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विकास की नई तस्वीर गढ़ रहा राज्य संपत्ति विभाग, पहाड़ से राजधानी तक आधुनिक सुविधाओं पर जोर

Writer D by Writer D
09/09/2026
in Main Slider, उत्तराखंड, राष्ट्रीय
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R Rajesh

R Rajesh

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य की सरकारी परिसंपत्तियों को आधुनिक, उपयोगी और पर्यावरण के अनुकूल स्वरूप देने की दिशा में राज्य संपत्ति विभाग ने अपनी कार्ययोजनाओं को गति दी है। सचिव राज्य संपत्ति एवं आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई दो महत्वपूर्ण बैठकों में जहां रुद्रप्रयाग के रतूड़ा में प्रस्तावित भव्य राज्य अतिथि गृह की निर्माण कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई, वहीं देहरादून के रेसकोर्स स्थित ओल्ड ऑफिसर्स कॉलोनी में 48 नए श्रेणी-3 आवासों के निर्माण की योजना पर भी मंथन हुआ। दोनों परियोजनाओं में एक बात समान रूप से सामने आई, सरकारी भवन केवल निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि आधुनिक सुविधाओं, बेहतर डिजाइन, पर्यावरणीय मानकों और दीर्घकालिक उपयोगिता के मॉडल बनें।

रतूड़ा में पहाड़ की जरूरतों के अनुरूप बनेगा राज्य अतिथि गृह

रुद्रप्रयाग के रतूड़ा में बनने वाले राज्य अतिथि गृह के लिए तैयार किए गए ₹4884.20 लाख यानी करीब ₹48.84 करोड़ के विस्तृत आगणन की सचिव राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार ने समीक्षा की। प्रस्तावित अतिथि गृह को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में सचिव ने निर्देश दिए कि अतिथि गृह का कॉन्फ्रेंस हॉल आधुनिक सुविधाओं से लैस होना चाहिए। इसमें मजबूत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व्यवस्था, बड़े आकार के फ्लैट टीवी और अन्य आवश्यक तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, ताकि महत्वपूर्ण बैठकों और प्रशासनिक संवाद के लिए आधुनिक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हों। इससे पर्वतीय क्षेत्र में स्थित राज्य अतिथि गृह को महज आवासीय सुविधा के बजाय प्रशासनिक एवं संवाद केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा भी मजबूत होगी।

निर्माण में पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी नहीं

रतूड़ा परियोजना में पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। सचिव ने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के अनुरूप निर्माण स्थल की नदी से न्यूनतम 200 मीटर दूरी सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही नियमानुसार प्रमाण-पत्र को अभिलेखों में संलग्न करने के निर्देश दिए गए हैं। यानी परियोजना की भव्यता के साथ पर्यावरणीय सुरक्षा को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। राज्य अतिथि गृह के प्रस्तावित स्वरूप के अनुरूप मुख्य प्रवेश द्वार और केंद्रीय भवन पर आकर्षक एवं बड़े आकार का लोगो स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि परिसर की पहचान और स्वरूप दोनों प्रभावी नजर आएं।

सरकारी आवासों में आधुनिकता के साथ हरित सोच

दूसरी ओर, देहरादून के रेसकोर्स स्थित ओल्ड ऑफिसर्स कॉलोनी में पुराने जर्जर भवनों को हटाने के बाद रिक्त भूमि के उपयोग की योजना तैयार की गई है। यहां ₹2807.21 लाख यानी करीब ₹28.07 करोड़ की लागत से 48 नए श्रेणी-3 आवासीय भवन बनाए जाने प्रस्तावित हैं। परियोजना का उद्देश्य सरकारी कार्मिकों की आवासीय आवश्यकताओं को पूरा करना है। लेकिन इस योजना में भी सिर्फ भवन निर्माण को प्राथमिकता नहीं दी गई है। सचिव ने निर्देश दिए कि भवनों के बाहरी हिस्से में ऐसी निर्माण सामग्री और फिनिशिंग का इस्तेमाल किया जाए, जिसकी अनुरक्षण लागत कम हो और बार-बार मरम्मत की आवश्यकता न पड़े। यानी निर्माण के साथ भविष्य के रखरखाव पर होने वाले सरकारी खर्च को भी ध्यान में रखा गया है।

ग्रीन बिल्डिंग और रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनेगी पहचान

रेसकोर्स आवासीय परियोजना में ग्रीन बिल्डिंग मानकों का पूर्ण पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संरक्षण के लिए अनिवार्य रूप से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा। यह पहल सरकारी आवासीय परिसरों को पर्यावरण के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाने के साथ-साथ जल संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। साथ ही प्रत्येक कॉलोनी के बाहर उसका नाम स्पष्ट और आकर्षक रूप में प्रदर्शित करने के लिए अलग-अलग डिजाइन और फॉर्मेट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

पहाड़ से मैदान तक एक जैसी प्राथमिकता

सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार के दिशा निर्देशों में राज्य संपत्ति विभाग सरकारी भवनों और आवासीय परिसरों को केवल निर्माण परियोजना के रूप में नहीं देख रहा, बल्कि उन्हें आधुनिक सुविधाओं, पर्यावरणीय संतुलन, कम रखरखाव लागत और बेहतर उपयोगिता के आधार पर विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। एक ओर रतूड़ा में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह पर्वतीय क्षेत्र में आधुनिक प्रशासनिक सुविधाओं का नया केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर देहरादून का रेसकोर्स सरकारी कार्मिकों के लिए व्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल आवासीय परिसर की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विकास की व्यापक सोच के अनुरूप इन परियोजनाओं में आधुनिकता और पर्यावरण का संतुलन दिखाई देता है। आने वाले समय में इन योजनाओं का धरातल पर आकार लेना राज्य की सरकारी संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

स्थानीय वास्तुशैली के साथ विकास को नई दिशा : डॉ. आर. राजेश कुमार

सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में प्रदेश में आवासीय एवं राज्य संपत्ति से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक परियोजना में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित हो। पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों में स्थानीय वास्तुशैली को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जनता को योजनाओं का शीघ्र लाभ मिल सके।

Tags: Uttarakhand News
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