• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जानें दशहरा में क्यों की जाती है शमी के पेड़ की पूजा

Writer D by Writer D
02/10/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Dussehra

Dussehra

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

आज दशहरा (Dussehra) पर्व को मनाया जाएगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार, यह पर्व हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन मनाया जाता है। दशहरे (Dussehra) के दिन रावण दहन और शस्त्र पूजा के साथ साथ शमी (Shami) के पेड़ की भी पूजा की जाती है। भगवान श्रीराम ने आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन लंकापति रावण का वध किया था। इसलिए इस दिन रावण का पुतला फूंका जाता है।

वहीं इस पावन तिथि के दिन मां दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का संहार किया था। इसलिए इस दिन शस्त्रों की पूजा का विधान है। विजय दशमी के दिन शमी के वृक्ष की पूजा करने के पीछे पौराणिक महत्व है।

संस्कृत में अग्नि को शमी गर्भ के नाम से जाना जाता है। कहते हैं महाभारत काल में पांडवों ने शमी के पेड़ के ऊपर अपने अस्त्र शस्त्र छिपाए थे। जिसके बाद उन्हें कौरवों से जीत प्राप्त हुई थी। विजयादशमी के दिन प्रदोषकाल में शमी वृक्ष का पूजन अवश्य किया जाना चाहिए।  विजयदशमी के मौके पर कार्य सिद्धि का पूजन विजय काल में फलदायी रहेगा।

इस दौरान प्रार्थना कर शमी वृक्ष की कुछ पत्तियां तोड़े और उन्हें घर के पूजाघर में रख दें। लाल कपड़े में अक्षत, एक सुपाड़ी के साथ इन पत्तियों को बांध लें। इसके बाद इस पोटली को गुरु या बुजुर्ग से प्राप्त करें और प्रभु राम की परिक्रमा करें।

विजयदशमी के दिन नीलकंठ के दर्शन शुभ होते हैं। दशहरे पर अशमंतक अर्थात कचनार का वृक्ष लगाने का विशेष महत्व है। इसकी नियमित पूजा से परिवार में सुख-शांति आती है। विजयदशमी पर अपराजिता के पूजन का भी महत्व है। आत्मविश्वास की कमी होने पर अपराजिता की पत्तियों को हल्दी से रंगे, दूर्वा और सरसों को मिलाकर एक डोरा बना लें और उस डोरे को दाहिने हाथ में बांध लें। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है।

विजयादशमी के दिन प्रदोषकाल में शमी वृक्ष के समीप जाकर उसे प्रणाम करें। पूजन के उपरांत हाथ जोड़कर निम्न प्रार्थना करें-

‘शमी शम्यते पापम् शमी शत्रुविनाशिनी।

अर्जुनस्य धनुर्धारी रामस्य प्रियदर्शिनी।।

करिष्यमाणयात्राया यथाकालम् सुखम् मया।

तत्रनिर्विघ्नकर्त्रीत्वं भव श्रीरामपूजिता।।’

Tags: dussehraDussehra 2025happy dussehra 2025happy dussehra imageshappy dussehra photoshappy dussehra quoteshappy dussehra wishesShami
Previous Post

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति से यूपी में महिला सुरक्षा मजबूत

Next Post

सुहागिन महिलाओं को करवा चौथ पर भूलकर भी नहीं करनी चाहिए ये गलतियां

Writer D

Writer D

Related Posts

Potato Pinwheel
Main Slider

घर आएं गेस्ट के लिए झटपट बनाएं चटपटे पोटेटो पिनवील

19/07/2026
Hair
फैशन/शैली

बेजान बालों के लिए रामबाण है ये दूध, हेयर हो जाएंगे सॉफ्ट और शाईनी

19/07/2026
Broom
धर्म

इस जगह झाड़ू रखने से घर में होगा दरिद्रता का वास

19/07/2026
Basuri
धर्म

घर के इस हिस्से में रखें बांसुरी, मिलेगी तरक्की

19/07/2026
chutney
Main Slider

इसका जायका खाने में लगाएगा स्वाद का तड़का, देखें रेसिपी

19/07/2026
Next Post
Karva Chauth

सुहागिन महिलाओं को करवा चौथ पर भूलकर भी नहीं करनी चाहिए ये गलतियां

यह भी पढ़ें

CM Dhami

सीएम धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्र के राहत कार्यों का किया निरीक्षण

23/04/2023
Dead Body

जंगल से मिला नाबालिग का खून से लथपथ शव, रेप के बाद हत्या कि आशंका

19/01/2021
sushant singh rajput- rhea chakraborty

सुशांत मामले में आज CBI रिया चक्रवर्ती से पूछेगी ये सवाल

24/08/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version