• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

घर से नकारात्मक ऊर्जा होगी दूर, फौरन आजमाए ये उपाए

Writer D by Writer D
22/10/2024
in धर्म, फैशन/शैली
0
house

house

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हर दिशा के अलग दिग्पाल (देवता) होते हैं। इसलिए वास्तु में हर दिशा का बहुत महत्व माना गया है। वास्तु शास्त्र में घर (House) या कार्य स्थल पर किस दिशा में कौन सी वस्तु कहां रखें या किसी चीज का निर्माण कहां कराया जाए इस बारे में भी बताया गया है।

यदि इन बातों का ध्यान न रखा जाए तो वास्तु दोष निर्मित होता है। जिससे नकारात्मक ऊर्जा (negative energy) का संचार होने लगता है। इसलिए वास्तु के नियमों को ध्यान में रखना आवश्यक होता है। वास्तु में घर हर स्थान के चार कोण बताए गए हैं, ईशान कोण, नैऋत्य कोण, आग्नेय कोण और वायव्य कोण।

तो चलिए जानते हैं कि इन चारों स्थानों पर कहां पर क्या सामान रखना चाहिए और किस चीज का निर्माण करना चाहिए। ताकि घर में धन की आवक बनी रहे।

  • उत्तर-पूर्व के मध्य स्थान की दिशा को ईशान कोण कहा जाता है। इस दिशा के स्वामी गुरू है।  ईशान कोण जल एवं भगवान शिव का स्थान माना गया है। घर की इस दिशा में पूजा घर, मटका, कुंवा, बोरिंग, वाटरटैंक अदि का स्थान बनाया जा सकता है।
  • पूर्व-दक्षिण के मध्य स्थान की दिशा को आग्नेय कोण कहा जाता है। शुक्र ग्रह को इस दिशा का स्वामी माना है। आग्नेय कोण को अग्नि एवं मंगल का स्थान माना जाता है। इसलिए इस दिशा में रसोई का निर्माण करना सही रहता है। इसके अलावा आग्नेय कोणं में बिजली  के उपकरण आदि रखने का स्थान बनाया जा सकता है।
  • पश्चिम और उत्तर के बीच की दिशा को वायव्य कोण कहलाती है। इस दिशा के स्वामी चंद्र हैंष वायव्य कोण में वायु का स्थान माना गया है, इसलिए इस स्थान पर खिड़की, रौशनदान आदि  का निर्माण किया जा सकता है। इसके अलावा इस दिशा में मेहमानों के ठहरने का स्थान बनाया जा सकता है।
  • दक्षिण-पश्चिम के मध्य स्थान की दिशा को नैऋत्य कोण कहा जाता है। इस कोण में पृथ्वी तत्व का स्थान माना गया है। इस दिशा के स्वामी राहु-केतु है। नैऋत्य कोण को ऊंचा और भारी रखना चाहिए।
  • इसके अलावा इस दिशा में टीवी, रेडियो, सी.डी. प्लेयर अथवा खेलकूद का सामान और अलमारी सोफा, मेज जैसा भारी सामान रखा जा सकता है।
Tags: Vastuvastu ke niyamvastu rulesVastu Tipsvastu tips for hame directionvastu tips for homeआग्नेय कोणईशान कोणनैऋत्य कोणवायव्य कोण
Previous Post

सपने में दिखे ये चीजें तो न बताएं किसी को, वरना हो जाएगा अनर्थ

Next Post

धनतेरस कब है, जानें इस दिन क्यों खरीदी जाती हैं वस्तुएं

Writer D

Writer D

Related Posts

Makeup
फैशन/शैली

कामकाजी महिलाएं अपनाएं ये मेकअप टिप्स, लाइफ हो जाएगी आसान

21/07/2026
Shoes
धर्म

कलेश का माहौल बनाती हैं जूतों से जुड़ी ये गलतियां, रहें बचकर

21/07/2026
Hanuman
Main Slider

मंगलवार को हनुमान जी को अर्पित करें ये चीजें, दूर हो जाएंगे जीवन के सभी कष्ट

21/07/2026
Budh Dev
Main Slider

24 जुलाई से बुधदेव चलेंगे सीधी चाल, अटके हुए काम अब पकड़ेंगे रफ्तार

21/07/2026
Plants
धर्म

इस तरह पौधे लगाकर दूर करें अपनी परेशानियां

21/07/2026
Next Post
Dhanteras

धनतेरस कब है, जानें इस दिन क्यों खरीदी जाती हैं वस्तुएं

यह भी पढ़ें

CM Yogi

आरोपियों को नहीं बख्शेंगे… फरसा वाले बाबा की मौत पर CM योगी का सख्त संदेश

21/03/2026
Money

धन हानि से परेशान हैं तो अपनाएं यह उपाय

12/01/2022
kidnapper arrested

किशोरी को बहला-फुसलाकर भागा ले जाने वाला फरार अपहरणकर्ता धरा गया

04/03/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version