• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

श्री दुर्गासप्तशती के पाठ से होता है लाभ, ज्योतिषाचार्य से जानें किस प्रकार करना चाहिए पाठ

Writer D by Writer D
06/10/2021
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

प्रसीद विश्वेश्वरि पाहि विश्वं त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य॥

‘शरणागत की पीड़ा दूर करने वाली देवि! हम पर प्रसन्न हो। सम्पूर्ण जगत की माता! प्रसन्न हो। विश्वेश्वरि! विश्व की रक्षा करो। देवी! तुम्हीं चराचर जगत की अधीश्वरी हो।’

सनातन धर्म में श्रीदुर्गासप्तशती विशिष्ट प्रतिष्ठा है। सकाम भक्ति करने वाले जहां इसके पाठ से मनोकामना पूरी करते हैं, वहीं निष्काम भक्त इनके सहारे परम दुर्लभ मोक्ष को प्राप्त करते हैं।

सप्तशती में एक से बढ़कर एक मंत्र हैं, जो विधि-विधान से जपे जाएं, तो शीघ्रता से लाभ प्रदान करते हैं। ज्योतिष के हिसाब से देखें, तो मिथुन और मकर लग्न वालों को नवरात्रों में इनका पाठ करना चाहिए। जैसे सेहत हेतुमंत्र है-

एक दूसरे मंत्र में आरोग्य और सौभाग्य दोनों की प्राप्ति होती है- देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥ यह मंत्र रोजगार के लिए भी बहुत लाभप्रद है।

तीन देवियों- महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती को प्रसन्न करना है, तो सप्तशती का पाठ गणेश पूजन के बाद करना चाहिए। सेहत ठीक न होने पर किसी विद्वान से भी यह करवाना उचित होगा।

जब भी सप्तशती का पाठ करें, तो ध्यान रहे कि पाठ संख्या विषम अर्थात एक, तीन, पांच आदि होनी चाहिए। विद्वानों से कराना है, तो एक, तीन या पांच विद्वान होने चाहिए।

इस बार केवल आठ नवरात्र हैं। कम नवरात्र अशुभ माना जाता है। 7 से 14 अक्टूबर होने वाले नवरात्र में अपने घर में रहने वाली मां, सास आदि की सेवा विशेष फल प्रदान करेगी।

Tags: navratrinavratri 2021Navratri muhurtNavratri News
Previous Post

शारदीय नवरात्रि की तैयारियां तेज, अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना का है विशेष महत्व

Next Post

इस दिन सुबह इतने बजे तक ही है कलश स्थापना मुहूर्त

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

महंत अवेद्यनाथ ने सामाजिक समता से हिंदू समाज को किया एकजुट: मुख्यमंत्री योगी

30/09/2026
UP Police Constable
Main Slider

सिपाही भर्ती : बारिश से बदला PET शेड्यूल, 8 अक्टूबर को होगी परीक्षा

30/09/2026
Main Slider

राज्यसभा चुनाव: राम गोपाल यादव-धनराज नाथवानी ने भरा पर्चा, अखिलेश भी रहे मौजूद

30/09/2026
Main Slider

सुनिश्चित होगा हर व्यक्ति की समस्या का समाधान : मुख्यमंत्री योगी

30/09/2026
Main Slider

ईट राइट समिट में उप मुख्यमंत्री का संदेश—“जैसा खाओ अन्न, वैसा बने मन”, स्वस्थ भोजन अपनाएं

29/09/2026
Next Post
Shardiya Navratri

इस दिन सुबह इतने बजे तक ही है कलश स्थापना मुहूर्त

यह भी पढ़ें

KBC 13 को मिला साल का पहला करोड़पति कंटेस्टेंट, अब सामने है 7 करोड़ का सवाल

26/08/2021
Anger

सुबह उठने के बाद करें ये एक काम, कई समस्याएं दूर होती है

20/12/2025
Chandrayaan-3

मदरसे के छात्र भी बनेंगे Chandrayan-3 के चंद्रमा पर उतरने के साक्षी

22/08/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version