• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

मोक्षदा एकदाशी के दिन करें ये खास उपाय, पितरों को मिलेगी बैकुंठ धाम में स्थान

Writer D by Writer D
25/11/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Mokshada Ekadashi

Ekadashi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

माार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोक्षदा एकादशी (Mokshada Ekadashi) कहा जाता है। मोक्षदा एकादशी के दिन विधि-विधान से जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा की जाती है। मान्यताओं के अनुसार, मोक्षदा एकादशी के दिन श्री हरि विष्णु की पूजा और व्रत करने से जीवन में खुशशहाली आती है। जीवन में धन-धान्य की कमी कभी नहीं रहती।

मोक्षदा एकदाशी (Mokshada Ekadashi) के नाम में ही मोक्ष की बात है, इसलिए इस दिन व्रत और पूजन करने वाले को मृत्यु के बाद भगवान विष्णु की कृपा से मोक्ष प्राप्त होता है। मोक्षदा एकादशी के दिन पूजा-पाठ के साथ-साथ शास्त्रों में इस दिन पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष दिलाने के लिए भी कुछ उपाय बताए गए हैं। इन उपायों को करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। साथ ही बैकुंठ धाम में जगह मिलती है।

मोक्षदा एकदाशी (Mokshada Ekadashi) कब है?

मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी 30 नवंबर 2025 रविवार, रात 9:29 बजे शुरू होगी। एकादशी तिथि की समापन 1 दिसंबर 2025 सोमवार, शाम 7:01 बजे हो जाएगा। उदया तिथि के अनुसार, इसलिए मोक्षदा एकदाशी का व्रत 1 दिसंबर 2025 को ही रखा जाएगा।

पितरों के लिए करें ये उपाय

– मोक्षदा एकादशी (Mokshada Ekadashi) के दिन भगवान विष्णु को अर्पित की गई तुलसी दल जल में प्रवाहित कर देना चाहिए। या उन्हें पीपल के पेड़ की जड़ में रख देना चाहिए। तुलसी को मोक्ष दायिनी भी माना जाता है। इस उपाय को करने से पितर प्रसन्न होते हैं।
– एकादशी के दिन शाम के समय अपने घर के दक्षिण दिशा में या किसी पीपल के पेड़ के नीचे पितरों के नाम से शुद्ध घी का एक दीपक जलाना चाहिए। इस दिन पितरों को दीपदान करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है।
– मोक्षदा एकादशी के दिन पीपल के वृक्ष को जल देना चाहिए। इससे पितृ दोष शांत होता है और उनको मुक्ति प्राप्त होती है।
– एकादशी व्रत पारण से पहले किसी गरीब या ब्राह्मण को घर बुलाकर श्रद्धापूर्वक सात्विक भोजन करना चाहिए। इसके बाद दान देना चाहिए। ऐसा करने से पितरों को मोक्ष मिलता है।
– इस दिन श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करना चाहिए। इससे पुण्य फल मिलते हैंं। साथ ही पितरों की आत्मा को शांति प्राप्त होती है।

Tags: Mokshada Ekadashi
Previous Post

इस दिन से शुरू हो रहा पौष माह, जानें क्या करें और क्या नहीं?

Next Post

अयोध्या में पूजा कर रहे PM मोदी, राम मंदिर के शिखर पर फहराएंगे ध्वज

Writer D

Writer D

Related Posts

Bread Halwa
खाना-खजाना

मीठे में बनाएं ब्रेड का हलवा, बदल जाएगा मुंह का जायका

28/05/2026
reuse of old cups
फैशन/शैली

घर बनेगा और भी अट्रैक्टिव, पुरानी चीजों का ऐसे करें इस्तेमाल

28/05/2026
Hairstyles
फैशन/शैली

हर ड्रेस के साथ जंचेंगे ये खूबसूरत हेयरस्टाइल

28/05/2026
firing on property dealer
Main Slider

लखनऊ में बेखौफ बदमाशों का आतंक, दिनदहाड़े प्रॉपर्टी डीलर पर ताबड़तोड़ फायरिंग

27/05/2026
Asaram Bapu
Main Slider

आसाराम की उम्रकैद की सजा बरकरार, कोर्ट ने तुरंत सरेंडर का दिया आदेश

27/05/2026
Next Post
PM Modi will hoist the flag on the top of Ram Temple

अयोध्या में पूजा कर रहे PM मोदी, राम मंदिर के शिखर पर फहराएंगे ध्वज

यह भी पढ़ें

वैशाली जिले में 15 घर जलकर राख

बिहार : वैशाली जिले में 15 घर जलकर राख, एक बुजुर्ग समेत 10 दुधारू पशुओं की जलकर मौत

26/02/2021

दो दिन की तेजी के बाद पेट्रोल-डीजल के दामों में लगी ब्रेक, चेक करें आज के रेट

08/01/2021
bathua

औषधीय गुणों से भरपूर है बथुआ, सर्दियों में खाने से होते हैं ये सारे फायदे

08/01/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version