• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

रवि प्रदोष के दिन भगवान सूर्य की ऐसे करें उपासना

Desk by Desk
23/08/2020
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली, राष्ट्रीय
0
ravi pradosh vrat

प्रदोष व्रत कथा

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

धर्म डेस्क। आज यानी रविवार को प्रदोष व्रत है। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। यह व्रत एक महीने के दोनों पक्षों शुक्ल और कृष्ण पक्ष में आती है। अलग-अलग दिनों में प्रदोष व्रत आने से इसका नाम भी अलग-अलग होता है। रविवार के दिन पड़ने के कारण इस प्रदोष व्रत को रवि प्रदोष व्रत कहा जाता है। प्रदोष व्रत में भगवान शिव की उपासना की जाती है लेकिन रवि प्रदोष के दिन भगवान सूर्य की भी उपासना की जाती है।

प्रदोष व्रत पर पास के शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव को जल चढ़ाकर शिव के मंत्र जपें। इसके बाद पूरे दिन निराहार रहते हुए प्रदोषकाल में भगवान शिव को शमी, बेल पत्र, कनेर, धतूरा, चावल, फूल, धूप, दीप, फल, पान, सुपारी आदि अर्पित की जाती है। इसके बाद सूर्य देव को भी जल अर्पित कर उनको प्रणाम करें।

सोमवार – इस प्रदोष व्रत को सोम प्रदोषम् या चन्द्र प्रदोषम् भी कहा जाता है। इस दिन साधक अपनी अभीष्ट कामना की पूर्त्ति के लिए शिव की साधना करता है। मंगलवार – इस प्रदोष व्रत को भौम प्रदोषम् कहा जाता है और इसे विशेष रूप से अच्छी सेहत और बीमारियों से मुक्ति की कामना से किया जाता है।

बुधवार – बुध प्रदोष व्रत सभी प्रकार की कामनाओं को पूरा करने वाला होता है।

गुरुवार – गुरुवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को गुरु प्रदोष व्रत कहते हैं। शत्रुओं पर विजय पाने और उनके नाश के लिए इस पावन व्रत को किया जाता है।

शुक्रवार – इस दिन पड़ने वाले व्रत को शुक्र प्रदोष व्रत कहते हैं। इस दिन किए जाने वाले प्रदोष व्रत से सुख-समृद्धि और सौभाग्य का वरदान मिलता है।

शनिवार – इस प्रदोष व्रत को शनि प्रदोषम् कहा जाता है। इस दिन इस पावन व्रत को पुत्र की कामना से किया जाता है।

रविवार – रविवार के दिन किया जाने वाला प्रदोष व्रत लंबी आयु और आरोग्य की कामना से किया जाता है।

Tags: pradosh fastpradosh pujapradosh vratpradosh vrat importancepradosh vrat ka falpradosh vrat ka mahatvapradosh vrat vidhiravi pradosh vratshiv pradosh pujaत्रयोदशीप्रदोष व्रत कथाप्रदोष व्रत का फलप्रदोष व्रत का महत्वप्रदोष व्रत के नियमप्रदोष व्रत विधि
Previous Post

पैतृक संपत्ति में अधिकार मिलने से थर्ड जेण्डरों को मिली एक नई जिंदगी : गिरि

Next Post

Top-10 अपराधियों में शामिल शातिर को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Desk

Desk

Related Posts

राष्ट्रीय

माता मनसा देवी मंदिर में अब 24 घंटे टूरिस्ट पुलिस तैनात, CM सैनी ने किया उद्घाटन

12/10/2026
राष्ट्रीय

उपचुनावों के नतीजों पर अनिल विज का तंज, बोले- जनता ने विपक्ष को नकारा

12/10/2026
Heavy Rain
नई दिल्ली

दिल्ली-NCR में बारिश से मौसम सुहाना, जानें अगले 5 दिनों का IMD अपडेट

12/10/2026
पंजाब

‘साढ़े चार साल के काम से जीता जनता का भरोसा’, बोले भगवंत मान

12/10/2026
Main Slider

बूढ़ी गंडकी में बाढ़ से तबाही, पुल-घर बहे; समय पर चेतावनी से बचीं जानें

12/10/2026
Next Post
बदमाश गिरफ्तार

Top-10 अपराधियों में शामिल शातिर को पुलिस ने किया गिरफ्तार

यह भी पढ़ें

ज्योतिर्लिंग

रावण ने ज्योतिर्लिंग के लिए किया था घोर तप लेकिन नहीं ले जा पाया था लंका

30/07/2020
AK Sharma

एके शर्मा ने हनुमानगढ़ी मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रांगण में की साफ-सफाई

16/01/2024
राम मंदिर

सोमनाथ मंदिर के बाद अब राम मंदिर, 15 पीढ़ियों से मंदिर डिजाइन कर रहा है गुजरात का ये परिवार

01/08/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version