• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

अमेरिका की ड्रैगन को दो टूक, दक्षिण चीन सागर का एक इंच भी नहीं छोड़ेंगे

Desk by Desk
27/08/2020
in Main Slider, अंतर्राष्ट्रीय, ख़ास खबर, नई दिल्ली
0
अमेरिका की ड्रैगन को दो टूक America's dragon bluntly

अमेरिका की ड्रैगन को दो टूक

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। दक्षिण चीन सागर को लेकर अमेरिका और चीन अपने रुख पर अड़े हुए हैं। अमेरिका ने जहां दो टूक कहा है कि वह इस क्षेत्र में एक इंच भी नहीं छोड़ेगा। तो वहीं चीन ने कहा है कि अमेरिका सैनिकों की जान खतरे में डाल रहा है।

अमेरिका का चीन के साथ बढ़ते टकराव के बीच सैन्य तनाव पर रुख एकदम साफ है तो चीन भी नरम पड़ने के मूड में नहीं है। तो वहीं अमेरिका के डिफेंस विंग चीफ ने साफ-साफ कहा है कि प्रशांत महासागर में अमेरिका एक इंच भी पीछे नहीं हटेगा। वहीं, चीन भी चुप नहीं बैठा है और उसने कह दिया है कि अमेरिका सैनिकों की जान खतरे में डाल रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापार से लेकर मानवाधिकार उल्लंघन और सबसे ज्यादा दक्षिण चीन सागर पर बने तनावपूर्ण हालात के बीच ऐसी बयानबाजी पर दोनों ही एक-दूसरे पर उकसाने का आरोप भी लगा रहे हैं।

वॉशिंगटन ने बुधवार को दक्षिण चीन सागर में निर्माणकार्य और सैन्य कार्रवाई में लगीं चीन की 24 कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। हवाई में अमेरिका के रक्षा सचिव मार्क एस्पर ने कहा है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी आक्रामक सैन्य आधुनिकीकरण प्रोग्राम की मदद से दुनियाभर में ताकत स्थापित करना चाहती है। इसके तहत से PLA (पीपल्स लिबरेशन पार्टी) दक्षिण और पूर्व चीन सागर में और जहां ही सरकार को जरूरत लग रही है, वहां आक्रामक रवैया अपना रही है।

योगी की दो टूक, बोले- मुख्तार अंसारी के काले-साम्राज्य का आ गया अंत समय

इस युद्धाभ्‍यास में 10 देशों- ऑस्‍ट्रेलिया, ब्रुनई, कनाडा, फ्रांस, जापान, न्‍यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया, फिलीपीन्‍स, सिंगापुर और अमेरिका- के 20 महाविनाशक युद्धपोत और सबमरीन हिस्‍सा ले रहे हैं। यह युद्धाभ्‍यास ऐसे समय पर होने जा रहा है जब अमेरिका, ऑस्‍ट्रेलिया समेत कई देशों के साथ चीन का तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती दादागिरी को रोकने के लिए अपने एयरक्राफ्ट कैरियर को तैनात किया है और युद्धाभ्‍यास भी कर रहा है।

आमतौर पर रिमपैक में 30 देशों के 50 युद्धपोत-सबमरीन, 200 फाइटर जेट और 25 हजार जवान हिस्‍सा लेते रहे हैं। हालांकि, कोरोना संकट की वजह से इस बार केवल 5300 जवान ही हिस्‍सा ले रहे हैं। करीब 14 दिन तक क्‍वारंटाइन रहने के बाद ही इस अभ्‍यास में सैनिकों हिस्‍सा लेने दिया जा रहा है। कोरोना के चलते ही इसे इस बार जून-जुलाई में करने की जगह अगस्त के महीने में किया जा रहा है।

इस तनाव को देखते हुए माना जा रहा था कि अमेरिका ताइवान की नौसेना को भी रिमपैक में शामिल होने का न्‍यौता दे सकती है लेकिन ऐसा हुआ नहीं। माना जा रहा है कि अमेरिका ने चीन के साथ तनाव के चरम पहुंचने से रोकने के लिए ताइवान को इस अभ्‍यास में न्‍योता नहीं दिया। अमेरिका ने कुछ वक्त पहले ही ताइवान के साथ अपने घातक F-16V फाइटर जेट की डील की है।

