• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

शनि अमावस्या पर करें इन मंत्रों का जाप, पितृदोष से मिलेगी मुक्ति

Writer D by Writer D
27/03/2025
in धर्म, फैशन/शैली
0
Shani Amavasya

Shani Amavasya

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

कई बार लोग जाने अनजाने कुछ ऐसे काम कर देते हैं, जिससे उनकी कुंडली में पितृदोष उत्पन्न हो जाता है। कहते हैं जिन लोगों कुंडली में यह दोष होता है उसे जीवन में तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पितरों को प्रसन्न करने और पितृदोष से मुक्ति पाने लोग पिंडदान, श्राद्ध तथा तर्पण करते हैं, जिसके लिए पितृपक्ष और अमावस्या तिथि उत्तम मानी जाती है। इस बार अमावस्या तिथि शनिवार के दिन पड़ रही है। शनि अमावस्या (Shani Amavasya) के दिन शनिदेव की कृपा पाने के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता है। इस तिथि पर पितरों और शनिदेव की पूजा करने के साथ कुछ विशेष मंत्रों का जाप करने से पितृदोष से मुक्ति पाई जा सकती है।

शनि अमावस्या (Shani Amavasya) तिथि

वैदिक पंचांक के अनुसार, बार चैत्र माह कि अमावस्या तिथि की शुरुआत 28 मार्च को शाम 7 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगी वहीं तिथि का समापन अगले दिन यानी 28 मार्च को शाम 4 जबकर 27 मिनट पर होगा। ऐसे में चैत्र माह अमावस्या तिथि 29 मार्च को हैं। दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है। ऐसे में इस तिथि का महत्व और भी अधिक हो जाता है।

पितृदोष मुक्ति मंत्र

ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः स्वधा नमः।

ॐ श्राध्दाय स्वधा नमः

ॐ श्री सर्व पितृ देवताभ्यो नमो नमः

ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः पितृगणाय च नमः

ॐ त्र्यंबकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं। भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।।

ॐ पितृदेवतायै च विद्महे जगत्पितृदेवतायै धीमहि। तन्नः पितरः प्रचोदयात्।।

पितृ गायत्री मंत्र

देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च । नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः ।।

शनि अमावस्या (Shani Amavasya) का महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार, शनिदोष और पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए शनि अमावस्या का दिन बहुत ही अच्छा माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान तथा दान करना शुभ फलदायी होता है। कहते हैं इस दिन सरसों के तेल में काले तिल डालकर चढानें से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। इसके साथ ही काले रंग चीजों का दान करना भी अच्छा माना जाता है। वहीं इस मंत्रों का जाप करने से शनिदोष, पितृदोष तथा कालसर्पदोष से भी मुक्ति पाई जा सकती है।

Tags: Shani Amavasya
Previous Post

चैत्र नवरात्रि पर इस मुहूर्त में करें कलश स्थापना, नोट करें सही समय

Next Post

इस दिन लग रहा है साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानें भारत में क्या होगा असर

Writer D

Writer D

Related Posts

Partner
फैशन/शैली

रिश्ते में आ गई हैं गलतफहमियां, तो इन टिप्स से करें दूर करें

06/03/2026
Engagement
फैशन/शैली

सगाई के बाद न करें ये गलतियां, आ सकती हैं रिश्ते में दरार

06/03/2026
Mantra
Main Slider

इन मंत्रों से करें दिन की शुरुआत, नहीं आएगी कोई मुसीबत

06/03/2026
money
धर्म

सपने में इन चीजों का दिखना, इस बात का होता है संकेत

06/03/2026
oily skin
फैशन/शैली

ऑयली स्किन की समस्या होगी दूर, करें बस ये काम

06/03/2026
Next Post
Surya Grahan

इस दिन लग रहा है साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानें भारत में क्या होगा असर

यह भी पढ़ें

hair mask

गर्मियों में बालों की समस्या का इलाज है ये हेयर मास्क

09/06/2023
dynamic facade lighting

भारतीय संस्कृति में प्रकाश को ज्ञान के प्रतीक के रूप में माना गया: सीएम योगी

25/12/2022
RSBI Rajasthan Board

RSBI राजस्थान बोर्ड की 10वीं और 12वीं के एग्जाम इस डेट से हो सकती है शुरू

12/02/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version