• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

इस दिन धरती पर होगा पितरों का आगमन, जानें किस तिथि को होगा किसका श्राद्ध

Writer D by Writer D
02/09/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Pitru Paksha

Pitru Paksha

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा, 7 सितंबर रविवार को सनातन धर्मावलंबी अगस्त्य मुनि का तर्पण खीरा और सुपाड़ी से करेंगे। इसके साथ ही अगले दिन, 8 सितंबर सोमवार से पितृपक्ष (Pitru Paksha) का शुभारंभ होगा। धार्मिक मान्यता है कि इस पखवाड़े में पिंडदान और तर्पण से पितरों की आत्मा तृप्त होती है और वे अपने वंशजों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

इस बार विशेष संयोग बन रहा है। नवमी तिथि का क्षय होने से पितृपक्ष 14 दिनों का ही रहेगा। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि श्राद्ध केवल एक कर्मकांड नहीं, बल्कि पितरों का यज्ञ है। पिता, पितामह, प्रपितामह से लेकर मातृ एवं नाना-नानी पक्ष तक सभी दिवंगत आत्माओं को गोत्र और नाम लेकर जल, तिल एवं अन्न से तर्पण अर्पित किया जाता है।

21 सितंबर को महालया और सर्वपितृ अमावस्या

आश्विन कृष्ण प्रतिपदा से आरंभ हुआ यह पखवाड़ा 21 सितंबर रविवार को अमावस्या के साथ संपन्न होगा। इस दिन स्नान-दान, सर्वपितृ अमावस्या श्राद्ध और पितृ विसर्जन का महालया पर्व मनाया जाएगा। सूर्योदय से लेकर रात 12:28 बजे तक का समय इस तर्पण के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। ब्राह्मण भोजन एवं दान के साथ पितरों को विदाई दी जाएगी।

किस तिथि को किसका श्राद्ध

जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात न हो — अमावस्या

अकाल मृत्यु — अमावस्या

आत्महत्या या हत्या से मृत — चतुर्थी

पति जीवित और पत्नी का निधन — नवमी

साधु एवं सन्यासी — एकादशी

अन्य सभी — अपनी तिथि अनुसार

श्रद्धा और समर्पण ही तर्पण का सार

शास्त्र कहते हैं कि मनुष्य तीन ऋण लेकर जन्म लेता है — देव ऋण, गुरु ऋण और पितृ ऋण। इनमें पितृ ऋण से मुक्ति का एकमात्र साधन है श्रद्धा से किया गया तर्पण। जल, तिल और अन्न से अर्पण किया गया यह कर्म पितरों को तृप्त करता है। बदले में वे वंशजों को आयु, आरोग्य और समृद्धि का आशीष देते हैं।

पितृपक्ष (Pitru Paksha) तिथि

7 सितंबर (रविवार): अगस्त्य ऋषि तर्पण

8 सितंबर (सोमवार): पितृपक्ष आरंभ (प्रतिपदा)

11 सितंबर (गुरुवार): चतुर्थी श्राद्ध

15 सितंबर (सोमवार): मातृ नवमी

17 सितंबर (बुधवार): इंदिरा एकादशी

20 सितंबर (शनिवार): चतुर्दशी श्राद्ध

21 सितंबर (रविवार): अमावस्या, महालया एवं सर्वपितृ विसर्जन

Tags: pitru paksha
Previous Post

सीएम धामी ने खटीमा में ‘‘साथी केंद्र’’ का किया शुभारम्भ

Next Post

इस दिन रखा जाएगा परिवर्तिनी एकादशी का व्रत, जानें महत्व

Writer D

Writer D

Related Posts

tasty snacks for kids using semolina
Main Slider

बच्चों को खिलाएं ये 4 हेल्दी स्नैक्स, टेस्टी भी हेल्दी भी

09/08/2026
Guru Brahaspati
Main Slider

12 अगस्त को उदित होंगे देवगुरु बृहस्पति, इन 6 राशियों की बदलेगी किस्मत!

09/08/2026
Kamika Ekadashi
Main Slider

आज रखा जाएगा कामिका एकादशी व्रत, जानें पूजा विधि और उपाय

09/08/2026
Raksha Bandhan
Main Slider

Raksha Bandhan 2026: बहन को दें ये शुभ तोहफे, घर आएगी खुशहाली

09/08/2026
Makhana Chaat
फैशन/शैली

शाम की चाय के साथ खाएं मखाने के ये स्नैक्स, स्वाद भी और सेहत भी

09/08/2026
Next Post
Devshayani Ekadashi

इस दिन रखा जाएगा परिवर्तिनी एकादशी का व्रत, जानें महत्व

यह भी पढ़ें

कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, अदिति सिंह ने थामा भाजपा का दामन

24/11/2021
Bageshwar Dham

बागेश्वर धाम से 4 महीने के भीतर 21 लापता, सुराग लगाने में पुलिस भी फेल

10/05/2023
Remedesvir injection trafficking

रेमडेसिविर इंजेक्शन तस्करी: का आरोपी निकला कोरोना पॉजिटिव, मचा हड़कंप

16/04/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version