• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

20th Anniversary of Parliament Attack: आज के दिन लहूलुहान हुआ था ‘लोकतंत्र का मंदिर’

Writer D by Writer D
13/12/2021
in Main Slider, नई दिल्ली, राष्ट्रीय
0
parliament attack

parliament attack

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लोकतंत्र के सबसे बडे मंदिर पर 20 वर्ष पूर्व 13 दिसम्बर 2001 को हुए आतंकवादी हमले ने न केवल भारतीय अस्मिता के मस्तक पर गहरा आघात किया बल्कि देश को ऐसा घाव दिया जो लंबे समय तक झकझोरता रहेगा।

हमले के मुख्य दोषी अफजल गुरु को हमले के 12 वर्ष बाद भले ही फंसी हो गई लेकिन फांसी चढ़ाने को लेकर देश में जिस तरह की राजनीति हुई उससे न केवल सुरक्षाबलों के मनोबल को ठेस पहुंची बल्कि लोकतंत्र शहीद हुए जवानों के परिजनों को न्याय मिलने में भी देरी हुई।

13 दिसम्बर 2021 को संसद की सुरक्षा में तैनात दिल्ली पुलिस के पांच कर्मचारियों नानक चंद, रामपाल, ओमप्रकाश, बिजेंद्र सिंह और घनश्याम के अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में महिला कर्मचारी कमलेश कुमारी, संसद में सुरक्षाकर्मी जगदीश यादव और मातबर सिंह नेगी के लिये यह दिन भी सामान्य दिनों की ही तरह था लेकिन उन्हें यह नहीं मालूम था कि यह दिन उनके जीवन का अंतिम दिन है, उन्हें नहीं मालूम था कि जिस लोकतंत्र के मंदिर की सुरक्षा का प्रहरी बनने पर उन्हें नाज है उसी लोकतंत्र की अस्मिता बचाने के लिये उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ेगी। एक तरफ यह सभी जवान संसद के भीतर मौजूद तमाम बड़े नेताओं, मंत्रियों व सांसदों की जान को सुरक्षित रखने के लिये अपनी जान को दांव पर लगाये हुए थे तो दूसरी ओर आतंकवादियों के रूप में मौत तांडव करती हुई उनकी ओर बढ़ रही थी।

BSF ने पाकिस्तानी महिला घुसपैठिए को मार गिराया, सर्च अभियान जारी

सवेरे लगभग साढ़े दस बजे गृह मंत्रालय का स्टीकर लगी एक अंबेसडर कार संसद परिसर में प्रवेश किया, उस समय कुछ सांसदों की गाडियां भी आवागमन कर रही थी, किसी को अंदाजा तक नहीं था कि सफेद रंग की कार में पांच आतंकवादी हैं और कार में भारी मात्रा में आरडीएक्स है। गेट नंबर 11 से उपराष्ट्रपति बाहर निकलने वाले थे, इसलिये उनकी गाडियों का काफिला उपराष्ट्रपति का वहां इंतजार कर रहा था। सफेद अंबेसडर को गेट नंबर 11 की ओर बढ़ते देख जब जहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोका तो गोलीबारी शुरु हो गई और लगभग 45 मिनट तक लोकतंत्र का यह मंदिर मूक होकर आतंकवादियों का तांडव देखता रहा। सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों को मार कर  संसद परिसर में मौजूद मंत्रियों व सांसदों की जान तो बचा ली लेकिन उक्त पांच जवान अपनी जान नहीं बचा सके।

संसद पर हुए इस हमले को 20 वर्ष बीत चुके हैं लेकिन यह हमला देश को एक ऐसा आघात दे गया है जिसकी यादें हमेशा बनी रहेंगी। शहीद हुए जवानों के परिजनों के लिये भी बीते बीस वर्ष का एक एक पल अपनों को खो देने के दर्द में बीता है। सबसे बड़ा दर्द तो हमले के मुख्य दोषी अफजल गुरु को फांसी देने में हुई राजनीति और जानबूझ कर की गई देरी रही। जेएनयू जैसे उच्च शिक्षण संस्थान में अफजल गुरु के समर्थन में हुई नारेबाजी की घटनाओं ने सुरक्षाबलों के मनोबल को ही नहीं तोड़ा बल्कि शहीदों के परिजनों को भी गहरे घाव दिये।

Tags: 2001 Parliament Attack20th Anniversary Of Parliament AttackAFZAL GURUdelhi newsNational newsparliament attackParliament Attack 2001
Previous Post

BSF ने पाकिस्तानी महिला घुसपैठिए को मार गिराया, सर्च अभियान जारी

Next Post

ललिता घाट पर गंगा में मोदी ने डुबकी लगाई, बाबा को अपर्ण करने के लिए लिया जल

Writer D

Writer D

Related Posts

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने 306 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं को दी मंजूरी

23/09/2026
उत्तराखंड

बद्रीनाथ में बना आस्था का नया कीर्तिमान

23/09/2026
उत्तराखंड

ज्योलिकोट दूषित पेयजल प्रकरण पर मुख्य सचिव ने ली अधिकारियों के साथ बैठक

23/09/2026
उत्तराखंड

रंग लाई उत्तराखंड की नई फिल्म नीति, पांच साल में फिल्म शूटिंग पर 1,759 करोड़ रुपये खर्च

23/09/2026
उत्तराखंड

15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त होंगी उत्तराखंड की सड़कें, हर जिले में युद्धस्तर पर काम शुरू

23/09/2026
Next Post

ललिता घाट पर गंगा में मोदी ने डुबकी लगाई, बाबा को अपर्ण करने के लिए लिया जल

यह भी पढ़ें

Munawwar Farooqui

इस राज्य ने मुनव्वर फारुकी के शो पर लगाई रोक, कॉमेडियन बोले- यह अन्याय है

28/11/2021
Panchayat Elections

SIR रिपोर्ट: नाम जोड़ने के दावों में BJP टॉप, इन पार्टियों ने नहीं किया क्लेम

08/01/2026
terrorist attacked

BSF काफिले पर आतंकियों ने किया हमला, कोई हताहत नहीं

12/08/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version