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जानिए कब है दशहरा, शुभ मुहूर्त और महत्व

Writer D by Writer D
12/10/2021
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
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Dussehra

Dussehra

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दशहरा का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि इस दिन भगवान श्री राम ने अहंकारी रावण का वध किया था। इसके साथ ही इस दिन ही मां दुर्गा नें असुर महिषासुर का भी वध किया था। इस कारण ही इस दिन भगवान राम के साथ मां दुर्गा के भी पूजन का विधान है। इस साल दशहरा 15 अक्टूबर, दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा।दशहरा का पर्व अवगुणों को त्याग कर श्रेष्ठ गुणों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। इसी कारण इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है।आइए जानते है दशहरा की सही तिथि और पूजन का विजय मुहूर्त….

तिथि और पूजन मुहूर्त

दशहरा का पर्व नौ दिनों तक मां दुर्गा के नवरात्रि पूजन के बाद दसवें दिन मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार दशहरा का पर्व आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी की तिथि को मनाया जाता है।

इस साल दशमी की तिथि 14 अक्टूबर को शाम 06.52 बजे से शुरू होकर 15 अक्टूबर को सांय काल 06.02 बजे तक रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि लग जाएगी। इसलिए उदया तिथि के अनुरूप दशहरा 15 अक्टूबर, दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा। दशहरा के पूजन का शुभ मुहूर्त विजय मुहूर्त होगा। जो कि 15 अक्टूबर को दोपहर 02 बजकर 07 मिनट से 02 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।

दशहरा या विजयदशमी के दिन मान्यता अनुरूप भगवान श्री राम और मां दुर्गा दोनों का ही पूजन किया जाता है। एक और नवरात्रि के पूजन का अतिंम दिन होने के कारण इस दिन मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। दूसरी ओर भगवान राम की रावण पर विजय को प्रतीकात्मक रूप से मनाते हुए रावण के पुतले का दहन किया जाता है।

इस दिन किसान अपनी नई फसल का उत्सव मनाते हैं तो योद्धा अपने अस्त्र-शस्त्र का पूजन करते हैं। पौराणिक काल में राजा दशहरा के दिन पूजन कर युद्ध के अभियान पर निकलते थे। दशहरे के पूजन में शमी की पत्तियों का विशेष महत्व है। पूजा में फूलों के साथ शमी की पत्तियों को जरूर चढ़ाना चाहिए।

Tags: dussehraDussehra 2021Dussehra celebrationdussehra datedussehra importanceDussehra muhurat
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