पंजाब सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी गौरव यादव (Gaurav Yadav) को राज्य का स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के इस फैसले के बाद राज्य की पुलिस व्यवस्था की कमान अब नियमित नियुक्ति के तहत उनके पास रहेगी। सरकारी आदेश के अनुसार, गौरव यादव का कार्यकाल कम से कम दो साल का होगा। इस नियुक्ति के साथ वर्ष 2022 से कार्यवाहक डीजीपी के रूप में काम कर रहे गौरव यादव को नियमित रूप से यह जिम्मेदारी सौंपे जाने की बात कही गई है। विधानसभा चुनाव से पहले हुई इस नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
दी गई जानकारी के मुताबिक, पंजाब सरकार ने डीजीपी पद के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को तीन वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भेजे थे। इनमें डॉ. शरद सत्या चौहान, हरप्रीत सिंह सिंधु और गौरव यादव शामिल थे। इन नामों में से 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव यादव को चुना गया। बताया गया है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के लिए 13 अक्टूबर की समय-सीमा तय की थी। इसके बाद सरकार की ओर से नियुक्ति की घोषणा किए जाने की जानकारी सामने आई।
कैसे होती है DGP की नियुक्ति?
डीजीपी की नियमित नियुक्ति के लिए राज्य सरकार योग्य वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का पैनल यूपीएससी को भेजती है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत चयन किया जाता है और नियुक्त अधिकारी का कार्यकाल सामान्यतः कम से कम दो साल का होता है। इसके विपरीत, कार्यवाहक डीजीपी की नियुक्ति नियमित चयन प्रक्रिया का विकल्प नहीं मानी जाती।
कौन हैं गौरव यादव?
गौरव यादव 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह पंजाब में कार्यवाहक डीजीपी की जिम्मेदारी संभालने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान के स्पेशल प्रिंसिपल सेक्रेटरी के रूप में भी काम कर चुके हैं। उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख 30 अप्रैल 2029 बताई गई है। स्थायी नियुक्ति के बाद राज्य पुलिस के नेतृत्व को नियमित कार्यकाल मिला है।