• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

सिर्फ समागम नहीं, एक भारत श्रेष्ठ भारत का संकल्प है ‘काशी तमिल संगमम’

Writer D by Writer D
17/11/2022
in उत्तर प्रदेश, वाराणसी
0
Kashi Tamil Sangamam

Kashi Tamil Sangamam

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

वाराणसी। भारत में लंबे समय से नॉर्थ इंडिया और साउथ इंडिया के बहाने दिलों में दूरी पैदा करने वाले अंतरविरोधों को समाप्त करके एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का वक्त आ गया है। देश की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी काशी में एक महीने तक आयोजित होने वाला काशी तमिल संगमम् नि:संदेह उत्तर-दक्षिण भारत के निगेटिव नैरेटिव को तोड़ने में मददगार साबित होगा। द्रविण संस्कृति के केंद्रबिंदु तमिलनाडु की संस्कृति, खान-पान, गीत-संगीत का काशी में सीधे साक्षात्कार होने जा रहा है। 19 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अगले एक महीने तक चलने वाले ‘काशी तमिल संगमम्’ (Kashi Tamil Sangamam) का विधिवत उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही भगवान विश्वेश्वर की धरती पर रामेश्वर की संस्कृति प्रकाशमान होगी। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार इसे लेकर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है।

वाराणसी में बीएचयू के एम्फीथिएटर ग्राउंड में तमिलनाडु की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाने के लिए 75 स्टाल आकार ले रहे हैं। इनमे तमिलनाडु के हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम से बने उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा फ्रीडम फाइटर्स पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। नेशनल बुक ट्रस्ट की प्रदर्शनी, सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ़ लैंग्वेज की ओर से प्रदर्शनी और पब्लिक कन्वर्सेशन का भी आयोजन होगा। 30 दिन तक चलने वाले काशी तमिल संगमम् में 51 सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इसमे तमिलनाडु के करीब-करीब सभी रंग दिखेंगे।

तमिलनाडु की संस्कृति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मुख्यतः मीनाक्षी चितरंजन का भरतनाट्यम, तमिलनाडु का फोक म्यूजिक, इरुला व अन्य ट्राइबल नृत्य, विल्लुपाट्ट एक प्राचीन संगीतमय कथा-कथन, पौराणिक ऐतिहासिक ड्रामा, शिव पुराण, रामायण और महाभारत पर आधारित कठपुतली शो आदि देखने को मिलेंगे, जो ये दर्शाएंगे कि काशी और तमिलनाडु की भाषा, खान-पान, रहन सहन भले ही अलग हो, लेकिन अभिव्यक्ति का तरीका और इसकी आत्मा एक ही है।

कार्यक्रम यात्रा की रूपरेखा

तमिल कार्तिक महीने की शुरुआत 17 नवंबर से होने के साथ ही वैसे तो वाराणसी में काशी तमिल संगमम् (Kashi Tamil Sangamam) का आग़ाज हो चुका है। किन्तु इसका विधिवत उद्घाटन 19 नवंबर को प्रधानमंत्री के हाथों होना है। काशी तमिल संगमम् में 12 अलग अलग समूहों में लगभग 2500 से 3000 लोग तमिलनाडु से 18 नवंबर को वाराणसी पहुंचेंगे। हर ग्रुप की यात्रा 8 दिन की होगी, जिसमे 2 दिनों की यात्रा तमिलनाडु से वाराणसी पहुंचने की भी शामिल होगी। दल दो दिन वाराणसी में रहेगा तथा हनुमान घाट पर गंगा स्नान, सुब्रह्मण्य भारती के आवास पर जाना, काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन, सारनाथ आर्कियोलॉजिकल साइट एंड म्यूजियम, गंगा आरती और 84 घाटों का नाव से अवलोकन और शाम को बीएचयू में सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होना शामिल है। वाराणसी के बाद दो दिनों में प्रयागराज और अयोध्या की यात्रा भी प्रस्तावित है और फिर दो दिनों की वापसी की यात्रा होगी।

इसके लिए रामेश्वरम, चेन्नई व कोयंबटूर से 3 ट्रेन में अतिरिक्त 3 स्पेशल कोच लगेंगे जो दो दिन के अंतराल पर प्रति सप्ताह काशी आएगी। कार्यक्रम का नोडल मंत्रालय शिक्षा मंत्रालय है। आईआईटी चेन्नई तथा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय को इस कार्यक्रम के लिए नोडल इंस्टिट्यूट नियुक्त किया गया है।

ग्रुप के दिन और कार्यक्रम

सभी ग्रुप के लिए वाराणसी के दिन भी निश्चित हो गए हैं, जिनमे छात्रों का दल 19 से 20 नवंबर, हस्तशिल्पियों का दल 22 और 23 नवंबर, साहित्यकारों का दल 23 व 24 नवंबर, अध्यात्म जगत से जुड़े लोगों का दल 26 से 27 नवंबर, व्यवसाय जगत से जुड़े लोगों का दल 30 नवंबर से 1 दिसंबर, शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों का दल 2 से 3 दिसंबर, हेरिटेज से जुड़े लोगों का दल 4 व 5 दिसम्बर, नवउद्यमियों का दल 7 व 8 दिसम्बर को, प्रोफेशनल्स का दल 8 व 9 दिसंबर को, मंदिर के पुजारियों, महंतों और अर्चकों का दल 10 व 11 दिसम्बर को, ग्रामीण-कृषकों का दल 13 व 14 दिसम्बर को, संस्कृतिकर्मियों का दल 15 व 16 दिसम्बर को काशी तमिल संगमम में शामिल होगा। भ्रमण के दूसरे दिन इन सब ग्रुप के 3 घंटे के विषय संबंधित कार्यक्रम होंगे, जिसमें से 7 कार्यक्रम बीएचयू में, 2 कार्यक्रम श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में और 3 कार्यक्रम ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर में आयोजित होंगे।

Tags: Kashi Tamil Sangamamup newsvaranasi news
Previous Post

ATS के हत्थे चढ़ा PFI का सदस्य, संदिग्ध मिली आरोपी की गतिविधियां

Next Post

‘मुख्यमंत्री प्रथम ग्राम समेकित विकास योजना’ होगी शुरू

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

बेटियों की सुरक्षा का भरोसा देख मोदी बोले- योगी जी को थैंक्यू बोलो

26/10/2026
उत्तर प्रदेश

कांग्रेस तो मानसिक रूप से दिवालिया हो चुकी है, विक्षिप्त हो चुकी है: सीएम योगी

26/10/2026
Main Slider

राहुल गांधी के काफिले में दुर्घटना पर योगी सरकार की त्वरित कार्रवाई, तीन सदस्यीय SIT गठित

26/10/2026
उत्तर प्रदेश

महर्षि वाल्मीकि आश्रम में सीएम योगी ने की पूजा-अर्चना, प्राचीन शिवलिंग और सीता कुटिया के भी किए दर्शन

26/10/2026
उत्तर प्रदेश

सपा में नए चेहरों की एंट्री, अखिलेश बोले- पूरब से पश्चिम तक हलचल

26/10/2026
Next Post
Dhami

'मुख्यमंत्री प्रथम ग्राम समेकित विकास योजना' होगी शुरू

यह भी पढ़ें

Four children drowned in the pond

एक ही परिवार के तीन बच्चों की डूबने से मौत

27/06/2023
firing

वैवाहिक समारोह में हर्ष फायरिंग मामले में दुल्हन के भाई सहित तीन गिरफ्तार

24/11/2021
arrested

अवैध हथियारों के साथ दो शातिर बदमाश गिरफ्तार, भेजा जेल

03/09/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version