• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

AI से पैदा हुआ पक्षी, ऐसा करने वाला भारत बना विश्व का पहला देश

Writer D by Writer D
13/04/2025
in राजस्थान, राष्ट्रीय
0
Gudawan

Gudawan

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

जयपुर। राजस्थान के राज्य पक्षी गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) के अस्तित्व पर संकट के बादल गहरा रहे थे। ऐसे में राज्य सरकार के प्रयास से जैसलमेर के सुदासरी गोडावण ब्रीडिंग सेंटर से गोडावण को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है, जहां वैज्ञानिकों की देख-रेख में आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन (कृत्रिम गर्भाधान) से बच्चे पैदा किये गये। इसके बाद भारत कृत्रिम गर्भाधान से गोडावण (Gudawan) के बच्चे पैदा करने वाला विश्व का पहला देश बन गया है।

गौरतलब है कि 6 महीने पहले भी इसी प्रक्रिया को अपनाकर एक गोडावण का जन्म हुआ था। अब एआई तकनीक के द्वारा कृत्रिम गर्भाधान से गोडावण (Gudawan) का जन्म करवाकर विलुप्त होने जा रही इस दुर्लभ प्रजाति को बचाया जा सकेगा।

गोडावण ब्रीडिंग सेंटर 52 पहुंची संख्या

जानकारी के अनुसार, 16 मार्च को कृत्रिम गर्भाधान के बाद, राजस्थान के संरक्षण प्रजनन केंद्र में मादा टोनी द्वारा दिए गए अंडे से सीजन का 8वां ग्रेट इंडियन बस्टर्ड चूजा निकला, जो प्रोजेक्ट जीआईबी के लिए दूसरी कृत्रिम गर्भाधान सफलता को चिन्हित करता है। अब गोडावण (Gudawan) ब्रीडिंग सेंटर में इनकी संख्या बढ़कर 52 हो चुकी है, जो किए जा रहे प्रयासों का एक सुखद संकेत है।

अबू धाबी से आया आइडिया

डीएफओ (DFO) ने बताया कि इंटरनेशनल फंड फॉर हुबारा कंजर्वेशन फाउंडेशन, अबू धाबी (IFHC) में तिलोर पक्षी पर इस तरह का परीक्षण किया गया और वो सफल रहा। भारत के वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) के वैज्ञानिक भी वहां गए और इस तकनीक को सीखा। इसके बाद गोडावण पर इस तरह के परीक्षण के प्रयास शुरू किये गए थे।

8 महीने तक नर(Male) गोडावण (Gudawan) को दी ट्रेनिंग

इससे पहले जन्मे गोडावण (Gudawan) के लिए रामदेवरा गोडावण ब्रीडिंग सेंटर में स्थित सुदा नामक नर गोडावण को कृत्रिम मेटिंग के लिए ट्रेनिंग दी गई थी। उसके स्पर्म इकट्ठे किए गए थे। स्पर्म को सुदासरी स्थित ब्रीडिंग सेंटर लाकर 20 सितंबर 2024 को टोनी नामक मादा गोडावण से कृत्रिम गर्भाधान करवाया गया। जिसके बाद एक गोडावण का जन्म हुआ था। अब शुक्रवार को इसी पद्धति से एक और गोडावण का जन्म होने से खुशी की लहर है।

Tags: GudawanNational newsrajasthan news
Previous Post

मुझे कुरान, कलम और… तहव्वुर राणा ने NIA से की मांग

Next Post

… तब तक कथा नहीं करूंगा, जानें रामभद्राचार्य महाराज ने क्यों कही ये बड़ी बात

Writer D

Writer D

Related Posts

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री घोषणाओं पर मुख्य सचिव का सख्त रुख, 303 लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश

29/09/2026
Main Slider

विभिन्न राज्यों की संस्कृति, नवाचार और बेहतर कार्यप्रणालियों को जानें उत्तराखण्ड के युवा: मुख्यमंत्री

29/09/2026
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की बेटी ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से देश-प्रदेश का मान बढ़ाया : मुख्यमंत्री साय

28/09/2026
पंजाब

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर अमृतसर में श्री दरबार साहिब में हुए नतमस्तक

28/09/2026
Main Slider

वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता-2026 में उत्तराखंड का गौरवपूर्ण प्रदर्शन

28/09/2026
Next Post
Jagadguru Rambhadracharya

... तब तक कथा नहीं करूंगा, जानें रामभद्राचार्य महाराज ने क्यों कही ये बड़ी बात

यह भी पढ़ें

Kanpur Dehat

कानपुर देहात की घटना से यूपी की राजनीति में उबाल

14/02/2023
UPSESSB

यूपी टीजीटी पीजीटी भर्ती में कला की योग्यता में संशोधन की मांग

24/11/2020
दीप सिद्धू Deep Sidhu

लाल किले के मुख्य उपद्रवी दीप सिद्धू समेत चार पर एक लाख का इनाम घोषित

03/02/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version