• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

आज अहोई अष्टमी पर पढ़े स्याहु माता की ये कथा, इतने बजे होंगे तारों के दर्शन

Writer D by Writer D
17/10/2022
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Ahoi Ashtami

Ahoi Ashtami

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

माताएं अपने बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना से अहोई व्रत (Ahoi Ashtami) रखेंगी। नवविवाहिताएं संतान सुख प्राप्ति की कामना के साथ यह व्रत करती हैं। ज्योतिषविद विभोर इंदुसुत कहते हैं कि कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी व्रत और पर्व मनाया जाता है।

ज्योतिषाचार्य अंकित चौधरी बताते हैं कि जिस दिन अष्टमी तिथि संध्या और रात्रि के प्रथम प्रहार तक हो उस दिन अहोई अष्टमी व्रत किया जाता है। अहोई व्रत (Ahoi Ashtami)  का पारायण तारोदय होने पर तारों का दर्शन कर किया जाता है। संध्या काल होने पर व्रती माताएं अहोई अष्टमी माता की पूजा कर तारों का दर्शन कर उन्हें जल का अर्घ्य देती हैं तभी व्रत का महत्व पूरा होता है। इस बार सोमवार को सुबह 9 बजकर 29 मिनट पर अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी और संध्याकाल में व्रत पारायण के समय भी अष्टमी तिथि उपस्थिति रहेगी। इसलिए इस दिन व्रत होगा।

दिन में पूजा का समय – सुबह 9:29 बजे अष्टमी तिथि आरंभ होने के बाद

व्रत पारायण – संध्याकाल में तारों के दर्शन करने के बाद

तारोदय : शाम 6.36 मिनट पर

चंद्रोदय : रात 11.34 मिनट पर

अहोई अष्टमी (Ahoi Ashtami) की व्रत कथा

साहूकार की बेटी जहां मिट्टी काट रही थी, उस स्थान पर स्याहु (साही) अपने साथ बेटों से साथ रहती थी। मिट्टी काटते हुए गलती से साहूकार की बेटीकी खुरपी के चोट से स्याहु का एक बच्चा मर गया। इस पर क्रोधित होकर स्याहु (Syahu Mata) ने कहा कि मैं तुम्हारी कोख बांधूंगी।

स्याहु के वचन सुनकर साहूकार की बेटी अपनी सातों भाभियों से एक-एक कर विनती करती हैं कि वह उसके बदले अपनी कोख बंधवा लें। सबसे छोटीभाभी ननद के बदले अपनी कोख बंधवाने के लिए तैयार हो जाती है। इसके बाद छोटी भाभी के जो भी बच्चे होते हैं, वे सात दिन बाद मर जाते हैं सात पुत्रोंकी इस प्रकार मृत्यु होने के बाद उसने पंडित को बुलवाकर इसका कारण पूछा। पंडित ने सुरही गाय की सेवा करने की सलाह दी।

सुरही सेवा से प्रसन्न होती है और छोटी बहु से पूछती है कि तू किस लिए मेरी इतनी सेवा कर रही है और वह उससे क्या चाहती है? जो कुछ तेरीइच्छा हो वह मुझ से मांग ले। साहूकार की बहु ने कहा कि स्याहु माता ने मेरी कोख बांध दी है जिससे मेरे बच्चे नहीं बचते हैं। यदि आप मेरी कोख खुलवा देतो मैं आपका उपकार मानूंगी। गाय माता ने उसकी बात मान ली और उसे साथ लेकर सात समुद्र पार स्याहु माता के पास ले चली।

धनतेरस पर की जाती है भगवान धनवंतरी की पूजा, जानिए इसकी महिमा

रास्ते में थक जाने पर दोनों आराम करने लगते हैं। अचानक साहूकार की छोटी बहू की नजर एक ओर जाती हैं, वह देखती है कि एक सांप गरूड़ पंखनीके बच्चे को डंसने जा रहा है और वह सांप को मार देती है। इतने में गरूड़ पंखनी वहां आ जाती है और खून बिखरा हुआ देखकर उसे लगता है कि छोटी बहूने उसके बच्चे को मार दिया है इस पर वह छोटी बहू को चोंच मारना शुरू कर देती है।

छोटी बहू इस पर कहती है कि उसने तो उसके बच्चे की जान बचाई है। गरूड़ पंखनी इस पर खुश होती है और सुरही सहित उन्हें स्याहु के पास पहुंचा देती है।

वहां छोटी बहू स्याहु की भी सेवा करती है। स्याहु छोटी बहू की सेवा से प्रसन्न होकर उसे सात पुत्र और सात बहू होने का आशीर्वाद देती है। स्याहु छोटीबहू को सात पुत्र और सात पुत्रवधुओं का आर्शीवाद देती है। और कहती है कि घर जाने पर तू अहोई माता का उद्यापन करना। सात सात अहोई बनाकर सातकड़ाही देना। उसने घर लौट कर देखा तो उसके सात बेटे और सात बहुएं बेटी हुई मिली। वह ख़ुशी के मारे भाव-भिवोर हो गई। उसने सात अहोई बनाकर सातकड़ाही देकर उद्यापन किया।

अहोई का अर्थ एक यह भी होता है ‘अनहोनी को होनी बनाना।’ जैसे साहूकार की छोटी बहू ने कर दिखाया था। जिस तरह अहोई माता ने उस साहूकारकी बहु की कोख को खोल दिया, उसी प्रकार इस व्रत को करने वाली सभी नारियों की अभिलाषा पूर्ण करें।

Tags: Ahoi AshtamiAhoi Ashtami 2022Ahoi Ashtami dateAhoi Ashtami muhurtAhoi Ashtami pooja vidhiAhoi Ashtami VrataSyahu Mata
Previous Post

अब UP में भी हिंदी में होगी MBBS की पढ़ाई, सीएम योगी ने B.Tech के लिए कही ये बात

Next Post

माधुरी दीक्षित की शादी की 23वीं सालगिरह, श्रीराम नेने ने पत्नी पर जमकर लुटाया प्यार

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Yogi
Main Slider

जनता का पैसा जनहित में ही खर्च होगाः सीएम योगी

26/05/2026
Nautapa
Main Slider

नौतपा में करें ये अचूक उपाय, पैसों से भर जाएगा घर

26/05/2026
Kesahv Prasad Maurya
Main Slider

2047 तक ‘वनवास’ पर रहेगा विपक्ष, कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों का एनकाउंटर जारी रहेगा: डिप्टी सीएम

26/05/2026
Harmanpreet Kaur
Main Slider

हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री सम्मान, इंग्लैंड तक दिखा जश्न

26/05/2026
Divyanka Tripathi gave birth to twins
Main Slider

‘इशिता भल्ला’ के घर आए ‘करण-अर्जुन’, दिव्यांका त्रिपाठी ने दिया जुड़वां बच्चों को जन्म

26/05/2026
Next Post
Madhuri Dixit

माधुरी दीक्षित की शादी की 23वीं सालगिरह, श्रीराम नेने ने पत्नी पर जमकर लुटाया प्यार

यह भी पढ़ें

इस भारतीय बल्लेबाज ने किया कोरोना वैक्सीन लेने से इन्कार, जानें वजह

13/11/2021
Salman Khan

‘Bigg Boss आप नहीं चलाते’, साजिद खान पर फूटा सलमान खान का गुस्सा

27/11/2022
Masik Durgashtami

मासिक दुर्गाष्टमी के दिन करें ये काम, बन जाएंगे सभी बिगड़े काम!

30/06/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version