• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

इस दिशा में न उतारें जूते-चप्पल, घर में हो जाएगा दरिद्रता का वास

Writer D by Writer D
13/05/2026
in धर्म, फैशन/शैली
0
Shoes

Shoes

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

शनि देव का संबंध हमारे पैरों से भी है। पैरों में जूते (Shoes) और चप्पल राहु केतु का प्रतीक है। वास्तु के अनुसार घर में जूते चप्पल का स्टेंड कहां रखना चाहिए? क्या है उसकी सही दिशा? बाहर रखना चाहिए या की घर के अंदर। आओ जानते हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार जूते चप्पल का स्टेंड किस दिशा में होना चाहिए।

कहां नहीं होना चाहिए जूते (Shoes) चप्पल?

– घर के मुख्य द्वार पर जूते-चप्पल नहीं रखना चाहिए इससे नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है।
– घर में द्वार के तुरंत भीतर जूते चप्पल का स्टेंड (Shoe-Stand)  नहीं रखना चाहिए।
– जब भी आप जूते चप्पल उतारें तो उन्हें कभी पूर्व या फिर उत्तर दिशा में नहीं उतारें।
– पूर्व या उत्तर दिशा में जूते चप्पल का स्टेंड नहीं रखना चाहिए।
– इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है वहां धन की देवी लक्ष्मी भी नहीं आती है।
– जब आप घर में मिट्टी लगे वाले जूते लेकर आते हैं और उत्तर दिशा में खोलकर चले जाते हैं तो आपके घर की सकरात्मक ऊर्जा भी नकारात्मक ऊर्जा में बदल जाती है।

कहां होना चाहिए जूते चप्पल स्टेंड (Shoe-Stand) ?

– अपने गंदे जूते-चप्पल दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखने चाहिए।
– हो सके तो जूते चप्पल का स्टेंड घर के बाहर हो तो बेहतर है।

अन्य नियम:-

– जो व्यक्ति घर के अंदर जूते-चप्पल पहनकर आता है इसके साथ घर में राहु और केतु जैसे पापी ग्रह भी घर के अंदर प्रवेश कर जाते हैं।
– वास्तु के अनुसार घर में चप्पल पहनना मना है। इसके विकल्प के तौर पर आप घर में मोजे पहनकर रह सकते हैं।
– घर में रसोईघर, भंडारघर, पूजाघर, तिजोरी वाले स्थान आदि के समक्ष जूते या चप्पल पहनकर जाने से धन संपत्ति का नाश होता है।
– कभी अपने गंदे जूते-चप्पल उत्तर दिशा में कभी नहीं उतारने चाहिए बल्कि जूते-चप्पल दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखने चाहिए।
– फटे और पुराने जूते पहनने से शनि की अशुभ छाया और घर पर दरिद्रता आती है।
– शनिवार को जूते-चप्पल खरीदना इसीलिए मना कहा जाता है कि शनि का संबंध पैरों से माना गया है। उस दिन जूते-चप्पल खरीदने से शनि संबंधी पीड़ा भी घर में आ सकती है।
– शनि की अशुभ छाया से बचने के लिए शनिवार के दिन काले रंग की चमड़े की चप्पल या जूते को मंदिर के बाहर उतार का बिना पलटे वापस आने से शनि दोष से छुटकारा मिलता है।

Tags: AstrologyAstrology tipsvastu shastraVastu Tips
Previous Post

दूर होगी आर्थिक तंगी, मंदिर में जलाए दीपक

Next Post

कब है अपरा एकादशी? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Writer D

Writer D

Related Posts

Sawan
धर्म

सावन में करें इन मंत्रो का जाप, भोले बाबा करेंगे हर संकट का अंत

12/08/2026
Waxing
फैशन/शैली

वैक्सिंग के बाद भी पैर नहीं दिखते खूबसूरत, तो ट्राई करें ये टिप्स

12/08/2026
Rakhi
Main Slider

रक्षाबंधन पर न बांधें ऐसी राखी, भाई-बहन के रिश्तों में पड़ सकती है दरार

12/08/2026
Surya Grahan on Hariyali Amavasya
Main Slider

हरियाली अमावस्या पर ग्रहण का साया, जानें भारत में क्या रहेगा असर

12/08/2026
Surya Grahan
Main Slider

आज लग रहा है साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानें सूतक काल के नियम

12/08/2026
Next Post
Devshayani Ekadashi

कब है अपरा एकादशी? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

यह भी पढ़ें

Online Gaming Bill

अवैध ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स: क्रिकेटरों से पूछताछ, हुआ ये बड़ा खुलासा

17/06/2025
META

भारत ने META पर लगाया 213 करोड़ का जुर्माना, किया 5 साल के लिए बैन

19/11/2024
Transfer

यूपी में फिर चली तबादला एक्सप्रेस, 10 IPS अफसरों के बदले कार्यक्षेत्र

10/06/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version