देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद वर्धन (Anand Bardhan) की अध्यक्षता में बुधवार को गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। बैठक में पेंशनर्स की सात सूत्रीय मांगों और विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। संगठन के अनुसार राज्य गठन के बाद शासन स्तर पर पेंशनर्स संगठन के साथ यह पहली बैठक है।
मुख्य सचिव सभागार में हुई बैठक में पेंशनर प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं और उसके समाधान को लेकर बिंदुवार पक्ष रखा। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मांगों का परीक्षण कर समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।
बैठक में गोल्डन कार्ड की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने चिकित्सा विभाग और राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की सीईओ रीना जोशी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान गोल्डन कार्ड में ऑप्ट-इन करने के इच्छुक पेंशनर्स को एक अवसर उपलब्ध कराने पर सहमति बनी।
मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया कि इस वर्ष 17 दिसंबर को जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में राष्ट्रीय पेंशनर दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले पेंशनर्स को सेवानिवृत्ति की तिथि पर एक नेशनल इंक्रीमेंट स्वीकृत करने संबंधी आदेश में शीघ्र संशोधन का भी आश्वासन दिया।
उन्होंने राज्य के सभी कोषागारों में पेंशनर भवन विकसित करने और पेंशनर्स को पहचान पत्र उपलब्ध कराने के संबंध में पुनः आदेश जारी करने के निर्देश दिए।
गोल्डन कार्ड के अंशदान में वृद्धि के मुद्दे पर पेंशनर संगठन ने असहमति जताई। संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष चौ. ओमबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि पेंशनर्स के अंशदान में किसी भी प्रकार की वृद्धि स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में अपर सचिव कार्मिक गिरधारी सिंह रावत, अपर सचिव वित्त खजान चंद्र पाण्डेय, अपर सचिव स्वास्थ्य एवं राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की सीईओ रीना जोशी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पेंशनर पक्ष से प्रांतीय अध्यक्ष चौ. ओमबीर सिंह, महामंत्री जे.पी. चाहर, संविधान संशोधन समिति अध्यक्ष आर.के. जोशी सहित अन्य पदाधिकारियों ने प्रतिनिधित्व किया।









