• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

गुरु पूर्णिमा पर शिष्य और गुरु, दोनों भूमिका में दिखेंगे सीएम योगी

Writer D by Writer D
08/07/2025
in उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
0
CM Yogi

CM Yogi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

गोरखपुर। सनातन विचार दर्शन एवं संस्कृति में गुरु-शिष्य के रिश्ते को प्रतिष्ठित करने वाले पावन पर्व गुरु पूर्णिमा गोरक्षपीठ के लिए विशेष होती है। यह वह अवसर होता है जब गोरक्षपीठाधीश्वर नाथपंथ के आदिगुरु महायोगी गोरखनाथ सहित पीठ के अपने पूर्ववर्ती गुरुजनों की पूजन-स्तुति करते हैं और तदुपरांत अपने शिष्यों और गोरक्षपीठ के श्रद्धालुओं को स्नेहाशीष से अभिसिंचित करते हैं। गोरक्षपीठ की इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान पीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) गुरु पूर्णिमा (10 जुलाई, गुरुवार) पर शिष्य और गुरु दोनों भूमिकाओं में दिखेंगे।

यूं तो गोरक्षपीठ, गोरखनाथ मंदिर में धर्म-अध्यात्म की मंगलध्वनि अहर्निश गुंजायमान रहती है, पर गुरु पूर्णिमा का पर्व यहां बेहद खास होता है। इस दिन के विशेष आयोजन में सहभागी बनने की गोरक्षपीठ के श्रद्धालुओं की उत्कंठा प्रबल होती है। नाथपंथ मुख्यतः गुरुगम्य मार्ग है। इस लिहाज से गोरक्षपीठ और गुरु पूर्णिमा का अटूट नाता है। गुरु-शिष्य परंपरा इस पीठ के मूल में है। गुरु परंपरा से ही नाथ परंपरा आगे बढ़ी है। यही वजह है कि गोरक्षपीठ, गुरु परंपरा के प्रतीक के तौर पर पूरी दुनिया में प्रतिष्ठित है। हर काल में इस परंपरा को कायम रख पीठ ने कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया है। शिवावतार भगवान गोरखनाथ ने योग को लोक कल्याण का माध्यम बनाया तो उनके अनुगामी नाथपंथ के मनीषियों ने लोक कल्याणकारी अभियान को गति दी।

उल्लेखनीय है कि सनातन संस्कृति गुरु को गोविंद (भगवान) से भी ऊंचे स्थान पर प्रतिष्ठित करती है। गुरु का ध्येय समग्र रूप में लोक कल्याण होता है और इसकी की दीक्षा भी वह अपने शिष्य को देता है। गुरु परंपरा के आईने में देखें तो नाथपंथ की विश्व प्रसिद्ध गोरक्षपीठ बेमिसाल है। पीढ़ी दर पीढ़ी गोरक्षपीठाधीश्वरों ने अपने गुरु से प्राप्त लोक कल्याण की परंपरा को विस्तारित किया है। वर्तमान पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) इसे निरंतर ऊंचाई प्रदान कर रहे हैं।

गुरु परंपरा के लोक कल्याणकारी कार्यों के अनुगमन में गोरक्षपीठ की गत-सद्यः तीन पीढ़ियां तो कीर्तिमान रचती नजर आती हैं। गोरखनाथ मंदिर के वर्तमान स्वरूप के शिल्पी ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ महाराज ने लोक कल्याण के लिए शिक्षा को सबसे सशक्त माध्यम बनाते हुए 1932 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। उदात्तमना ब्रह्मलीन महंत जी ने गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए अपने दो महाविद्यालय भी दान में दे दिए थे। उनके समय में ही लोगों को हानिरहित व सहजता से उपलब्ध चिकित्सा सुविधा हेतु मंदिर परिसर में एक आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्र की भी स्थापना हुई थी। अपने गुरु द्वारा शुरू किए गये इन प्रकल्पों को अपने समय में उनके शिष्य ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ महाराज ने विस्तार दिया। शिक्षा, चिकित्सा, योग सहित सेवा के सभी प्रकल्पों को नया आयाम दिया। ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ महाराज के शिष्य एवं वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक कल्याण के लिए अपने दादागुरु द्वारा रोपे और अपने गुरु द्वारा सींचे गए पौधे को वटवृक्ष सरीखा बना दिया है। किराए के एक कमरे में शुरू शिक्षा का प्रकल्प दर्जनों संस्थानों के साथ ही विश्वविद्यालय तक विस्तारित हो चुका है। इलाज के लिए गोरक्षपीठ की तरफ से संचालित गुरु श्री गोरक्षनाथ चिकित्सालय की ख्याति पूरे पूर्वांचल में है। गोरक्षपीठ से योग के प्रसार को लगातार गति मिली है। पीठ की गुरु परंपरा में लोक कल्याण के मिले मंत्र की सिद्धि योगी आदित्यनाथ की मुख्यमंत्री की भूमिका में भी नजर आती है।

