राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी स्थित यूआईटी (UIT) औद्योगिक क्षेत्र में गुरुवार दोपहर एक बड़ा हादसा सामने आया। यहां एक लोहे की चद्दर (शीट) बनाने वाली फैक्ट्री (Iron Sheet Factory) में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि फैक्ट्री परिसर में मौजूद कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए पीछे के रास्ते और दीवार फांदकर भागना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां और स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया।
पड़ोसी कंपनी के ऑयल टैंकर से फैली आग
जानकारी के अनुसार, यूआईटी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित ‘अल्शोक एलएलपी’ नामक कंपनी में गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे अचानक आग धधक उठी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग की शुरुआत दरअसल इस कंपनी से नहीं, बल्कि इसके पड़ोस में स्थित एक अन्य कंपनी की छत पर रखे ऑयल टैंकर से हुई थी। देखते ही देखते उस टैंकर की आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और तेज हवाओं के साथ अल्शोक एलएलपी के परिसर को भी अपनी चपेट में ले लिया।
पीछे के दरवाजे और दीवार के सहारे सुरक्षित निकले कर्मचारी
आग लगते ही पूरी फैक्ट्री (Iron Sheet Factory) के भीतर अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया। कंपनी के कर्मचारी रवि रोघा ने बताया कि हादसे के वक्त फैक्ट्री के अंदर पांच कर्मचारी काम कर रहे थे। आग को बढ़ता देख सभी को तत्काल बाहर निकालने की कोशिशें शुरू की गईं। इस दौरान रवि आग की लपटों की चपेट में आने से आंशिक रूप से झुलस भी गए। स्थिति को गंभीर देखते हुए कुछ कर्मचारियों को तुरंत फैक्ट्री के पिछले दरवाजे से सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि अन्य कर्मचारियों ने खतरा भांपते हुए फैक्ट्री की पिछली ऊंची दीवार फांदकर अपनी जान बचाई। समय रहते उठाए गए इन कदमों के कारण एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
फायर ब्रिगेड और पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के अभियान में जुट गईं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए सबसे पहले आग को आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों (फैक्ट्रियों) तक फैलने से रोका। वहीं, भिवाड़ी पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए पूरे प्रभावित क्षेत्र को अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया, ताकि दमकल कर्मियों के काम में कोई बाधा न आए और वहां जुटी स्थानीय लोगों की भारी भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
लाखों के नुकसान की आशंका, जांच जारी
इस भीषण अग्निकांड के कारण फैक्ट्री के भीतर रखी कीमती मशीनरी, तैयार लोहा चद्दरें और भारी मात्रा में रखा कच्चा माल जलकर खाक होने की आशंका है, जिससे संचालक को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि समाचार लिखे जाने तक किसी भी प्रकार की जनहानि (जान के नुकसान) की खबर नहीं थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में पड़ोसी इकाई के ऑयल टैंकर को ही वजह माना जा रहा है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी। इस घटना के बाद से पूरे औद्योगिक क्षेत्र के सुरक्षा प्रबंधों को लेकर फैक्ट्री संचालकों में चिंता का माहौल है।









