• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

श्रीलंका के 40 सिविल सेवा अधिकारियों ने किया यूएसडीएमए का भ्रमण

Writer D by Writer D
17/08/2026
in Main Slider, उत्तराखंड
0
40 civil service officers from Sri Lanka visited USDMA.

40 civil service officers from Sri Lanka visited USDMA.

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

देहरादून। उत्तराखण्ड में विकसित किए गए आपदा प्रबंधन तंत्र और तकनीकी नवाचारों को समझने के लिए श्रीलंका के 40 सदस्यीय सिविल सेवा अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) का भ्रमण किया। नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (एनसीजीजी) के तत्वावधान में आपदा प्रबंधन विषय पर आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम के तहत पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की आपदा प्रबंधन व्यवस्था, पूर्व चेतावनी प्रणाली और जोखिम न्यूनीकरण के उपायों की जानकारी ली।

प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से पूर्व चेतावनी व्यवस्था, मौसम आधारित जोखिम प्रबंधन, भूस्खलन न्यूनीकरण, तकनीकी संसाधनों के उपयोग और समुदाय की भागीदारी से संचालित आपदा प्रबंधन तंत्र को समझा। अधिकारियों ने उत्तराखण्ड में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी ली।

आपदा के बाद प्रतिक्रिया नहीं, जोखिम कम करने पर जोर

यूएसडीएमए के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) प्रकाश चंद्र ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक और प्राकृतिक परिस्थितियां आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में निरंतर तैयारी और जोखिमों की पूर्व पहचान की मांग करती हैं। राज्य में आपदा प्रबंधन को केवल आपदा के बाद राहत एवं बचाव तक सीमित न रखते हुए जोखिम की पहचान, न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, प्रशिक्षण, तकनीकी क्षमता और विभागीय समन्वय को एकीकृत रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने में वैज्ञानिक संस्थानों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।

यूएसडीएमए के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी राजकुमार नेगी ने प्रतिनिधिमंडल को राज्य में सूचना प्राप्त होने से लेकर राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन तक अपनाई जाने वाली समन्वित व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने राज्य एवं जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों, घटना प्रतिक्रिया प्रणाली (आईआरएस), बहु-स्रोत चेतावनी तंत्र तथा तकनीक आधारित सूचना एवं निर्णय सहायता प्रणालियों की कार्यप्रणाली भी समझाई।

रियल टाइम मौसम सूचना से तैयार होती हैं प्रभाव आधारित चेतावनियां

मौसम विशेषज्ञ डॉ. पूजा राणा ने उत्तराखण्ड में मौसम संबंधी जोखिमों की निगरानी और पूर्व चेतावनी के लिए अपनाई जा रही वैज्ञानिक व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त उपग्रह आधारित निगरानी, डॉप्लर वेदर रडार, स्वचालित मौसम केंद्र और स्वचालित वर्षामापी सहित विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों का लगातार विश्लेषण किया जाता है।

रियल टाइम मौसम संबंधी सूचनाओं के आधार पर अलग-अलग अवधि के पूर्वानुमान और प्रभाव आधारित चेतावनियां तैयार की जाती हैं। इसका उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों में समय रहते आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करना और संभावित नुकसान को कम करना है।

वैज्ञानिक तकनीकों से भूस्खलन जोखिम कम करने पर जोर

उत्तराखण्ड भू-स्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र (यूएलएमएमसी) के जियोलॉजिस्ट डॉ. रघुवीर नेगी ने राज्य में भूस्खलन के जोखिम को कम करने के लिए अपनाए जा रहे वैज्ञानिक उपायों की जानकारी दी।

उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, भू-वैज्ञानिक एवं भू-तकनीकी अध्ययन, रिमोट सेंसिंग और जीआईएस आधारित विश्लेषण, ड्रोन सर्वेक्षण, ढलानों की निगरानी तथा वर्षा और भूस्खलन के बीच संबंधों के अध्ययन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर जोखिम वाले क्षेत्रों में उपचारात्मक और स्थिरीकरण उपाय तय किए जाते हैं। इनमें जल निकासी व्यवस्था को बेहतर करना, ढलानों को स्थिर करना और आवश्यक इंजीनियरिंग हस्तक्षेप शामिल हैं।

अत्यधिक वर्षा और भूस्खलन के जोखिम से प्रभावित श्रीलंका के प्रतिनिधिमंडल ने इन व्यवस्थाओं में विशेष रुचि दिखाई और अधिकारियों एवं विशेषज्ञों से विभिन्न पहलुओं पर संवाद किया।

अंतरराष्ट्रीय अनुभवों से मजबूत होगा आपदा प्रबंधन तंत्र

सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में निरंतर सीखने, अनुभव साझा करने और नई कार्यप्रणालियों को अपनाने की आवश्यकता है। विभिन्न देशों के अधिकारियों के साथ संवाद और अनुभवों का आदान-प्रदान आपदा जोखिमों से निपटने की तैयारियों को व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में विकसित संस्थागत व्यवस्थाओं, तकनीकी नवाचारों और जमीनी अनुभवों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ साझा करने के साथ ही अन्य देशों में अपनाई जा रही प्रभावी प्रणालियों को समझना भी राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करने में सहायक होगा। ऐसे कार्यक्रम आपसी सहयोग बढ़ाने के साथ भविष्य की आपदाओं के लिए अधिक सक्षम, समन्वित और लचीली व्यवस्था विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।

इस अवसर पर संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा, एनसीजीजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ए.पी. सिंह, डॉ. एमके भण्डारी सहित यूएसडीएमए के अन्य अधिकारी एवं विशेषज्ञ मौजूद रहे।

Tags: Uttarakhand News
Previous Post

मुख्यमंत्री साय ने श्री फलेश्वरनाथ महादेव की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि की कामना की

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Vishnudev Sai worshiped Shri Faleshwarnath Mahadev
Main Slider

मुख्यमंत्री साय ने श्री फलेश्वरनाथ महादेव की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि की कामना की

17/08/2026
CM Yogi
Main Slider

पीआरडी जवानों पर मंगलवार को उपहारों की बारिश करेंगे सीएम योगी

17/08/2026
CM Yogi
Main Slider

युवा शक्ति की सबसे बड़ी दुश्मन है माफिया प्रवृत्ति: मुख्यमंत्री

17/08/2026
CM Dhami
Main Slider

1,002 एकड़ भूमि NUITL के कब्जे में, परियोजना स्थल पर कोई बाधा नहीं: धामी

17/08/2026
CM Dhami
Main Slider

अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से उत्तराखंड की विंटर और आइस स्पोर्ट्स पहचान को मिलेगी मजबूती: धामी

17/08/2026

यह भी पढ़ें

Mukhtar Abbas Naqvi

मोदी युग इकबाल, इंसाफ और ईमान का युग है : अब्बास नकवी

21/11/2020
अखिलेश यादव

यूरिया की कालाबाजारी में भाजपा के कार्यकर्ता भी शामिल : अखिलेश

27/08/2020
sara khan

ड्रग्स मामले में अपना नाम आने पर सारा खान को लगा था झटका

04/10/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version