गुरु पूर्णिमा पर्व और नाथपंथ का संबंध कितना अटूट और गहरा है, इसका अंदाजा इस पर्व पर गोरखनाथ मंदिर में होने वाले भव्य आनुष्ठानिक आयोजन को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। सभी नाथ योगियों ने इस परंपरा की गरिमा और प्रतिष्ठा को पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ कायम रखा है। महायोगी गुरु गोरखनाथ से लेकर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) तक ने न केवल इस परंपरा को समृद्ध किया है, बल्कि गुरु प्रतिष्ठा के प्रति लोगों को प्रेरित भी किया है।

मुख्यमंत्री (CM Yogi) जैसे महत्वपूर्ण पद की तमाम व्यस्तताओं के बावजूद गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ हर गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरु का आशीर्वाद लेने और शिष्यों को आशीर्वाद देने के लिए गोरखनाथ मंदिर जरूर पहुंचते हैं। इसी क्रम में इस बार भी गुरुवार को वह गुरु पूर्णिमा पूजा के लिए मंदिर में मौजूद रहेंगे।

नाथपंथ की स्थापना के समय से ही गुरु-शिष्य परंपरा उससे अनिवार्य रूप से जुड़ी रही। गुरु-शिष्य परंपरा से ही नाथपंथ की परंपरा भी अनवरत आगे बढ़ रही है। नाथपंथ में गुरु और ईश्वर में कोई फर्क नहीं माना जाता है। नाथ परंपरा में गुरु ही ईश्वर है और ईश्वर ही गुरु है। यही वजह है कि गोरखनाथ मंदिर के लिए गुरु पूर्णिमा पर्व का खास महत्व है। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गुरुवार को महायोगी गोरखनाथ का विशिष्ट पूजन कर नाथपंथ के गुरुजन के प्रति श्रद्धा निवेदित करेंगे। इस पर्व पर शिवावतार गुरु गोरक्षनाथ को रोट अर्पित करने की भी परंपरा है। आनुष्ठानिक कार्यक्रमों को पूर्ण करने के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर अपने शिष्यों और गोरक्षपीठ के अनुयायियों को आशीर्वाद प्रदान करेंगे। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर 4 जुलाई से गोरखनाथ मंदिर में चल रहे श्रीरामकथा की पूर्णाहुति भी होगी।

गुरु पूर्णिमा के दिन गुरुवार को गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूजन का सिलसिला तड़के से ही शुरू हो जाएगा। गोरक्षपीठाधीश्वर सुबह सबसे पहले गुरु गोरक्षनाथ की पूरे विधि विधान से पूजा करेंगे। उन्हें रोट चढ़ाएंगे। इसके बाद नाथपंथ के सभी योगियों की समाधि स्थली और देवी देवताओं के मंदिर में विशेष पूजन का कार्यक्रम होगा। पूजा के अंत के सामूहिक आरती होगी। गुरु पूजन के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर अपने शिष्यों के बीच आएंगे। बारी-बारी से शिष्य, गोरक्षपीठाधीश्वर तक पहुंचेंगे और तिलक लगाकर उनका आशीर्वाद ग्रहण करेंगे। आशीर्वचन के बाद मंदिर में सहभोज का आयोजन किया जाएगा।

Tags: guru purnimaYogi News
Previous Post

गोण्डा में मनोरमा नदी के पुनर्जीवन की ऐतिहासिक पहल का शुभारंभ

Next Post

नए कार्यालय संगठन को मजबूत करेंगे, सेवा की भावना को बढ़ावा देंगे: सीएम सैनी

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Yogi
Main Slider

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरा डिजिटल स्वगणना प्रपत्र

16/05/2026
CM Yogi
Main Slider

वैश्विक चुनौतियों के प्रति अलख जगाएं एमपीएसपी की संस्थाएं: मुख्यमंत्री

16/05/2026
CM Dhami
Main Slider

माँ वाराही धाम का भव्य पुनर्निर्माण बनेगा आस्था और पर्यटन का नया केंद्र : धामी

16/05/2026
Prateek Yadav
Main Slider

प्रतीक यादव को मासूम बेटी की अनोखी विदाई, गंगा में बहाया ‘आई लव यू’ का कार्ड

16/05/2026
CM Yogi
Main Slider

अब हफ्ते में 2 दिन Work From Home, श्रम विभाग का बड़ा फैसला

16/05/2026
Next Post
CM Nayab Singh Saini

नए कार्यालय संगठन को मजबूत करेंगे, सेवा की भावना को बढ़ावा देंगे: सीएम सैनी

यह भी पढ़ें

CM Yogi launched the 'Har Ghar Tiranga' campaign

भारत मां, महापुरुषों, क्रांतिकारियों और वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता का भाव है तिरंगा यात्राः मुख्यमंत्री

13/08/2025
Google has brought better assistant features for families

गूगल लेकर आया है परिवारों के लिऐ बेहतर असिस्टेंट फीचर्स

07/05/2021
Raksha Bandhan

त्योहार पर करें ये उपाय, खुशियों से भर जाएगा घर

13/08/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version