• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कब मनाई जाएगी गुरु नानक जयंती? जानें पर्व का महत्व

Writer D by Writer D
05/11/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Guru Nanak

Guru Nanak

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

गुरु नानक जयंती (Guru Nanak Jayanti) सिख धर्म का बड़ा ही विशेष और महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इसे लोग गुरुपर्व और गुरु नानक प्रकाश पर्व के नाम से भी जानते हैं। गुरु नानक जयंती का पर्व गुरु नानक देव जी की याद में मनाया जाता है। गुरु नानक देव जी (Guru Nanak) सिख धर्म के संस्थापक और पहले गुरु थे। सिख समुदाय के लोगों के लिए ये गुरुपर्व आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है।

इस दिन देश भर के गुरुद्वारों की साज-सज्जा देखते ही बनती हैं। गुरु नानक जयंती (Guru Nanak Jayanti) पर गुरुद्वारों में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ होता है। गुरु नानक जी के उपदेश याद किए जाते हैं।

कब है गुरु नानक जयंती (Guru Nanak Jayanti)?

पंचांग के अनुसार, हर वर्ष अक्टूबर और नवंबर के बीच में आने वाली कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि पर गुरु नानक देव की जयंती (Guru Nanak Jayanti) मनाई जाती है। इस साल कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत आज रात को 10 बजकर 36 मिनट पर हो रही है। इस तिथि का समापन कल यानी 5 नवंबर को 6 बजकर 48 मिनट पर होगा। ऐसे में इस साल गुरु नानक देव की जयंती 5 नवंबर यानी कल मनाई जाएगी।

गुरु नानक जयंती (Guru Nanak Jayanti) का इतिहास और महत्व

गुरु नानक देव (Guru Nanak) की जंयती सिखों का सबसे पवित्र पर्व है। ये दिन गुरु नानक देव के जन्मदिन का उत्सव तो है ही, साथ में उनके सभी जीवन दर्शन जैसे- सच बोलना, समानता का व्यवहार करना और नि:स्वार्थ सेवा को जीवन में अपनाने का मौका भी है। गुरु नानक जंयती की तैयारियां दो दिन पहले शुरु हो जाती हैं। गुरुद्वारों में 48 घंटों का अंखड पाठ होता है। हर दिशा में गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र शब्द सुनाई देते हैं।

पर्व से पहले नगर से किर्तन निकलता है। झांकियां सजाई जाती हैं। गुरुपर्व की सुबह प्रभात फेरी नाम की एक पवित्र यात्रा निकलती है। उस दौरान सभी भक्तजन अरदास करते हुए कीर्तन गाते हैं। गुरु नानक जयंती पर दिन भर लंगर सेवा चलाई जाती है। गुरु नानक देव जी (Guru Nanak) ने समानता, सेवा और प्रेम का संदेश दिया था।

उन्होंने सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया और उन्हें दूर करने की कोशिश की थी। गुरु नानक देव की जंयती पर लोगों के बीच उनकी शिक्षाएं बताई जाती हैं। इसलिए गुरु नानक जयंती को प्रकाश पर्व के नाम से जाना जाता है।

Tags: Guru Nanak Jayanti
Previous Post

स्किन की कई समस्या को दूर करेंगा ये पैक, जानें बनाने का तरीका

Next Post

कार्तिक पूर्णिमा पर करें तुलसी पूजा, जानें पूजन विधि और मुहूर्त

Writer D

Writer D

Related Posts

Beetroot Lassi
खाना-खजाना

प्रचंड गर्मी से बचाएगी ये स्पेशल ड्रिंक, सेहत का ध्यान रखते हुए स्वाद में भी लुभाएगी

22/05/2026
फैशन/शैली

इस छोटी सी चीज खाने के होते है ये फायदे

22/05/2026
Sushma Kharwal
Main Slider

लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल के वित्तीय-प्रशासनिक अधिकार सीज, जानें पूरा मामला

21/05/2026
cm yogi
Main Slider

भीषण गर्मी पर सीएम योगी ने दिए सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश

21/05/2026
Dearness Allowances
Main Slider

सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने बढ़ाया दो फीसदी महंगाई भत्ता

21/05/2026
Next Post
Basant Panchami

कार्तिक पूर्णिमा पर करें तुलसी पूजा, जानें पूजन विधि और मुहूर्त

यह भी पढ़ें

Jyoti Malhotra

आतंकी हमले से पहले पहलगाम गयी थी यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा, फिर पाकिस्तान के लिए हुई रवाना

19/05/2025
weekly number

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार साप्ताहिक अंकराशि किन के लिए लाभदायक

13/03/2022
CM Dhami

राजस्थान और उत्तराखंड, वीरों एवं बलिदानियों की भूमि है: सीएम धामी

11/09/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version