• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

योगी सरकार का एसएन मेडिकल कॉलेज अन्य राज्यों के नवजात को भी दे रहा नया जीवन

Writer D by Writer D
05/05/2026
in स्वास्थ्य, आगरा
0
SN Medical College

SN Medical College

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ: योगी सरकार (Yogi Government) द्वारा प्रदेश में नवजात मृत्यु दर (आईएमआर) को और कम करने के लिए अपग्रेड की जा रही स्वास्थ्य इकाइयों का लाभ दूसरे राज्यों के बच्चों को भी मिल रहा है। लगातार नए विकसित हो रहे व अपग्रेड हो रहे सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू), न्यूबॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट (एनबीएसयू), सी-पैप मशीन के प्रयोग से प्रदेश में तो आईएमआर कम हुआ ही है, मध्यप्रदेश, राजस्थान जैसे दूसरे राज्यों के नवजातों की जान बचाने में भी यूपी की स्वास्थ्य इकाइयां मददगार साबित हो रहीं हैं।

हर साल मध्यप्रदेश व राजस्थान के तकरीबन 200 बच्चों को नवजीवन मिल रहा

आगरा के सरोजनी नायडू (एसएन) मेडिकल कालेज (SN Medical College) की ही मिसाल ले लीजिए। इस मेडिकल कालेज में हर साल मध्यप्रदेश व राजस्थान के तकरीबन 200 बच्चों को नवजीवन मिलता है। मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू के नोडल अधिकारी प्रो. नीरज यादव के मुताबिक यूपी के अलावा इन दोनों राज्यों के एक दर्जन जिलों से आए बच्चों का यहां इलाज किया जाता है।

राजस्थान के धौलपुर जिले से आई 27 वर्षीय सुमन ने बताया कि हमारे जनपद के कई बच्चों को एसएन मेडिकल कालेज में नया जीवन मिला है। यह बात मुझे पता थी। लिहाजा जन्म के छठे दिन जब मेरे बच्चे की तबियत खराब हुई तो हम उसे सीधे आगरा लेकर भागे। एसएन मेडिकल कॉलेज (SN Medical College) में 18 अप्रैल को बच्चे का इलाज शुरू हुआ। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चे को संक्रमण हो गया था। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। बच्चे को सी-पैप सपोर्ट पर रखा गया। धीरे-धीरे बच्चा स्वस्थ हो गया और अपने घर चला गया। सुमन ने कहा कि एसएन मेडिकल कॉलेज जाना हमारे लिए भी वरदान साबित हुआ।

सुमन तो एक मिसाल भर है। प्रो. नीरज यादव बताते हैं कि राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर और मध्य प्रदेश के भिंड व मुरैना से काफी बच्चे मेडिकल कालेज में आते हैं और उनका इलाज किया जाता है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में एक साल में लगभग 1800 मरीज भर्ती होते हैं, जिसमें एक प्रतिशत यानि लगभग 200 बच्चे दूसरे राज्यों के होते हैं। प्रो. नीरज ने बताया कि 25 प्रतिशत प्री-मैच्योर बच्चों की संख्या होती है। इसके अलावा 800 से 1000 ग्राम के कई बच्चे भी स्वस्थ होकर गए हैं। आगरा के आसपास के लगभग एक दर्जन जिलों के मरीजों को एसएन मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर रहा है।

नोडल अधिकारी ने बताया कि एसएनसीयू में स्थापित सी-पैप मशीनें काफी उन्नत और किफायती तकनीक वाली हैं, जिसके दुष्प्रभाव भी काफी कम हैं। सी-पैप द्वारा निश्चित अनुपात में ऑक्सीजन व हवा को नाक के जरिए फेफड़ों तक पहुंचाया जाता है और बच्चे को सांस लेने में आसानी होती है। वेंटिलेटर की तुलना में सी-पैप के अधिक फायदे हैं। बच्चे की कंगारू मदर केयर (केएमसी) भी जल्दी शुरू हो जाती है। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि एसएनसीयू में केवल आगरा ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों एवं राजस्थान व मध्य प्रदेश के एक दर्जन जिलों से मरीज आते हैं। हमारी टीम नवजातों का उपचार करके उनकी जान बचा रहे हैं।

प्रदेश में लगातार सुदृढ़ हो रहीं बाल स्वास्थ्य सेवाएं

राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वे (एनएफएचएस-5) के अनुसार उत्तर प्रदेश में एक हजार में से 28 नवजात की मृत्यु विभिन्न कारणों से हो जाती है। इसको कम करने के लिए प्रदेश में इस वक्त 48 एसएनसीयू सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। एसएनसीयू में स्थापित सी-पैप मशीनें नवजातों के लिए वरदान साबित हो रही हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के महाप्रबंधक डॉ. मिलिंद वर्धन प्रदेश में नवजात मृत्यु दर को कम करने में सीपैप को गेम-चेंजिंग उपाय के रूप में देखते हैं।

खासकर एसएनसीयू के भीतर, जहां सांस लेने में तकलीफ़ नवजात शिशुओं की मृत्यु का मुख्य कारण बनी हुई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल ने बताया कि पहले चरण में 48 एसएनसीयू के लिए 350 डाक्टरों, कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है। दूसरे चरण में बाकी बचे सभी 72 यूनिट में ट्रेनिंग व अन्य कार्य किए जाएंगे।

Tags: sn medical college
Previous Post

गन्ने की फसल पर चूसक कीटों का खतरा, विभाग ने जारी किया अलर्ट

Next Post

शिक्षकों को सम्मान-सुरक्षा का संबल, यूपी में अब सशक्त शिक्षा व्यवस्था

Writer D

Writer D

Related Posts

teeth
फैशन/शैली

दांतों के पीलेपन को दूर करेंगे ये घरेलू नुस्खे

13/06/2026
black tea
फैशन/शैली

स्ट्रेस से राहत दिलाएगी ये खास चाय, आज ही डाइट में करें शामिल

11/06/2026
steam
Main Slider

खूबसूरत और जवान बने रहने के लिए जरूर लिया करे भाप, जाने तरीके और फायदे

04/06/2026
benefits of hugging
Main Slider

गले लगाना स्वास्थ्य के लिए होता है फायदेमंद, जाने कैसे

04/06/2026
Child care
Main Slider

मानसून में बच्चों को होती है खास देखभाल की जरूरत, यूँ रखें ध्यान

04/06/2026
Next Post
Support of respect and security to teachers

शिक्षकों को सम्मान-सुरक्षा का संबल, यूपी में अब सशक्त शिक्षा व्यवस्था

यह भी पढ़ें

लखनऊ : तालकटोरा इलाके में युवक ने फांसी लगाकर दी जान

17/12/2020
ADM Surjit Singh

अयोध्या के ADM की संदिग्ध हालत में मौत, इस हाल में मिली डेड बॉडी

24/10/2024
nude makeup

घर पर ही करें न्यूड मेकअप, जानें स्टेप बाय स्टेप

10/03/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version