• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

माघी पूर्णिमा के स्नान के साथ ही संगम की रेती पर चल रहा कल्पवास समाप्त

Writer D by Writer D
16/02/2022
in उत्तर प्रदेश, धर्म, प्रयागराज
0
maghi purnima

maghi purnima

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

प्रयागराज। संगम की रेती पर पूरे एक माह तक चलने वाला कल्पवास (Kalpvas) अनुष्ठान बुधवार को माघी पूर्णिमा (Maghi Purnima) के साथ समाप्त हो जाएगा। त्याग और समर्पण की तपस्या का यह अनुष्ठान पौष पूर्णिमा स्नान के साथ इस वर्ष 17 जनवरी को प्रारम्भ हुआ था। बुधवार को माघी पूर्णिमा पर स्नान के लिए बाहर से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। फिलहाल स्नान जारी है। माघी पूर्णिमा स्नान के बाद कल्पवासी अपने घर की ओर प्रस्थान करते हैं। अधिकतर कल्पवासी गुरुवार की सुबह घर लौटेंगे।

क्या है कल्पवास ?

संगम की रेती पर कायाकल्प के लिए किया जाने वाला तप कल्पवास कहलाता है। यह व्रत पौष पूर्णिमा के साथ ही शुरू हो जाता है। इस दिन गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु कल्पवास का विधि विधान से संकल्प लेते हैं। वे तीर्थ पुरोहितों के आचार्यत्व में मां गंगा, नगर देवता वेणी माधव और पुरखों का स्मरण कर व्रत शुरू करते हैं। महीने भर जमीन पर सोते हैं। पुआल और घास-फूस उनका बिछौना होता है।

माघ मेला में आने वाले कल्पवासियों का विवरण कंप्यूटर में होगा दर्ज

तीर्थ पुरोहितों के आचार्यत्व में मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा, वेणी माधव एवं पूर्वजों का स्मरण कर त्याग-तपस्या के 21 नियमों को पूरी निष्ठा से निभाते हैं। साथ ही मेला क्षेत्र में बने अपने अस्थाई झोपड़ी या तंबू के दरवाजे के पास ये कल्पवासी बालू में तुलसी का बिरवा लगाते हैं और जौ बोते हैं। सुबह स्नान के बाद यहां जल अर्पित करते हैं। सुबह और शाम दीपक भी जलाते हैं। कल्पवास समाप्त होने के बाद वापस जाते समय वह इसे प्रसाद स्वरूप अपने घर लेकर जाएंगे।

जानिए क्या है जीवन को अनुशासित बनाने के लिए कल्पवास के फायदे

गंगा की रेती पर मास पर्यन्त कठोर तपस्या के बाद माघी पूर्णिमा का स्नान कर ये कल्पवासी (श्रद्धालु) जब अपने घर वापस लौटते हैं तो वहां परिजन देवताओं की तरह पूजते हैं। जनपद के लेड़ियारी स्थित किहुनी गांव के विंध्यवासिनी प्रसाद मिश्र पिछले कई साल से कल्पवास कर रहे हैं। बताते हैं कि कल्पवास से वास्तव में कायाकल्प होता है। वह कहते हैं कि प्रयाग की तपस्थली अद्भुत है। हम वर्षों से इसकी अनुभूति कर रहे हैं।

-संत तुलसीदास भी लिखते हैं- ‘‘माघ मकर गत रवि जब होई, तीरथ पतिहि आव सब कोई।’’

इसके अनुसार माघ के महीने में जब सूर्य मकर गत यानी मकर राशि में प्रवेश कर जाता है, उस समय तीर्थराज प्रयाग आकर लोग त्रिवेणी में स्नान करते हैं और मास पर्यन्त यहां प्रवास कर कल्पवास और यज्ञादि अनुष्ठान करते हैं। इस वक्त त्रिवेणी संगम के दर्शन के लिए देवता भी लालायित हो उठते हैं।

तीर्थराज की यह परम्परा आदिकाल से है। प्रयाग का मतलब ही है, वह पवित्र धरती जहां प्राचीन काल में खूब यज्ञ हुए हों। मान्यता है कि ब्रह्माण्ड की रचना से पहले भगवान बह्मा ने भी प्रयाग में अश्वमेध यज्ञ किया था। दशाश्वमेध घाट और ब्रह्मेश्वर मंदिर इस यज्ञ के प्रतीक स्वरुप आज भी यहां मौजूद हैं। इस यज्ञ के कारण यहां कुम्भ का भी विशेष महत्व है, जो संगम की पवित्र रेती पर हर बारहवें साल आयोजित होता है।

इसी क्रम में आज भी गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर हर साल माघ माह में तंबुओं और घास-फूस की झोपड़ियों का एक नया शहर बस जाता है, जो माघ मेला के नाम से जाना जाता है। हर छठे साल यही मेला अर्ध कुम्भ और हर बारहवें वर्ष कुम्भ के नाम से पूरी दुनिया में विख्यात है।

Tags: kalpwasMaghi PurnimaPrayagraj Newssangam
Previous Post

बप्पी लहरी को देखकर राजकुमार ने मारा था ताना, कहा- बस एक मंगलसूत्र….

Next Post

राहुल और प्रियंका गांधी ने गुरु रविदास के दरबार में हाजिरी लगाकर छका लंगर

Writer D

Writer D

Related Posts

Rajnath Singh
उत्तर प्रदेश

बुजुर्गों की सेवा से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं हो सकता: राजनाथ सिंह

29/08/2026
Passengers availed the benefit of the free bus travel facility.
उत्तर प्रदेश

रक्षाबंधन निशुल्क बस यात्रा: शनिवार शाम तक 80 लाख महिलाओं व सहयात्रियों ने उठाया सेवा का लाभ

29/08/2026
More than one lakh saplings planted on Rakshabandhan
उत्तर प्रदेश

रक्षाबंधन के पर्व पर भाई-बहनों ने लगाए एक लाख से अधिक पौधे

29/08/2026
CM Yogi conducted an aerial inspection of flood-affected villages in Ballia.
Main Slider

50-50 किलो राहत सामग्री दे रही सरकार, 500 ग्राम राहत नहीं पहुंचा पाती थी सपा: मुख्यमंत्री योगी

29/08/2026
Keshav Maurya
उत्तर प्रदेश

खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा निवेश, युवाओं एवं महिला उद्यमियों का बढ़ा रुझान : केशव प्रसाद मौर्य

29/08/2026
Next Post
rahul-priyanka

राहुल और प्रियंका गांधी ने गुरु रविदास के दरबार में हाजिरी लगाकर छका लंगर

यह भी पढ़ें

एक भारत-श्रेष्ठ भारत का सपना साकार हो रहा है: योगी आदित्यनाथ

22/12/2021
Ram Rahim

रोहतक जेल से फिर बाहर आएगा राम रहीम, इतने दिन की मिली परोल

21/11/2023
Dr. Ramesh Pokhriyal Nishank

रमेश पोखरियाल निशंक : केवीएस ने शिक्षा को डिजिटल माध्यम से जारी रखकर किया सराहनीय काम

08/10/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version