• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

हेलिकॉप्टर क्रैश: अंतिम सात मिनट में क्या हुआ, जिसने बिपिन रावत समेत 13 लोगों की ले ली जान

Writer D by Writer D
10/12/2021
in Main Slider, राष्ट्रीय
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

तमिलनाडु के कुन्नूर में वायु सेना के हेलिकॉप्टर के क्रैश होने के बाद अब लोगों को पिछले साल का एक हादसा याद आ रहा है। जनवरी 2020 में ताइवान के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ की मृत्यु भी एक हेलिकॉप्टर क्रैश में हुई थी। इस बार भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ समेत 13 लोगों का निधन हेलिकॉप्टर क्रैश में हुआ है। अब तीनों सेना की संयुक्त टीम हादसे का कारण खोज रही है।

MI-17 हेलिकॉप्टर के उड़ान भरने के बाद उसे 12 बजकर 15 मिनट पर लैंड करना था, लेकिन लैंडिंग से सात मिनट पहले ही उसका एटीसी से संपर्क टूट गया।

19 सेकेंड का वो वीडियो

ये संपर्क सिर्फ फ्लाइट से नहीं टूटा, 130 करोड़ देशवासियों से जांबाज जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और अन्य 11 जवानों का भी हमेशा के लिए टूट गया। अब ऐसे में सबके मन में बस यही एक सवाल कौंध रहा है कि आखिर उन 7 मिनटों में क्या हुआ था।

हेलिकॉप्टर क्रैश में जिंदा बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की लिखी चिट्ठी वायरल

हेलिकॉप्टर के क्रैश होने से ठीक पहले का करीब 19 सेकेंड का एक वीडियो सामने आया है, जिसका अब विश्लेषण किया जा रहा है। वीडियो में हेलिकॉप्टर बादलों में दाखिल होता हुआ नजर आ रहा है और फिर अचानक नीचे आग के गोले के रूप में गिरा हुआ नजर आया। अब ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या मौसम खराब होने की वजह से यह हादसा हुआ?

कैसे हुआ हेलिकॉप्टर क्रैश?

इस सवाल को लेकर रिटायर्ड स्क्वॉड्रन लीडर दीप्ति काला ने कहा, फॉग की डेंसिटी और विजिबिलिटी की जानकारी पहले ही पायलट को दी जाती है और इसका क्राइटेरिया है। अगर विजिबिलिटी डाउन हैं तो फ्लाइंग नहीं होगी, या जहां बीच में वेदर खराब हो जाता है तो उसके लिए पायलट को पता होता है कि क्या करना है। पायलट या तो नियर बाइ लैंड करेंगे या वेट करेंगे मौसम ठीक हो जाए। हर एक  चीज की जानकारी पायलट को दी जाती है।

ब्रिगेडियर लिड्डर की पत्नी और बेटी ने दी अंतिम विदाई, रक्षामंत्री ने भी दी श्रद्धांजलि

ऐसे में दूसरा सवाल ये उठता है कि क्या इंजन फेल होने से हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ? इस सवाल का जवाब देते हुए रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अमिताभ रंजन ने बताया कि MI-17 हेलिकॉप्टर की खासियत ये है कि इसके एक इंजन में भी इतनी ताकत है कि यह कहीं से भी निकलकर आ सकता है, लैंड कर सकता है। ये तो दो इंजन वाला हेलिकॉप्टर है, दोनों एक साथ लगातार काम करते हैं। ऐसा नहीं है कि इमरजेंसी के समय एक ऑफ होगा, दूसरा ऑन होगा।

‘दोनों इंजन एक साथ नहीं हो सकते बंद’

उन्होंने बताया कि जहाज के उड़ान से ठीक पहले उसकी सैंपलिंग की जाती है, अगर किसी कारणवश फ्यूल में ऐसा तत्व आ गया कि एक इंजन बंद हो गया तो दूसरा इंजन बंद नहीं हो सकता। दोनों इंजन एक साथ बंद नहीं हो सकते हैं।

