• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

प्रदेश में निवेश के नए युग का आगाज, एमओयू से ग्राउंड ब्रेकिंग तक ऐतिहासिक प्रग

Writer D by Writer D
22/01/2026
in उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
0
Investment

Investment

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बीते पौने नौ वर्षों में विकास की वह यात्रा तय की है, जो वर्ष 2017 से पहले कल्पना से परे थी। एक समय निवेशकों के लिए अविश्वसनीय माना जाने वाला प्रदेश आज देश का सबसे बड़ा निवेश (Investment) गंतव्य बन चुका है। वर्ष 2018 की पहली इन्वेस्टर्स समिट से लेकर 2023 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट तक योगी सरकार ने निवेश को सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि ग्राउंड ब्रेकिंग और क्रियान्वयन के मजबूत मॉडल के जरिए उसे धरातल पर उतारा। प्रदेश में अब तक 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली 16 हजार से ज्यादा परियोजनाओं का शिलान्यास हो चुका है, जिनमें से हजारों परियोजनाएं व्यावसायिक रूप से संचालित होकर लाखों युवाओं को रोजगार दे रही हैं। 

प्रधानमंत्री गति शक्ति मास्टर प्लान, डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर नीति, आईटी–आईटीईएस, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में किए गए सुनियोजित प्रयासों ने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की छवि से निकालकर भारत के औद्योगिक विकास का अगुआ बना दिया है। कानून-व्यवस्था, पारदर्शिता और समयबद्ध निर्णयों के साथ योगी सरकार ने यह साबित किया है कि उत्तर प्रदेश केवल संभावनाओं का नहीं, बल्कि संभावनाओं को परिणाम में परिवर्तित करने वाला राज्य है।

भरोसे की बहाली से निवेश की बहार तक उत्तर प्रदेश का कायाकल्प-

वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान कमजोर कानून-व्यवस्था, निवेशकों की उदासीनता और अधूरी परियोजनाओं से जुड़ी थी। उद्योग लगाने में वर्षों लग जाते थे, फाइलें दफ्तरों में अटकी रहती थीं और रोजगार की तलाश में युवा प्रदेश से बाहर पलायन करने को मजबूर थे। इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक पार्क और आधुनिक लॉजिस्टिक्स की कमी ने राज्य की अर्थव्यवस्था को जकड़ रखा था। वर्ष 2017 में सत्ता संभालते ही योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले कानून-व्यवस्था, पारदर्शिता और गुड गवर्नेंस को प्राथमिकता दी। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’, ‘इन्वेस्ट यूपी’ और ‘निवेश सारथी’ जैसे प्लेटफॉर्म्स ने निवेशकों का भरोसा लौटाया। वर्ष 2018 की इन्वेस्टर्स समिट से शुरू हुई यह यात्रा 2023 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट तक ₹45 लाख करोड़ से अधिक के निवेश (Investment) प्रस्तावों तक पहुंची है और अब भी निरंतर जारी है। 

घोषणाओं से आगे ग्राउंड ब्रेकिंग का मॉडल-

योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि निवेश (Investment) सिर्फ एमओयू तक सीमित नहीं रहे। अब तक चार ग्राउंडब्रेकिंग समारोहों के जरिए 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली 16,000 से ज्यादा परियोजनाओं का शिलान्यास हो चुका है। इनमें 8,300 से अधिक परियोजनाओं का व्यावसायिक संचालन प्रारंभ हो चुका है, जिससे लाखों युवाओं को रोजगार मिला है। योगी सरकार की औद्योगिक नीति ने कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित रहने के बजाय सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, लेदर, फूड प्रोसेसिंग, प्लास्टिक, परफ्यूम, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विविध क्षेत्रों को समान रूप से बढ़ावा दिया। पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, मेगा लेदर क्लस्टर, फूड पार्क और फ्लैटेड फैक्ट्री मॉडल ने छोटे-मध्यम निवेशकों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा। आज देश के 65% से अधिक मोबाइल फोन उत्तर प्रदेश में बन रहे हैं और लखनऊ-नोएडा जैसे शहर उभरते टेक हब बन चुके हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर और गति शक्ति से मिली विकास को रफ्तार-

