• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

आरोपी को जमानत देने से पहले उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी देखें अदालतें  : हाई कोर्ट

Writer D by Writer D
21/12/2020
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज, राजनीति
0
इलाहाबाद हाई कोर्ट Allahabad High Court

इलाहाबाद हाई कोर्ट

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रदेश की सभी निचली अदालतों को निर्देश दिया कि वे आरोपी व्यक्तियों की जमानत याचिकाओं पर निर्णय करते समय उनके आपराधिक इतिहास पर ध्यान दें और यदि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास है तो उसका संपूर्ण ब्योरा भी दें। इसने कहा कि यदि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, तो अदालतें इस तथ्य को रिकॉर्ड में रखें।

फिरोजाबाद निवासी उदय प्रताप उर्फ दाऊ ने उच्च न्यायालय के समक्ष दायर अपनी जमानत याचिका में यह दावा किया कि उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, लेकिन राज्य सरकार के वकील ने पुलिस अधिकारियों से प्राप्त सूचना के आधार पर बताया कि आवेदक सात अन्य आपराधिक मामलों में शामिल है।

सीएम योगी ने किया रैन बसेरों का निरीक्षण, गरीबों में बांटे कंबल

अदालत ने इस मामले को बड़ी गंभीरता से लिया। न्यायमूर्ति समित गोपाल ने उदय प्रताप की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि निचली अदालतें जमानत याचिका खारिज करते समय आरोपी के आपराधिक इतिहास के बारे में मौन रहती हैं, लेकिन अपर महाधिवक्ता या प्राथमिकी दर्ज करने वाले व्यक्ति से मिली सूचना से पता चलता है कि आरोपी का पिछला आपराधिक इतिहास है।

अदालत ने कहा कि जब आरोपी के वकील से इस बारे में पूछा जाता है तो यह उसके लिए असमंजस की स्थिति पैदा करता है और साथ ही आरोपी द्वारा आपराधिक इतिहास के बारे में खुलासा नहीं करने से जमानत की अर्जी पर निर्णय करने में बाधा पैदा होती है।

उन्होंने कहा कि यद्यपि आरोपी का आपराधिक इतिहास, उसकी जमानत याचिका पर निर्णय करने में एकमात्र और निर्णायक कारक नहीं है, लेकिन सीआरपीसी की धारा 439 के तहत जमानत के लिए आवेदन पर निर्णय करने में इस पर विचार किया जाना आवश्यक है। अदालत ने महानिबंधक को राज्य के सभी जिला और सत्र न्यायाधीशों को इस आदेश की जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जो अपने-अपने क्षेत्र में इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करना सुनिश्चित करेंगे।

Tags: Allahabad High Courtup news
Previous Post

खेत में युवक का जला हुआ शव बरामद, शिनाख्त में जुटी पुलिस

Next Post

सस्ते कपड़ों के साथ जान्हवी कपूर की क्यूटनेस ने जीता फैंस का दिल

Writer D

Writer D

Related Posts

Lips
Main Slider

होंठों का कालापन दूर करने के लिए करें ये उपाय

21/07/2026
Hair Mask
Main Slider

बालों की हर समस्या का इलाज है ये मास्क

21/07/2026
Garlic Pickle
Main Slider

इस अचार का स्वाद होता है लाजवाब, बनाकर जरूर देखें

21/07/2026
The future is being improved by Sarvodaya schools
उत्तर प्रदेश

आधुनिक शिक्षा, संस्कार और निःशुल्क कोचिंग का संगम, नीट में 18 बेटियों की सफलता बनी नई मिसाल

20/07/2026
Anand Bardhan
Main Slider

ग्रोथ सेंटर्स को बाजार और निजी साझेदारों से जोड़ें: मुख्य सचिव

20/07/2026
Next Post
jhanvi kapoor

सस्ते कपड़ों के साथ जान्हवी कपूर की क्यूटनेस ने जीता फैंस का दिल

यह भी पढ़ें

chandra shekhar upadhyay

समर अभी शेष है….

22/07/2021
harish rawat

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने की सीएम धामी की तारीफ

12/09/2022
ganesh chaturthi

विनायक चतुर्थी की पूजा में जरूरी मानी जाती हैं ये चीजें, नोट कर लें सामग्री लिस्ट

09/06/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version