• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

ब्याज-पर-ब्याज से राहत देने के निर्णय से कर्जदारों को होगा फायदा

Desk by Desk
27/10/2020
in ख़ास खबर, राष्ट्रीय
0
Interest on interest

ब्याज पर ब्याज

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली| बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लिए गए 40 प्रतिशत से अधिक कर्ज तथा 75 प्रतिशत कर्जदार संचयी ब्याज यानी ब्याज-पर-ब्याज से राहत देने के निर्णय से लाभान्वित होंगे। वहीं इससे सरकारी खजाने पर करीब 7,500 करोड़ रुपये का बोझ आएगा। क्रिसिल की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। सरकार ने पिछले शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय के समक्ष कहा कि वह 2 करोड़ रुपये तक के कर्ज पर संचयी ब्याज से छूट देगी। इसके तहत बैंकों को संचयी ब्याज और साधारण ब्याज के बीच अंतर की राशि उपलब्ध करायी जाएगी।

उसने कहा कि यह सुविधा सभी कर्जदारों को मिलेगी। भले ही उसने किस्त भुगतान को लेकर दी गई मोहलत का लाभ उठाया हो या नहीं। लेकिन इसके लिए शर्त है कि कर्ज की किस्त का भुगतान फरवरी के अंत तक होता रहा हो यानी संबंधित ऋण गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) नहीं हो।

कर्ज लेने वाले लोगों की संख्या में हुई तेजी से बढ़ोतरी, फर्जी ऐप्स का न लें सहारा

क्रिसिल ने सोमवार को एक रिपोर्ट में कहा, ‘इस प्रकार के कर्ज संस्थागत व्यवस्था (बैंक, वित्तीय संस्थान) द्वारा दिए गए कर्ज का 40 प्रतिशत है। इससे 75 प्रतिशत कर्जदारों को लाभ होगा। जबकि सरकार के खजाने पर करीब 7,500 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। इसमें कहा गया है कि अगर यह राहत केवल उन्हीं को दी जाती, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण रिजर्व बैंक द्वारा कर्ज लौटाने को लेकर दी गई मोहलत का लाभ उठाया, तो सरकारी खजाने पर बोझ आधा ही पड़ता।

सरकार ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से पांच नवंबर तक पात्र कर्जदारों के खाते में राशि डालने को को कहा है। यह राशि छूट अवधि छह महीने के दौरान संचयी ब्याज और साधारण ब्याज का अंतर के बराबर होगी। क्रिसिल के अनुसार अगर दो करोड़ रुपये तक कर्ज लेने वाले पात्र कर्जदारों को ब्याज-पर-ब्याज समेत पूरी तरह से ब्याज पर छूट दी जाती तो सरकारी खजाने पर बोझ 1.5 लाख करोड़ रुपये पड़ता।

Tags: CrisilInterest on interestLoan MoratoriumRBIआरबीआईक्रिसिलब्याज पर ब्याजलोन मोरेटोरियम
Previous Post

कर्ज लेने वाले लोगों की संख्या में हुई तेजी से बढ़ोतरी, फर्जी ऐप्स का न लें सहारा

Next Post

प्रैक्टिस और आर्थिक अनियमितताओं में लिप्त चार्टर्ड एकाउंटेंट के खिलाफ हुआ सख्त

Desk

Desk

Related Posts

Ashish Chauhan
उत्तराखंड

औचक निरीक्षणः कोरोनेशन अस्पताल की बदहाली पर भड़के डीएम, व्यवस्थाएं सुधारने के सख्त निर्देश

01/07/2026
CM Dhami
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने डॉक्टर्स डे पर चिकित्सकों को बताया “देवभूमि के आरोग्य प्रहरी”, सेवा भावना को किया नमन

01/07/2026
Ashish Chauhan
उत्तराखंड

मानसून में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, जनसुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकताः डॉ0 आशीष चौहान

01/07/2026
CM Dhami
उत्तराखंड

धामी सरकार ने विकास कार्यों और आपदा राहत के लिए जारी किए रु. 8.61 करोड़, उत्तरकाशी के प्रभावित परिवारों को मिलेगी सहायता

01/07/2026
Madrasa Board abolished in Uttarakhand
उत्तराखंड

उत्तराखंड में शिक्षा सुधार का नया अध्याय: मदरसा बोर्ड समाप्त, अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का शुभारंभ

01/07/2026
Next Post
Chartered Accountants degree taken away

प्रैक्टिस और आर्थिक अनियमितताओं में लिप्त चार्टर्ड एकाउंटेंट के खिलाफ हुआ सख्त

यह भी पढ़ें

पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ यौन शोषण का मामला बंद

18/02/2021
Arrested

दो शातिर बदमाश गिरफ्तार

22/03/2023
AIMIM councilor shot dead

AIMIM के पार्षद की गोलियों से भूनकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस

28/08/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version