प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के साथ उत्तर प्रदेश ने योजना, भूमि उपयोग और परियोजना क्रियान्वयन को एकीकृत किया। एक्सप्रेसवे-आधारित औद्योगिक क्लस्टर, मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब, ट्रांस-गंगा सिटी और ग्रेटर नोएडा निवेश (Investment) क्षेत्र ने राज्य को इंफ्रास्ट्रक्चर-ड्रिवन इकोनॉमी की दिशा में अग्रसर किया। जिला स्तर तक डेटा-आधारित योजना आज उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुकी है। उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर, ब्रह्मोस इंटीग्रेशन सुविधा, अदानी डिफेंस जैसी मेगा यूनिट्स ने राज्य को राष्ट्रीय सुरक्षा उत्पादन का केंद्र बनाया। वहीं डेटा सेंटर नीति, आईटी-आईटीईएस विस्तार और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) के जरिए उत्तर प्रदेश डिजिटल और नॉलेज इकॉनमी का नया हब बन रहा है। यह बदलाव केवल निवेश नहीं, बल्कि भविष्य की नौकरियों और तकनीकी नेतृत्व का आधार है।

बुंदेलखंड से पूर्वांचल तक विकास का समावेशी मॉडल-

बुंदेलखंड, पूर्वांचल व तराई क्षेत्रों में औद्योगिक पार्कों की स्थापना साबित करती है कि योगी सरकार का विकास मॉडल केवल पश्चिमी यूपी तक सीमित नहीं। वर्ष 2017 के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय संतुलन के साथ औद्योगिकीकरण साकार हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने यह साबित कर दिया है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति, सख्त प्रशासन और स्पष्ट विजन से किसी भी राज्य की तस्वीर बदली जा सकती है। यूपी अब बीते कल की चुनौतियों में नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं में जी रहा है। एक ऐसा प्रदेश, जो भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने को तैयार है।

Tags: Yogi News
Previous Post

कैम्पों के माध्यम से आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान, योजनाओं का सीधा लाभ

Next Post

गारमेंट इंडस्ट्री का नया केंद्र यमुना एक्सप्रेस-वे, सेक्टर-29 में आकार ले रहा “अपैरल पार्क”, महिलाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

Writer D

Writer D

Related Posts

Savin Bansal
राजनीति

जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने कुख्यात बिल्डर पुनीत अग्रवाल को किया 6 माह के लिए जिला बदर

19/05/2026
CM Dhami
राजनीति

मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन पर शोक व्यक्त किया

19/05/2026
Brijesh SIngh-Dhananjay
Main Slider

धनंजय सिंह के गढ़ में बाहुबली बृजेश सिंह की दस्तक, बेटे सिद्धार्थ को लॉन्च करने की तैयारी

19/05/2026
Raja Bhaiya
Main Slider

‘जितने मुस्लिम हैं, पहले सब हिंदू थे’, राजा भैया के बयान पर मचा बवाल

19/05/2026
CM Yogi-CM Dhami-CM Mohan Yadav
Main Slider

बस्तर की धरती पर तीन कद्दावर नेता एक साथ! तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाईं

19/05/2026
Next Post
YIDA

गारमेंट इंडस्ट्री का नया केंद्र यमुना एक्सप्रेस-वे, सेक्टर-29 में आकार ले रहा “अपैरल पार्क”, महिलाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

यह भी पढ़ें

प्रियंका गांधी

हाथरस केस में प्रियंका का योगी सरकार पर हमला, मांगा इस्तीफा

30/09/2020
cm yogi

रेफरल लेटर की आड़ में लापरवाही करने वाले बक्शे नहीं जाएंगे : सीएम योगी

01/05/2021
Flood

कुदरत का कहर: परिवार के आठ लोगों की मौत, मां से लिपटे मिले बच्चों के शव

21/08/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version