तीन साल तक वायुसेना के MI-17 V5 हेलिकॉप्टर उड़ाने के अनुभवी रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अमिताभ रंजन ने इंजन की खराबी से क्रैश होने की आशंका से इनकार कर दिया।

अब ऐसे में लोगों के मन में यह पश्न उठ रहा है कि आखिर उस आखिरी सात मिनट में क्या हुआ? जिसकी जांच वायुसेना की तरफ से एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बनी टीम कर रही है।

ब्लैक बॉक्स खोलेगा हर राज

हेलिकॉप्टर क्रैश से जुड़ी सभी सटीक जानकारी के लिए अब सारी उम्मीदें किसी भी विमान-हेलिकॉप्टर के सारे राज कैद करने वाले ब्लैक बॉक्स से हैं।

माना जाता है कि 70 फीसदी तक हर क्रैश की वजह ब्लैक बॉक्स बता देता है। कुन्नूर हेलीकॉप्टर हादसे में कई सवालों के जवाब ब्लैक बॉक्स को ही देने हैं।

इस हादसे को लेकर रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अमिताभ रंजन ने कहा, मेरा तजुर्बा ये कहता है कि ये हेलिकॉप्टर उड़ता हुआ जमीन में गिर गया है। इस हेलीकॉप्टर में फ्यूल की केपिसिटी 2600 लीटर होती है और 800 लीटर प्रति घंटे इस्तेमाल करता है। हेलिकॉप्टर के टेक ऑफ और क्रैश के बीच 15 मिनट का समय बीता था यानी बहुत कम फ्यूल खर्च हुआ था, करीब 2000 लीटर फ्यूल बचा होगा जो जलने के लिए बहुत होता है, आग भीषण हो सकती है।

उन्होंने कहा, मुझे जो बात समझ आती है, वो ये है कि जरूर कोई इमरजेंसी हुई होगी जिसके कारण पायलट को पहाड़ों के बीच धुंध में घुसना पड़ा। हादसे के कारणों का पता जलकर खाक हो चुके हेलिकॉप्टर के पिछले हिस्से में लगे डेटा रिकॉर्ड के जांच से ही चलेगा।

Tags: iaf mi-17v5kunnur newsNational newssulur newstamilnadu Helicopter Crashtamilnadu news
Previous Post

खुलते ही धड़ाम हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी भी लुढ़का

Next Post

मुझे क्या खाना है ये आप कैसे तय कर सकते है?, गुजरात हाईकोर्ट ने लगाई सरकार को फटकार

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

‘ मेरे सपनों का उत्तराखंड’ में सीएम धामी ने युवा प्रतिभाओं से किया संवाद, तकनीक और इनोवेशन पर हुई चर्चा

18/09/2026
उत्तराखंड

दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर, एमएसपी पर खरीद का प्रस्ताव केंद्र को भेजने के निर्देश

18/09/2026
उत्तराखंड

युवाओं के विचार विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका: मुख्यमंत्री

18/09/2026
उत्तराखंड

सीसीटीएनएस में उत्तराखंड की राष्ट्रीय रैंकिंग सुधरी, 13वें से 9वें स्थान पर पहुंचा राज्य

18/09/2026
उत्तराखंड

नेपाल आपदा राहत सहायता दल को सीएम धामी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

18/09/2026
Next Post

मुझे क्या खाना है ये आप कैसे तय कर सकते है?, गुजरात हाईकोर्ट ने लगाई सरकार को फटकार

यह भी पढ़ें

चीन के कन्फ्यूशियस केन्द्र के लिए केंद्र की मंजूरी अनिवार्य : भारत

06/08/2020
प्रेग्नेंसी

प्रेग्नेंसी के थर्ड ट्राइमेस्टर में होते हैं शरीर में सबसे ज्यादा बदला

07/08/2021
CM Bhajan Lal

पश्चिमी राजस्थान में लगेगी 60 गीगावाट क्षमता की सोलर, विंड एवं हाइब्रिड परियोजना

22/10/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version