्श या फिर चेकअप करा सकता है। इसका इलाज दुनिया के किसी भी डॉक्टर के पास मौजूद है।

नजर कमजोर होने पर आसपास या फिर दूर की चीजें धुंधली दिखने लगती हैं। ऐसे में आईड्रॉप डालकर या फिर चश्मे का इस्तेमाल करके आप अपनी नजर को बढ़ा सकते हैं। ऐसा करने पर आपको जो चीजें धुंधली दिख रही हैं वो साफ-साफ दिखाई देने लगेंगी। लेकिन अगर किसी के नजरिए पर धूल जम गई तो उसे साफ करना किसी भी डॉक्टर के बस के बाहर है। ऐसा इसलिए क्योंकि सोच इंसान के दिमाग की उपज होती है। दिमाग से निकलने वाली ये सोच इंसान खुद बनाता है। इस कारण वो अपने नजरिए पर सबसे ज्यादा भरोसा करता है।

अगर कोई व्यक्ति उसके नजरिए को बदलने या फिर उस पर सवाल उठाता है तो उसकी सामने वाले से बहस होना तय है। ऐसा इसलिए क्योंकि व्यक्ति को लगता है जो नजरिया उसने बनाया है वो अपने आसपास की चीजों को देखकर बनाया है। जिसके बाद उसने अपनी ये राय बनाई। भले ही वो नजरिया ठीक ना भी हो तो भी वो उसे उस पर अटूट विश्वास होता है। ऐसे में इस इंसान को समझाने या फिर बदलने की कोशिश करने का मतलब है कि पत्थर से सिर फोड़ना। इसी वजह से आचार्य चाणक्य ने कहा है कि नजरिए या इलाज नहीं किया जा सकता।

Tags: chanakyachanakya nitichanakya niti in hindichanakya niti life lessonschanakya niti quoteschanakya quoteschanakya storiesJeevan Mantrashort note on chanakyaचाणक्य नीतिचाणक्य ने अनमोल विचार
Previous Post

निजीकरण की मुहिम चला कर राेजगार के अवसरों को बेच रही है भाजपा : अखिलेश

Next Post

अन्नदाता के लिए प्रदेश सरकार से आर पार की लड़ाई को तैयार : लल्लू

Desk

Desk

Related Posts

Apple Shake
खाना-खजाना

अपने दिन की शुरुआत करें हेल्दी ड्रिंक के साथ

30/05/2026
Peel-off Mask
फैशन/शैली

पील-ऑफ मास्क के इस्तेमाल के समय ना करें ये गलतियां

30/05/2026
fiber
फैशन/शैली

डाइट में शामिल करें फाइबर से भरपूर फूड

30/05/2026
Ants
Main Slider

चीटियों को घर से भगाने के लिए करें ये समाधान

30/05/2026
Dark Neck
फैशन/शैली

काली गर्दन दूसरों के आगे करती है शर्मिंदा, तो ऐसे पाएं छुटकारा

30/05/2026
Next Post
अजय कुमार लल्लू

अन्नदाता के लिए प्रदेश सरकार से आर पार की लड़ाई को तैयार : लल्लू

यह भी पढ़ें

ज्योतिरादित्य सिंधिया Jyotiraditya Scindia

ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले- कमलनाथ और दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश के सबसे बड़े गद्दार

12/09/2020
garden

घर में पड़ी बेकार चीजों से सजाए अपना गार्डन, यहां से ले इसके आइडियाज

17/01/2022

कनौजी ददुआ की बतकही

04/02/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version