एस्पर ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को चीन के साथ ताकत की लड़ाई का केंद्र बताया

हालांकि, एस्पर ने यह भी कहा है कि अमेरिका चीन के साथ काम करके उन्हें ‘ऐसे रास्ते पर लाएगा जो अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत आता हो। एस्पर ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को चीन के साथ ताकत की लड़ाई का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि हम इस क्षेत्र को छोड़ने वाले नहीं हैं, एक इंच को भी, किसी देश के लिए, किसी ऐसे देश के लिए जिसे लगता है कि उसकी सरकार, मानवाधिकार, संप्रभुता, प्रेस की फ्रीडम, धर्म की आजादी, असेंबली की आजादी पर उसके विचार दूसरों से बेहतर हैं।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वु सियान ने कहा कि ‘अमेरिका के दबाव से डरता नहीं है चीन’

चीन के रक्षा मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि ‘कुछ अमेरिकी नेता’ चीन-अमेरिका के सैन्य संबंध नवंबर में होने वाले चुनावों से पहले अपने फायदे के लिए खराब करना चाहते हैं। सैन्य टकराव पैदा करना चाहते हैं। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वु सियान ने कहा है कि इस तरह के व्यवहार से दोनों ओर के फ्रंटलाइन ऑफिसरों और सैनिकों की जान खतरे में पड़ती है। उन्होंने कहा कि चीन अमेरिका के दबाव और उकसावे से डरता नहीं है। वह अपनी रक्षा करेगा और अमेरिका को कोई मुसीबत खड़ी नहीं करने देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका रणनीतिक विजन अपनाएगा। चीन के विकास को खुले मन से देखेगा और किसी भी तरह की परेशानी को पीछे छोड़ देगा।

Tags: America China tensionamerica Headlinesamerica NewsAmerica News in HindiChina US warLatest america NewsSouth China Sea Conflictsouth china sea tensionUS Chinaus china conflictUS China South China SeaUS China tensionअमेरिका Samacharअमेरिका की ड्रैगन को दो टूकचीन अमेरिका तनावदक्षिण चीन सागर
Previous Post

अंडमान-निकोबार में इस दुर्लभ जनजाति चार सदस्य कोरोना पॉजिटिव

Next Post

रक्षा क्षेत्र में 5 सालों में 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य : मोदी

Desk

Desk

Related Posts

Plantation
Main Slider

1900 से अधिक नर्सरियों में तैयार किए जा रहे 52.44 करोड़ पौधे

30/05/2026
Rajnath Singh
Main Slider

नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण, राजनाथ सिंह बोले- सीएम योगी के नेतृत्व में बदली यूपी की पहचान

30/05/2026
hindi patrakarita divas
Main Slider

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष: ‘उदन्त मार्तण्ड’ से डिजिटल युग तक का सफर

30/05/2026
Keshav Prasad maurya
Main Slider

नौसेना शौर्य वाटिका’ भावी पीढ़ियों के लिए बनेगी ज्ञान, प्रेरणा और देशभक्ति का केंद्र: उप मुख्यमंत्री

30/05/2026
Heavy Rain
Main Slider

UP से उत्तराखंड तक आफत की बारिश, कई परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

30/05/2026
Next Post
पीएम मोदी

रक्षा क्षेत्र में 5 सालों में 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य : मोदी

यह भी पढ़ें

Shivranjani

बागेश्वर पहुंचते ही शिवरंजनी के बदले सुर, धीरेंद्र शास्त्री से शादी पर कही ये बात

16/06/2023
PM Modi

पीएम मोदी ने दरभंगा में रखी AIIMS की आधारशिला, बिहारवासियों को दी 12,100 करोड़ की योजनाओं की सौगात

13/11/2024
Bloody Brothers

ब्लडी ब्रदर्स वेब सीरीज में लिपलॉक करती नजर आईं श्रुति और मुग्धा

13/03/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version