• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

मनुष्यों के जिंदगी में दुखों का कारण है सिर्फ ये एक चीज

Writer D by Writer D
13/11/2021
in Main Slider, फैशन/शैली
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लाइफ़स्टाइल डेस्क। आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार आज के समय में भी प्रासांगिक हैं। अगर कोई व्यक्ति अपने जीवन में सफलता चाहता है तो उसे इन विचारों को जीवन में उतारना होगा। आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से आज हम एक विचार का विश्लेषण करेंगे। आज का ये विचार मनुष्य जीवन में दुख को खुद न्यौता देता है इस पर आधारित है।

‘मनुष्य स्वयं ही अपने कर्मों द्वारा जीवन में दुख को आमंत्रित करता है।’ आचार्य चाणक्य

आचार्य चाणक्य का कहना है कि मनुष्य अपने कर्मों द्वारा जीवन में दुख को आमंत्रित करता है। ऐसा इसलिए क्योंकि मनुष्य जीवन में जो भी करता है चाहे अच्छा हो या फिर बुरा। उसे अपने कर्मों का फल इसी जीवन में मिलता है। असल जिंदगी में आपने कई बार ऐसा देखा होगा कि जिंदगी में दुख और सुख की लहर आती है। हालांकि दोनों चीजें ही अस्थायी होती हैं लेकिन ये दोनों चीजें मनुष्य के कर्मों का फल ही होता है जो उसे इसी जीवन में भुगतना पड़ता है।

मनुष्य के जीवन में कोई भी चीज स्थायी नहीं है। अगर उसकी जिंदगी में दुख और तकलीफ की छाया है तो वो उसके कर्मों का ही परिणाम है। हालांकि मनुष्य की ये प्रवृत्ति होती है कि वो दुख के समय यही कहता है कि आखिर उसने जीवन में ऐसा क्या किया जिसकी वजह से उसे ये सब भुगतना पड़ रहा है। लेकिन उस वक्त वो ये भूल जाता है कि वो वही भुगत रहा होता है जो उसने कर्म किए होते हैं। अच्छे कर्मों का फल अच्छा होता है और बुरे कर्मों का फल बुरा होता है।

वहीं दूसरी तरफ अगर मनुष्य की जिंदगी में सुख की लहर आती है तो वो भी उसके कर्मों का ही नतीजा होता है। कुछ लोग सुख की छाया आते ही घमंड करने लगते हैं। ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। अगर आप भी ऐसा करते हैं तो ना करें। क्योंकि सुख और दुख सिक्के के दो पहलू होते हैं। अगर जिंदगी में सुख है तो दुख भी आएगा और दुख है तो सुख का आना भी निश्चित है। लेकिन इतना जरूर है कि ये सब मनुष्य के कर्मों पर निर्भर करता है। इसी वजह से आचार्य चाणक्य ने कहा है कि मनुष्य स्वयं ही अपने कर्मों द्वारा जीवन में दुख को आमंत्रित करता है।

Tags: chanakyachanakya nitichanakya niti in hindichanakya niti life lessonschanakya niti quoteschanakya quoteschanakya storiesJeevan Mantrashort note on chanakyaचाणक्य नीतिचाणक्य ने अनमोल विचार
Previous Post

एयरफोर्स के सिपाही ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

Next Post

ड्राई फ्रूट्स खरीदते समय इन बातों को खासकर रखें ध्यान में

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

सीएम योगी का उपहार: लखनऊ में दस लाख लोगों को मिलेगा अपना घर

24/09/2026
Main Slider

उत्तराखण्ड की जनता स्थायित्व और विकास चाहती है : मुख्यमंत्री

24/09/2026
Main Slider

मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी के पांच सारथियों को किया सम्मानित, कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को प्रदान किया चेक

23/09/2026
Main Slider

ईशान आनंद को मिला बुआ का आशीर्वाद, मायावती ने बनाया नेशनल कोऑर्डिनेटर

23/09/2026
Main Slider

मुख्य सचिव ने किया आईआईएम काशीपुर के दून कैंपस का भूमिपूजन

23/09/2026
Next Post

ड्राई फ्रूट्स खरीदते समय इन बातों को खासकर रखें ध्यान में

यह भी पढ़ें

Gmail

आपका Gmail अकाउंट हो सकता है बंद, Google ने भेजा अलर्ट मैसेज

12/08/2023
bihar police

BPSSC ने दारोगा भर्ती मुख्य परीक्षा की नई तिथि का किया ऐलान

01/09/2020
Kanya Pujan

नवरात्रि की अष्टमी पर इस विधि से करें कन्या पूजन, मां अम्बे होंगी प्रसन्न

05/04/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version