• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

लिव इन रिलेशनशिप में रहना अब जीवन का हिस्सा हो चुका है : हाईकोर्ट

Writer D by Writer D
30/10/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज
0
Allahabad High Court

Allahabad High Court

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लिव इन रिलेशनशिप को लेकर दिए एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि लिव इन रिलेशनशिप अब जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। इसलिए इसको व्यक्तिगत स्वतंत्रता के परिपेक्ष में देखे जाने की आवश्यकता है, ना कि सामाजिक नैतिकता की दृष्टि से।

लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे दो अलग-अलग जोड़ों की याचिकाओं को निस्तारित करते हुए न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की पीठ ने यह आदेश दिया।

दोनों ही याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि वह लोग बालिग हैं और अपनी मर्जी से साथ रह रहे हैं। मगर लड़कियों के परिजन उनके शांतिपूर्ण जीवन में हस्तक्षेप कर रहे हैं। हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सुरक्षा दिलाए जाने की मांग की गई थी।

सेना की बढ़ी ताकत, लंबी दूरी तक मार करने वाले बम का सफल परीक्षण

कोर्ट ने कहा कि लिव इन रिलेशनशिप अब जीवन का हिस्सा बन चुका है जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है। इसलिए इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता के चश्मे से देखे जाने की जरूरत है जो कि संविधान के अनुच्छेद 21 में दिए जीवन व स्वतंत्रता के दायरे में आता है। कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 21 में दी गई जीवन की स्वतंत्रता की गारंटी का पालन हर हाल में किया जाना चाहिए।

याचिका कुशीनगर निवासी शायरा खातून और उसके लिव इन रिलेशन पार्टनर तथा दूसरी याचिका मेरठ की जीनत परवीन व उसके साथी की ओर से दाखिल की गई थी। दोनों का कहना था कि उन्होंने स्थानीय पुलिस से मदद मांगी थी। मगर कोई खास मदद नहीं मिल सकी। उनको उनके हाल पर छोड़ दिया गया। जबकि उनकी जान को खतरा है। उन्हें लगातार धमकियां मिल रही है। कोर्ट ने कहा कि पुलिस याचीगण के अधिकारों की रक्षा करने के लिए बाध्य हैं। अदालत ने सम्बंधित जिलों की पुलिस को निर्देश दिया है कि यदि याचीगण सुरक्षा की मांग करते हैं तो पुलिस कानून में दिए अपने दायित्व का पालन करे।

Tags: Allahabad High CourtHindi Samacharlive in relationshipPrayagraj Newsup news
Previous Post

सेना की बढ़ी ताकत, लंबी दूरी तक मार करने वाले बम का सफल परीक्षण

Next Post

संपत्ति के लालच में बहा अपनों का खून, भाई ने की भाई की हत्या

Writer D

Writer D

Related Posts

Rajnath Singh
उत्तर प्रदेश

बुजुर्गों की सेवा से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं हो सकता: राजनाथ सिंह

29/08/2026
CM Dhami
Main Slider

हल्द्वानी में व्यापारियों से बोले CM धामी- “आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है”

29/08/2026
Passengers availed the benefit of the free bus travel facility.
उत्तर प्रदेश

रक्षाबंधन निशुल्क बस यात्रा: शनिवार शाम तक 80 लाख महिलाओं व सहयात्रियों ने उठाया सेवा का लाभ

29/08/2026
More than one lakh saplings planted on Rakshabandhan
उत्तर प्रदेश

रक्षाबंधन के पर्व पर भाई-बहनों ने लगाए एक लाख से अधिक पौधे

29/08/2026
CM Yogi conducted an aerial inspection of flood-affected villages in Ballia.
Main Slider

50-50 किलो राहत सामग्री दे रही सरकार, 500 ग्राम राहत नहीं पहुंचा पाती थी सपा: मुख्यमंत्री योगी

29/08/2026
Next Post
murder

संपत्ति के लालच में बहा अपनों का खून, भाई ने की भाई की हत्या

यह भी पढ़ें

आलिया भट्ट ने शेयर किया अपना स्किनकेयर रुटीन

16/10/2020
CM Yogi

कानपुर देहात की घटना पर सीएम योगी ने जताया दुख, बोले- दूध का दूध और पानी का पानी करेंगे

15/02/2023
Water Metro

अब सरयू में कीजिए वॉटर मेट्रो से सफर

23/02/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version