• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

वरुथिनी एकादशी कब है? जानें महत्व एवं व्रत पारण समय

Writer D by Writer D
14/04/2025
in धर्म, फैशन/शैली
0
Varuthini Ekadashi

Varuthini Ekadashi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

सनातन धर्म में वरुथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi) का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। हर साल वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर यह एकादशी मनाई जाती है। इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और उनके निमित्त व्रत रखा जाता है। वरुथिनी एकादशी का व्रत भगवान की कृपा पाने का एक महत्त्वपूर्ण दिन होता है। अगर आप भी लक्ष्मी नारायण की कृपा पाना चाहते हैं, तो ऐसे में चलिए आपको बताते हैं कि इस साल वरुथिनी एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा।

वरुथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi) 2025 कब है?

वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 23 अप्रैल को शाम 4:43 बजे से शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 24 अप्रैल को दोपहर 2:32 बजे होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार वरुथिनी एकादशी का व्रत 24 अप्रैल को रखा जाएगा।

वरुथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi) पारण समय

वरुथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi) व्रत का पारण 25 अप्रैल को किया जाएगा। व्रत पारण का समय 25 अप्रैल को सुबह 5:46 बजे से लेकर सुबह 8:23 बजे तक रहेगा। इस समय के दौरान व्रती स्नान-पूजन करके व्रत खोल सकते हैं। व्रत का पारण करने के बाद अन्न-धन का दान करना चाहिए।

वरुथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi) का महत्व

वरुथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi) का विशेष महत्त्व माना जाता है। सभी एकादशी की तरह ही, यह व्रत भी भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के पूजन का दिन है। धार्मिक मान्यता है कि वरुथिनी एकादशी का व्रत रखने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। साथ ही, व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि होती है।

इसके अलावा, वरुथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi) का व्रत रखने से व्यक्ति को सभी संकटों से मुक्ति मिल सकती है। पौराणिक मान्यता है कि वरुथिनी एकादशी व्रत करने वाले को मृत्यु के बाद स्वर्ग और वैकुंठ लोक में जगह मिलती है। ऐसा माना जाता है कि वरुथिनी एकादशी व्रत करने से व्यक्ति के सभी पाप दूर हो जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।

Tags: Varuthini Ekadashi
Previous Post

बिटिया के सिर में हो गई हैं जुएं, तो आजमाए ये घरेलू उपाय

Next Post

वट सावित्री व्रत में न करें ये गलतियां, वरना मिल सकते हैं अशुभ परिणाम

Writer D

Writer D

Related Posts

Chardham Yatra
Main Slider

Chardham Yatra 2026: गंगोत्री-यमुनोत्री के खुले द्वार, आज से चारधाम यात्रा का शंखनाद

19/04/2026
Akshaya Tritiya
धर्म

अक्षय तृतीया पर क्या खरीदें, यहां देखें पूरी लिस्ट

19/04/2026
Akshaya Tritiya
Main Slider

अक्षय तृतीया के दिन जरूर करें ये उपाय, घर आएगी सुख-समृद्धि

19/04/2026
Akshaya Tritiya
Main Slider

अक्षय तृतीया पर न करें ये काम, रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी

19/04/2026
Akshaya Tritiya
Main Slider

अक्षय तृतीया पर कर लिए ये काम तो हो जाएगी बल्ले-बल्ले, बरसेगा धन

19/04/2026
Next Post
Vat Savitri Vrat

वट सावित्री व्रत में न करें ये गलतियां, वरना मिल सकते हैं अशुभ परिणाम

यह भी पढ़ें

avalanche

उत्तरकाशी: हिमस्खलन से 8 प्रशिक्षुओं का रेस्क्यू, 4 के शव बरामद

04/10/2022
Tirupati Devasthanam

तिरुपति मंदिर के शुद्धिकरण के लिए हुआ महा शांति होम, देवस्थानम का प्रायश्चित के लिए अनुष्ठान

23/09/2024
illegal hemp recovered

डेढ़ किलो अवैध गांजा के साथ मादक तस्कर गिरफ्तार, भेजा जेल

13/02/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version