• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

निर्जला एकादशी में इस तरह से जल पीने पर खंडित नहीं होगा आपका व्रत, जानें नियम

Writer D by Writer D
16/05/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Putrada Ekadashi

Putrada Ekadashi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत अति महत्वपूर्ण माना गया है। पूरे साल में चौबीस एकादशियां आती हैं लेकिन जब अधिकमास या मलमास पड़ता है तब एकादशी कुल मिलाकर 26 के करीब हो जाती हैं। ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi) या भीमसेनी एकादशी कहा जाता है। इस व्रत की महत्ता बाकी की एकादशी से अधिक बतायी जाती है।कहा जाता है कि इस की एकादशी सभी एकादशी के व्रत करने के बराबर होती है यानि ये एक एककादशी व्रत रखने से आपको पूरी 24 एकादशी का फल मिल जाता है।

निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi) जैसा कि नाम से ही विदित है कि इस व्रत में जल के बिना रहा जाता है। इस व्रत में भोजन और जल ग्रहण करना निषेध है। वैसे तो शास्त्रों के अनुसार इस व्रत में पानी का पीना वर्जित है इसिलिये इस निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi) कहते हैं लेकिन शास्त्रानुसार एक तय नियम और तय समय में आप जल ग्रहण कर सकते हैं।चलिए आपको बताते हैं वो नियम…

इस नियम से पानी पीने से नहीं टूटता व्रत

वैसे तो ऐसी मान्यता है कि निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi) व्रत का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है जब अगले दिन व्रत का पारण करके जल को ग्रहण किया जाये, लेकिन अगर आप इस व्रत में स्नान आचमन के समय नियमानुसार अगर आप पानी पीते हैं तो व्रत भंग नहीं होता है और इस व्रत से अन्य तेईस एकादशियों का पुण्य का लाभ भी आपको मिल जाता है। यानि जिस वक्त आप नहाने जायें उस वक्त पहले जल का आचमन करें और फिर उसी समय पानी पी लें।

पौराणिक कथा भी प्रचलित

इस नियम के पीछे एक पौराणिक कथा भी प्रचलित है एक बार महर्षि व्यास पांडवो से भीम ने पूछा कि महर्षि ये बताइए कि युधिष्ठर, अर्जुन, नकुल, सहदेव, माता कुन्ती और द्रौपदी सभी एकादशी का व्रत करते हैं लेकिन अपनी उदर अग्नि के चलते ये व्रत नहीं कर पाता तो क्या कोई ऐसा व्रत है जो मुझे चौबीस एकादशियों का फल एक साथ दे सके ?

महर्षि व्यास जानते थे कि भीम भोजन के बिना नहीं रह सकते, तब व्यास जी ने भीम से कहा कि तुम ज्येष्ठ शुक्ल निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi) का व्रत रखो क्योंकि इस व्रत में स्नान आचमन के समय जल ग्रहण से दोष नहीं लगता और सभी 24 एकादशियों का फल व्रत करने वाले को मिल जाता है।

Tags: Nirjala Ekadashi
Previous Post

आदेश के बावजूद भी नही शुरू हो सका ककरहवा बॉर्डर से ट्रेड रुट

Next Post

एकदंत संकष्टी चतुर्थी पर इस खास विधि से करें पूजा, बप्पा होंगे प्रसन्न

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

योग भारत की विरासत, स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ राष्ट्र का आधार: सीएम योगी

21/06/2026
Hair Wash
फैशन/शैली

मजबूत बालों के लिए ट्राई करें रिवर्स हेयर वॉश

21/06/2026
Hair
फैशन/शैली

बाल हो जाएंगे लंबे और खूबसूरत, बस आज से शुरू करें ये काम

21/06/2026
Indouri Poha
खाना-खजाना

आज परोसें ये फेमस डिश, बेहद टेस्टी है ये रेसिपी

21/06/2026
Father's Day
फैशन/शैली

आई लव यू डैडी से पापा कहते तक, ये गाने फादर्स डे को बनाते है और भी यादगार

21/06/2026
Next Post
Sankashti Chaturthi

एकदंत संकष्टी चतुर्थी पर इस खास विधि से करें पूजा, बप्पा होंगे प्रसन्न

यह भी पढ़ें

NSE

पहलगाम हमले में शहीदों के परिवारों को NSE ने बढ़ाया मदद का हाथ, देगा 1 करोड़

25/04/2025
Horoscope

28 मई राशिफल: जानिए कैसा बीतेगा आपका आज का दिन

28/05/2022
Rhea Chakraborty

सुशांत केस में रिया चक्रवर्ती के किन दो सवालों के जवाब से संतुष्ट नहीं है CBI

31/08/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version