• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

राम मंदिर गबन केस: ‘विभीषणों’ पर चला हंटर, अनुकल्प-लवकुश जेल में

Writer D by Writer D
25/06/2026
in Main Slider, अयोध्या, उत्तर प्रदेश, क्राइम
0
Ram Mandir

Ram Mandir

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

अयोध्या के राम मंदिर (Ram Temple) में चढ़ावे की राशि के कथित घोटाले के मामले में पहला बहुत बड़ा एक्शन देखने को मिला है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की आधिकारिक शिकायत पर अयोध्या कोतवाली (थाने) में रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, मनीष यादव, लवकुश मिश्र, रमा शंकर मिश्र और सुभाष श्रीवास्तव सहित कुल आठ लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। क्रिमिनल केस दर्ज होते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की और सभी को हिरासत में ले लिया, जिनमें से अनुकल्प मिश्र और लवकुश मिश्र को औपचारिक रूप से गिरफ्तार भी किया जा चुका है। गौरतलब है कि इस एफआईआर में चंपत राय या अनिल मिश्रा जैसा ट्रस्ट का कोई भी बड़ा नाम शामिल नहीं है; बल्कि नामजद आरोपियों में छह बैंक या मंदिर व्यवस्था से जुड़े कैशियर हैं। सूत्रों के अनुसार, यह सख्त कार्रवाई विशेष जांच दल (SIT) की उस जांच रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई है, जिसमें कुछ लोग सीधे तौर पर चढ़ावे की चोरी करते और अन्य उनकी मदद करते हुए पाए गए हैं।

इस मामले में दर्ज की गई बीएनएस की धाराएं बेहद कड़ी हैं, जिनमें आरोपियों को लंबी जेल की सजा हो सकती है:

  • धारा 316(5): यह किसी बैंक कर्मचारी, एजेंट या भरोसे के पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा ‘criminal breach of trust’ यानी आपराधिक न्यासभंग (धोखाधड़ी/गबन) का गंभीर मामला है, जिसमें दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

  • धारा 317(4): यह जानते हुए भी कि संपत्ति चोरी की है, उसे आदतन खरीदना या अपने पास रखने से संबंधित है। इसमें भी आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक की जेल की सजा हो सकती है।

  • धारा 317(5): चोरी की गई संपत्ति को छिपाने, ठिकाने लगाने या उसे नष्ट करने में मदद करने के लिए लगाई जाती है, जिसमें 3 वर्ष तक की जेल या जुर्माना हो सकता है।

  • धारा 61 और 3(5): ये धाराएं क्रमशः आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy) रचने और एक ही समान उद्देश्य के साथ समूह में मिलकर अपराध को अंजाम देने के लिए जोड़ी गई हैं, जिससे सभी आरोपियों की सामूहिक जिम्मेदारी तय की जा सके।

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय पहलू यह है कि किसी बाहरी व्यक्ति या विपक्षी दल की शिकायत के बजाय खुद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आगे आकर इस वित्तीय गड़बड़ी के खिलाफ कानूनी रास्ता चुना है। अब तक कयास लगाए जा रहे थे कि ट्रस्ट इस मामले को केवल आंतरिक स्तर पर विभागीय जांच या व्यवस्थागत सुधार करके ही शांत कर देगा, लेकिन सीधे पुलिस में क्रिमिनल केस दर्ज कराकर ट्रस्ट ने अपनी मंशा साफ कर दी है। चूंकि यह मामला सिर्फ पैसों के सामान्य हेर-फेर का नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर रामलला के चरणों में श्रद्धापूर्वक अर्पित किए गए चढ़ावे और देश-दुनिया के करोड़ों सनातनी हिंदुओं की अटूट आस्था व पवित्र भरोसे से जुड़ा है, इसलिए इसे बेहद संवेदनशील और अक्षम्य माना गया है।

पिछले कुछ दिनों से राम मंदिर (Ram Temple) की दानराशि की सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर लगातार सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक हलकों तक कई चौंकाने वाले दस्तावेज और सबूत सामने आ रहे थे, जिससे ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी तीखे सवाल उठने लगे थे। इस चौतरफा दबाव के बीच खुद एफआईआर दर्ज कराकर ट्रस्ट ने समाज में यह कड़ा संदेश देने का प्रयास किया है कि रामलला के खजाने या श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को कतई बख्शा नहीं जाएगा।

एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस और जांच एजेंसियों को कानूनी रूप से आरोपियों को रिमांड पर लेने, उनसे कड़ी पूछताछ करने और उनके संदिग्ध बैंक खातों व अवैध संपत्तियों को फ्रीज करने का सीधा अधिकार मिल गया है। अब सबसे बड़ा सस्पेंस और सवाल यही बना हुआ है कि पुलिस और एसआईटी की इस संयुक्त तफ्तीश की आंच आने वाले दिनों में क्या मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट से जुड़े कुछ और अंदरूनी या बड़े चेहरों तक भी पहुंचेगी?

Tags: RAM TEMPLE
Previous Post

तामेश्वरनाथ धाम बनेगा भव्य कॉरिडोर: मुख्यमंत्री योगी

Next Post

फ्रिज में इन चीजों को भूल कर भी न रखें, हो सकता है हानिकारक

Writer D

Writer D

Related Posts

उत्तर प्रदेश

योगी सरकार की चार सदस्यीय टीम परखेगी आयुष्मान अस्पताल की सुविधाओं की हकीकत

25/09/2026
Main Slider

नहीं रहे रामगोविंद चौधरी, SGPGI में ली अंतिम सांस; सपा में शोक की लहर

25/09/2026
उत्तर प्रदेश

कौशल से कारोबार और नवाचार तक, UPITS में दिखा युवाओं के हुनर का नया चेहरा

25/09/2026
उत्तर प्रदेश

फिरोजाबाद में गूंजी युवाओं की आवाज़, ‘युवा नीति संवाद’ में 800 से अधिक युवाओं ने की सशक्त भागीदारी

25/09/2026
उत्तर प्रदेश

क्षति का आकलन कर प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता कराएं उपलब्ध: मुख्यमंत्री

25/09/2026
Next Post
Fridge

फ्रिज में इन चीजों को भूल कर भी न रखें, हो सकता है हानिकारक

यह भी पढ़ें

Bhishma Ashtami

भीष्म अष्टमी आज, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

08/02/2022
Road Accident

बाइक और कार की टक्कर में दंपत्ति की मौत

24/05/2023
tiger is back

अपराधियों के हौसलें बुलंद, जमानत मिलते ही सोशल मीडिया पर लिखा ‘Tiger is back’

13/02/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version