• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

आंवला नवमी पर इस विधि से करें पूजा, वृक्ष की आराधना से मिलेंगे शुभ फल

Writer D by Writer D
31/10/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Amalaki Ekadashi

Amalaki Ekadashi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आंवला नवमी (Amla Navami) या अक्षय नवमी के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष यह पावन तिथि 31 अक्टूबर 2025 (शुक्रवार) को पड़ रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक नवमी से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक भगवान विष्णु आंवले के वृक्ष में निवास करते हैं, इसलिए इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। कहा जाता है कि इस दिन श्रद्धा से की गई पूजा, दान और व्रत से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

आंवला नवमी (Amla Navami) का धार्मिक महत्व

पौराणिक ग्रंथों में वर्णित है कि आंवले का संबंध सीधे भगवान विष्णु से है। माना जाता है कि इस दिन भगवान कृष्ण ने कंस के आमंत्रण पर वृंदावन छोड़कर मथुरा की ओर प्रस्थान किया था। ‘पद्म पुराण’ और ‘स्कंद पुराण’ में आंवले को दैवीय फल बताया गया है। एक कथा के अनुसार, आंवले का जन्म ब्रह्मा जी के आंसुओं से हुआ, जबकि दूसरी कथा कहती है कि समुद्र मंथन के समय अमृत कलश से गिरी अमृत बूंदों से पृथ्वी पर आंवले का जन्म हुआ। इसी कारण यह वृक्ष अमृत तुल्य और पवित्रता का प्रतीक माना गया है।

लक्ष्मी जी और आंवले के वृक्ष की कथा

एक बार माता लक्ष्मी पृथ्वी लोक पर भ्रमण करने आईं। उनके मन में विचार आया कि वे भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की एक साथ पूजा करें। उन्होंने देखा कि भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है, जबकि भगवान शिव को बेलपत्र सबसे प्रिय हैं। तब देवी लक्ष्मी ने पाया कि इन दोनों के गुण एक साथ आंवले के वृक्ष में विद्यमान हैं। इसलिए उन्होंने आंवले के वृक्ष को ही दोनों देवताओं का प्रतीक मानकर उसकी श्रद्धा से पूजा की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर विष्णु और शिव स्वयं प्रकट हुए और माता लक्ष्मी ने आंवले के पेड़ के नीचे उन्हें भोजन कराया। इसके बाद उन्होंने उसी भोजन को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। तभी से इस दिन को आंवला नवमी (Amla Navami) के रूप में मनाने की परंपरा प्रारंभ हुई।

आंवले की पूजा और दान का महत्व

शास्त्रों में कहा गया है कि आंवले के वृक्ष की पूजा, आंवले से स्नान, आंवले का सेवन और आंवले का दान करने से मनुष्य को अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। ‘चरक संहिता’ में इसका उल्लेख है कि इसी दिन महर्षि च्यवन ने आंवले के नियमित सेवन से सदा युवा रहने का वरदान पाया था। यह भी मान्यता है कि सतयुग की शुरुआत कार्तिक शुक्ल नवमी के दिन ही हुई थी।

शंकराचार्य और निर्धन स्त्री की प्रेरणादायक कथा

एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, इस तिथि पर आदि शंकराचार्य भिक्षा के लिए निकले थे। तब एक निर्धन स्त्री ने उन्हें केवल एक सूखा आंवला दान में दिया। उसकी दरिद्रता देखकर शंकराचार्य का हृदय द्रवित हो उठा और उन्होंने मां लक्ष्मी की स्तुति ‘कनकधारा स्तोत्र’ का पाठ किया।

उनकी प्रार्थना से प्रसन्न होकर मां लक्ष्मी ने उस गरीब महिला के घर स्वर्ण आंवलों की वर्षा कर दी और उसकी गरीबी हमेशा के लिए समाप्त हो गई। तब से आंवला नवमी (Amla Navami) को दान, श्रद्धा और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

Tags: Amala Navami
Previous Post

प्रदोष व्रत के दिन पितृ दोष से मिलेगा छुटकारा, इस स्त्रोत का करें पाठ

Next Post

इस दिन शनि देव बदलेंगे चाल, इन राशियों पर बरसेगी कृपा

Writer D

Writer D

Related Posts

Asha Bhosle
Main Slider

खामोश हुईं सुरों की रानी: आशा भोसले का निधन, 92 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

12/04/2026
cm dhami
Main Slider

हल्द्वानी में सीएम धामी का संदेश: नशे को ‘ना’, जीवन को ‘हाँ’

12/04/2026
CM Nayab Saini
Main Slider

हरियाणा स्टार्टअप्स के मामले में सातवां सबसे बड़ा राज्य : नायब सैनी

11/04/2026
CM Yogi
Main Slider

टाइम्स सम्मान-2026 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी

11/04/2026
Asha Bhosle
Main Slider

आशा भोसले को आया हार्ट अटैक, अस्पताल में भर्ती

11/04/2026
Next Post
Shani

इस दिन शनि देव बदलेंगे चाल, इन राशियों पर बरसेगी कृपा

यह भी पढ़ें

ट्रेन-बस की जोरदार टक्कर में दो यात्रियों की मौत, छह अन्य घायल

22/06/2021
Makar Sankranti

मकर संक्रांति पर करें भगवान सूर्य की विशेष आरती, सभी कार्य होंगे सफल

15/01/2024
Shiva

सोमवार को करें ये उपाय, शादीशुदा जिंदगी में आएगी मधुरता

05/08/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version