अयोध्याउत्तर प्रदेश

रामपथ के गड्ढों और जल भराव का मुख्यमंत्री योगी ने लिया संज्ञान

अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने रामनगरी में जल भराव और राम पथ (Rampath) सहित और कई अन्य सड़कों पर गड्ढे होने की खबरों को गंभीरता से संज्ञान में लिया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मरम्मत एवं जल निकासी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जिसके क्रम में संबंधित विभाग जुट गए। अयोध्या में दो दिनों से लगातार हो रही बरसात ने जहाँ राम नगरी की गलियों को लबालब कर दिया है। वहीं रामपथ (Rampath) व अन्य सड़कों पर बडे़ बड़े गड्ढे हो गए, जिसे लेकर नगर निगम, लोक निर्माण विभाग व जल निगम ने युद्धस्तर पर मरम्मत का कार्य प्रारम्भ कर दिया है।

रामपथ (Rampath) पर कुल 13 किमी की लम्बाई में कुल 12.50 किमी नई सीवर लाइन बिछाई गयी है। जिसमें 105 गलियां जुड़ी हैं। इस पथ पर कुल 520 मैनहोल का निर्माण कराया गया है। जिसमें बीस फीट गहरे मात्र 6 मैनहोल के पास रात्रि में अत्यधिक वर्षा के कारण पानी के रिसाव से सेटलमेंट से गड्ढे हो गये। जिसे मात्र 4 घंटे के अंतराल में ही ठीक कराकर मार्ग मोटरेबल करा दिया गया। इमामबाड़ा में पेयजल लाइन टूट जाने के कारण तथा मैनहोल के सन्निकट नाले की वजह से सेटलमेंट हो गया था। जिसे 6 घंटे के अंतराल में लीकेज रिपेयर कर बालू की फिलिंग कराते हुए मार्ग को मोटरेबल कर दिया गया। समस्याओं के निदान कर लिए गए हैं।

जोन वार टीम गठित की गई व बनाया गया कंट्रोल रूम

नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि आगामी वर्षा के पूर्वानुमान के अनुरूप जल भराव की समस्या के त्वरित समाधान हेतु अयोध्या महानगर में किसी प्रकार की दिक्कत ना हो इसके लिए नगर निगम ने जोन वार टीम गठित की है।

महानगर क्षेत्र को तीन जोन मे बांटा गया है जिससे किसी समय आवश्यकता पड़ने पर तुरंत टीम रवाना कर जलभराव या सड़क पर गड्ढे की मरम्मत की जा सकती है। इसके लिए अयोध्या धाम जोन, कौशलपुरी जोन व अवधपुरी जोन बनाया गया है। इसके अलावा कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है जो 24 घंटा सक्रिय रहेगा।

क्या कहते हैं लोग निर्माण विभाग के अधिकारी

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ध्रुव अग्रवाल ने बताया कि रिकाबगंज के पास सीवर लाइन के कारण सड़क के धंसने की तथा इसके अलावा कुछ छुट पुट जगहों पर सीवर लाइन के मैन होल के पास सड़क के धंसने जैसी सूचना प्राप्त हुई थी। उपरोक्त के सम्बन्ध में उन्होंने बताया है कि उक्त स्थलों पर तुरन्त संज्ञान लेते हुये ग्रेन्युलर मटेरियल से कार्य करा दिया गया है।

रामनगरी में बारिश के चलते फिर धंसा रामपथ, कई इलाके हुए जलमग्न

यातायात सुचार रूप से संचालित है उपरोक्त के अलावा पूरे रामपथ पर कहीं भी सड़क के धंसने जैसी कोई सूचना नहीं है। उक्त राम पथ (Rampath) का निर्माण पूर्ण गुणवत्ता के साथ बेहतर ड्रेनेज एवम अत्याधुनिक तकनीकी से किया गया है। जिसके कारण अति वृष्टि के चलते भी लगभग 13 किमी लंबे रामपथ (Rampath) के किसी अन्य स्थान पर सड़क के धसने व जल भराव की समस्या नहीं हुई है।

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