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पिथौरागढ़ : भूस्खलन के मलबे में दबकर तीन लोगों मौत, 11 लापता

नैनीताल। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में रविवार रात को अतिवृष्टि के कारण हुए भूस्खलन से दो गांवों में तीन लोगों की मौत हो गयी है और अन्य 11 लापता हो गए तथा पांच लोग घायल हो गये हैं। अतिवृष्टि के कारण भूस्खलन से मदकोट और सिरतौला में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गये हैं। मौके पर युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पिथौरागढ़ की घटनाओं पर दुख जताते हुए जिलाधिकारी को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए है। उन्होंने पीड़ित लोगों को सहायता राशि प्रदान करने के लिए निर्देश दिए है।

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पिथौरागढ़ के बंगापानी तहसील में पिछले दो दिनों में यह दूसरी बड़ी घटना है। प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मल्ला गैला और टांगा ग्राम पंचायतों में कल रात भारी बारिश के कारण भूस्खलन के मलबे की चपेट में कई घर आ गये हैं। मल्ला गैला गांव में एक मकान के मलबे में दब कर एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गयी है। तीनों के शव को बरामद कर लिया गया है। मृतकों की पहचान शेर सिंह, पत्नी गोविंदी देवी और पुत्री ममता के रूप में हुई है। जबकि पांच लोग घायल हो गए हैं। घायलों में शेर सिंह, रूक्मणी देवी, प्रियंका देवी, शीला देवी एवं ढाई साल का बच्चा मंकू शामिल है। मल्ला गैला में भूस्खलन की चपेट में आकर शेर सिंह, महेन्द्र सिंह और मान सिंह के मकान भी क्षतिग्रस्त हो गये हैं। मदकोट और मुनस्यारी से राज्य आपदा प्रबंधन बल (एसडीआरएफ) एवं राजस्व विभाग की टीम को आज सुबह ही प्रभावित गांव के लिये रवाना किया गया। टीम ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर मौके पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

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दूसरी घटना बंगापानी तहसील के ही मुनियाल ग्राम सभा के टांगा तोक की है। यहां भी कल रात तेज बारिश के कारण हुए भूस्खलन की चपेट में आने से कई घरों को नुकसान पहुंचा है। भूस्खलन की चपेट में आए 11 लोग लापता हैं। एक घायल व्यक्ति को मलबे से जिंदा निकाला गया है। घायल व्यक्ति को उपचार के लिये अस्पताल ले जाया गया है। यहां भी दो मकान क्षतिग्रस्त हो गये हैं। घटनास्थल की ओर एसडीआरएफ, राजस्व एवं पुलिस की टीम को रवाना किया गया है। विस्तृत रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है।

जिलाधिकारी डाॅ. विजय कुमार जोगदंडे एवं अपर जिलाधिकारी आर के पालीवाल खुद हालात का जायजा ले रहे हैं। उपजिलाधिकारी बंगापानी अनिल शुक्ला खुद मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य संचालित कर रहे हैं।

इसी प्रकार बाता मदकोट में भी अतिवृष्टि के चलते दो मकान क्षतिग्रस्त हो गये हैं जबकि कुछ मवेशियों के बहने की सूचना है। सिरतोला में भी भारी बारिश व भूस्खलन व तीन मकानों में मलबा घुस गया है।

जिलाधिकारी जोगदंडे ने भी मल्ला गैला एवं टांगा में हुई घटनाओं की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कई मोटर मार्ग एवं सड़कों भी नुकसान हुआ है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत क्षतिग्रस्त सड़कों एवं मार्गों को दुरूस्त करने का काम किया जा रहा है।

इससे पहले रविवार को भी भारी बारिश के कारण पिथौरागढ़ के बंगापानी गांव में पांच मकान गोरी नदी में समा गये थे जबकि शेरा सुरई, धापा एवं फलौटा गांव में 30 परिवारों को विस्थापित किया गया था।

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