• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

14 या 15 मार्च , होली कब है, यहां दूर करें कन्फ्यूजन

Writer D by Writer D
11/03/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Holi

Holi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

होली (Holi) को लेकर लोगों में संशय की स्थिति बनी हुई है। हिंदू पंचांग के अनुसार होली का त्योहार पूर्णिमा के अगले दिन यानि चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि को मनाते हैं, जबकि होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा को भद्रा रहित मुहूर्त में रात के समय करते हैं। फाल्गुन की पूर्णिमा गुरुवार की सुबह 10:11 बजे से शुरू हो रही है और भद्रा भी उसी समय से आरंभ हो रहा है। भद्रा गुरुवार की रात 10:37 बजे तक रहेगी। वहीं 14 मार्च शुक्रवार को पूर्णिमा तिथि दोपहर 11:15 बजे तक ही है।

पंचांग के अनुसार, होलिका दहन 13 मार्च 2025 को किया जाएगा। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 11 बजकर 26 मिनट से 14 मार्च को सुबह 12 बजकर 29 मिनट तक रहेगा।

बनारस और मथुरा में 14 मार्च को होगी होली

बनारस में 14 मार्च को होली का पावन पर्व मनाया जाएगा।

प्रतिपदा में 15 मार्च को खेली जाएगी होली (Holi) 

उदयातिथि के आधार पर होलिका दहन पूर्णिमा तिथि में और होली फाल्गुन कृष्ण प्रतिपदा में मनाने का विधान है। जहां पर उदयातिथि के अनुसार पर्व मनाया जाता है वहां पर प्रतिपदा तिथि के अनुसार 15 मार्च को होली मनाई जाएगी। मिथिला क्षेत्र में भी होली 15 मार्च को मनाई जाएगी। 14 मार्च को इस बार आतर रहेगा। 14 मार्च शुक्रवार को उदयातिथि को लेकर दोपहर तक पूर्णिमा ही है, इस कारण रंगोत्सव होली नहीं मनायी जाएगी। इसलिए इस बार होली 15 मार्च को मनायी जाएगी।

होलिका दहन (Holi Dahan) पर करें ये काम-

होलिका दहन (Holika Dahan) के दिन होलिका की पूजा में अक्षत, गंगाजल, रोली-चंदन, मौली, हल्दी, दीपक, मिष्ठान आदि से पूजा के बाद उसमें आटा, गुड़, कपूर, तिल, धूप, गुगुल, जौ, घी, आम की लकड़ी, गाय के गोबर से बने उपले या गोइठा डाल कर सात बार परिक्रमा करने से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि में वृद्धि, नकारात्मकता का ह्रास होता है।

रोग-शोक से मुक्ति मिलती है व मनोकामना की पूर्ति होती है। होलिका के जलने के बाद उसमें चना या गेहूं की बाली को सेंक या पकाकर प्रसाद के रूप में ग्रहण करने से स्वास्थ्य अनुकूल होता है।

Tags: HoliHolika Dahan
Previous Post

पापमोचनी एकादशी कब है? जानें पूजन व व्रत पारण मुहूर्त

Next Post

होली पर लग रहा है चंद्र ग्रहण, जानें राशिनुसार इसका प्रभाव

Writer D

Writer D

Related Posts

Transfer
Main Slider

यूपी में 14 PCS अफसरों के तबादले, 3 को निर्वाचन कार्यालय में तैनाती

22/10/2026
Earthquake
Main Slider

तिब्बत में भूकंप के तेज झटके, 7.0 तीव्रता से दहला इलाका

22/10/2026
Main Slider

पंजाब विधानसभा के दरवाजे विद्यार्थियों के लिए खुले, CM मान ने बढ़ाया हौसला

22/10/2026
Main Slider

कुछ लोग भारत को भी नेपाल और बांग्लादेश बनाना चाहते थे : धामी

22/10/2026
Main Slider

अखिलेश ने आजम खान के साथ किया सबसे बड़ा अन्याय: राजभर

22/10/2026
Next Post
Sutak Kaal

होली पर लग रहा है चंद्र ग्रहण, जानें राशिनुसार इसका प्रभाव

यह भी पढ़ें

Masala Idli Fry

ब्रेकफ़ास्ट में फटाफट बनेगी मसाला इडली फ्राई

22/10/2025
sid shehnaaz tony

सिद्धार्थ शुक्ला ने शहनाज गिल को टोनी कक्कड़ के साथ डांस करते हुए पकड़ा

10/11/2020
Bharti Singh

क्या अब कपिल शर्मा शो में नजर नहीं आएंगी भारती सिंह

28/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version