• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

पूजा में इन चीजों का किया जा सकता है दोबारा उपयोग, जानें नियम

Writer D by Writer D
28/12/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Puja

Puja

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हर घर में रोजाना पूजा-पाठ (Puja) किया जाता है। पूजा-पाठ भगवान से जुड़ने का और उनकी कृपा प्राप्त करने का माध्यम है। पूजा-पाठ में जिन भी चीजों का उपयोग किया जाता है, वो बहुत पावन होती हैं। कुछ चीजें तो भगवान को चढ़ाने के बाद भी शुद्ध बनी रहती हैं, जबकि कुछ वस्तुएं ऐसी भी होती है, जिनका उपयोग पूजा में दोबारा नहीं किया जाता। ऐसे में आइए जानते हैं कि पूजा में कौन सी चीज का दोबारा उपयोग किया जा सकता है? साथ ही जानते हैं पूजा (Puja) में दोबारा इस्तेमाल न की जाने वाली चीजों के बारे में।

पूजा (Puja) में इन चीजों का किया जा सकता है दोबारा उपयोग

चांदी, पीतल और ये चीजें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा में जो चांदी, पीतल या तांबे के पात्र इस्तेमाल किए जाते हैं, उनका दोबारा भी पूजा में उपयोग किया जा सकता है। इसी तरह भगवान की मूर्ति, घंटी, शंख, मंत्र जप की माला और आसन का भी पूजा में बार-बार उपयोग किया जा सकता है। इन वस्तुओं को पूजा के बाद साफ करके सुरक्षित रख देना चाहिए।

तुलसी

तुलसी हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण मानी गई है। माता मानकर तुलसी की पूजा की जाती है। इतना ही नहीं तुलसी की पत्तियों का उपयोग भी पूजा में किया जाता है। मान्यताओं के अनुसार, तुलसी कभी भी अपवित्र या अशुद्ध नहीं होती। इसलिए अगर किसी वजह से नई तुलसी उपलब्ध न हो, तो पहले चढ़ाई गई तुलसी को दोबारा पूजा के समय भगवान को चढ़ा सकते हैं।

बेलपत्र

भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है। शिवपुराण में बताया गया है कि बेलपत्र 06 माह तक बासी नहीं होते। शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने के बाद भी उसका उपयोग दोबारा किया जा सकता है। बेलपत्र का उपयोग करते समय बस इस बाद का ध्यान रखना चाहिए कि बेल पत्र खंडित, कटा-फटा या दाग लगा न हो।

इन चीजों (Puja) का पूजा में दोबारा न करें उपयोग

वहीं भगवान को चढ़ाया गया भोग, जल, फूल और माला, चंदन और कुमकुम, धूप और दीप, नारियल और अक्षत, जलते दीपक में बचा हुआ तेल या घी का इस्तेमाल पूजा में दोबारा नहीं किया जाना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार, इन चीजों का उपयोग एक बार पूजा में हो जाता है, तो ये फिर शुद्ध नहीं रह जाती हैं। इन चीजों को पूजा में दोबारा उपयोग करने से उसका पूरा फल नहीं मिलता।

Tags: Astrology
Previous Post

आरती करते समय तुलसी पर चढ़ाएं ये चीजें, घर में सदा बना रहेगा मां लक्ष्मी का वास

Next Post

रविवार को करें सूर्य देव के मंत्रों का जाप, मिलेगी यश-कीर्ति

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई अभियान तेज, योगी सरकार का जलनिकासी और स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर

12/10/2026
Main Slider

कुंभ-2027 का शंखनाद: धामी ने लॉन्च किया लोगो, वेबसाइट और गीत

12/10/2026
Main Slider

PM मोदी के सेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर CM धामी ने की गंगा आरती

12/10/2026
Main Slider

बूढ़ी गंडकी में बाढ़ से तबाही, पुल-घर बहे; समय पर चेतावनी से बचीं जानें

12/10/2026
Shardiya Navratri
धर्म

नवरात्रि में कलश स्थापना से पहले जुटा लें ये सामग्री, जानें पूरी लिस्ट

11/10/2026
Next Post
Surya Dev

रविवार को करें सूर्य देव के मंत्रों का जाप, मिलेगी यश-कीर्ति

यह भी पढ़ें

mosquito coil

मच्छर मारने वाली कॉइल बनी ‘काल’, एक ही परिवार के छह लोगों की मौत

31/03/2023
Murder

रामजानकी मठ की साध्वी को बदमाशों ने मारी गोली, हालत गंभीर

26/02/2022

लखनऊ पुलिस का कारनामा! STF बताकर युवक को किया अगवा, दो सिपाही गिरफ्तार

15/04/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version