• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

ED-CBI के खिलाफ विपक्ष को सुप्रीम कोर्ट की दो टूक, नेताओं के लिए अलग नियम नहीं बना सकते

Writer D by Writer D
05/04/2023
in Main Slider, नई दिल्ली, राष्ट्रीय
0
Supreme Court

Supreme Court

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। विपक्षी पार्टियों द्वारा जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था। केंद्र सरकार पर हमला था और सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से कोई एक्शन लेने की मांग हुई थी। लेकिन इस मामले में सुप्रीम कोर्ट कोई सुनवाई नहीं करने वाला है। विपक्षी पार्टियों को अपनी याचिका वापस लेनी पड़ गई है।

जानकारी के लिए बता दें कि 14 विपक्षी पार्टियों ने साथ मिलकर एक याचिका दायर की थी। उस याचिका के जरिए आरोप लगाया गया था कि केंद्र सरकार द्वारा जांच एजेंसियों का विपक्षी नेताओं के खिलाफ इस्तेमाल हो रहा है। मांग की गई थी कि ये तत्काल प्रभाव से रोका जाए। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करने से ही मना कर दिया है। ऐसे में याचिका को वापस लेना पड़ा है।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का दो टूक जवाब 

कोर्ट ने दो टूक कहा है कि देश में नेताओं के लिए अलग नियम नहीं हो सकते हैं, इसी वजह से इस याचिका पर सुनवाई संभव नहीं। वैसे विपक्ष की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि आंकड़े बताते हैं कि 885 अभियोजन शिकायतें दर्ज की गई थी, सजा सिर्फ 23 में हुईं। ऐसे में 2004 से 2014 तक लगभग आधी अधूरी जांच ही हुईं। ये भी तर्क दिया गया कि 2014 से 2022 तक, ईडी के लिए 121 राजनीतिक नेताओं की जांच की गई है,  उनमें से 95% विपक्ष से हैं।

अलग से दिशानिर्देश नहीं बनेंगे- Supreme Court

कोर्ट ने पूछा कि आप चाहते हैं कि 7 साल तक की सज़ा के मामलों में अगर शर्तों का हनन नहीं हो रहा तो गिरफ्तारी न हो। अगर चाइल्ड एब्यूज या रेप जैसा मामला न हो तो गिरफ्तारी न हो। हम ऐसा कैसे कह सकते है। अगर ये करना भी है तो ये विधायिका का काम है। राजनेताओं के लिए हम अलग से दिशानिर्देश नहीं बना सकते। अब सुप्रीम कोर्ट की इन दलीलों बाद विपक्ष ने अपनी याचिका को वापस ले लिया।

मानसखंड झांकी करेगी प्रदेश का भ्रमण, मुख्यमंत्री धामी ने किया रवाना

क्या जांच से बचने का कोई विशेषाधिकार है?

इस पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डी वाई चंद्रचूड ने कहा कि यह एक या दो पीड़ित व्यक्तियों की दलील नहीं है। यह 14 राजनीतिक दलों की दलील है। क्या हम कुछ आंकड़ों के आधार पर कह सकते हैं कि जांच से छूट होनी चाहिए? आपके आंकड़े अपनी जगह सही है। लेकिन क्या राजनेताओं के पास जांच से बचने का कोई विशेषाधिकार है। आखिर राजनेता भी देश के नागरिक ही हैं। विपक्ष को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से काफी उम्मीद थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के दो टूक जवाब के बाद विपक्ष को इस मामले पर काफी निराशा भी होगी।

14 विपक्षी पार्टियों ने दायर की थी याचिका

बता दें कि 24 मार्च को 14 विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रुख किया था। उस समय कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, जनता दल यूनाइटेड, भारत राष्ट्र समिति, राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (उद्धव) नेशनल कॉन्फ्रेंस, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी  सीपीआई, सीपीएम, डीएमके की तरफ से याचिका दायर हुई थी।

Tags: delhi newsSupreme Court
Previous Post

मानसखंड झांकी करेगी प्रदेश का भ्रमण, मुख्यमंत्री धामी ने किया रवाना

Next Post

हनुमान जयंती पर न बिगड़े माहौल, केंद्र ने सभी राज्यों को जारी की एडवाइजरी

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

आजम खान से मिलने पहुंचे सपा प्रमुख, परिवार से भी करेंगे मुलाकात

22/10/2026
उत्तराखंड

युवा रोजगार लेने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें : मुख्यमंत्री

22/10/2026
Main Slider

शिवा शर्मा केस: हजरतगंज कोतवाली में हाथ हिलाती दिखी श्रद्धा दुबे, वीडियो वायरल

22/10/2026
नई दिल्ली

भारत-पोलैंड की दोस्ती पर टस्क का बड़ा संदेश, PM मोदी से रक्षा-व्यापार पर चर्चा

22/10/2026
Main Slider

10 दिन तक ठिकाने बदलती रही श्रद्धा दुबे, नागपुर में गिरफ्तारी के बाद लखनऊ पहुंची

22/10/2026
Next Post
Home Ministry

हनुमान जयंती पर न बिगड़े माहौल, केंद्र ने सभी राज्यों को जारी की एडवाइजरी

यह भी पढ़ें

First plasma donor

चार बार जरूरतमंद को प्लाज़्मा दान कर राज्य के पहले प्लाज़्मा डोनर बनें हेमनानी

30/11/2020
NEET UG 2026 exam cancelled

करोड़ों छात्रों के लिए बड़ा झटका! नीट यूजी 2026 परीक्षा निरस्त, जानें कब होगी दोबारा परीक्षा

12/05/2026
palkan ke chhaon mein

‘पलकन के छांव में…’ भोजपुरी गीत ने उड़ाया गर्दा, यूट्यूब पर मिले इतने व्यूज

02/07/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version