नई दिल्ली / बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के छोटे से गांव लखीवाला की ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही ‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी’ अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रही है। दिल्ली में आयोजित BRICS सम्मेलन में विदेशी मेहमानों और अधिकारियों को इस स्वदेशी ऑर्गेनिक हर्बल चाय का स्वाद परोसा जा रहा है। विदेशी मेहमान भी इसके स्वाद और प्राकृतिक खूबियों की सराहना कर रहे हैं।
महज 1 लाख रुपये के छोटे से लोन से शुरू हुआ यह सफर आज करीब 12 करोड़ रुपये के सालाना टर्नओवर वाले ब्रांड में बदल चुका है। बिजनौर में इसके 35 से अधिक आउटलेट और कैफे संचालित हो रहे हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के दूसरे शहरों में भी इसका नेटवर्क तेजी से विस्तार कर रहा है।
विदुर हर्बल टी को प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से तैयार किया जाता है। इसमें लेमन ग्रास, तुलसी, गिलोय, कच्ची हल्दी, मुलेठी, दालचीनी, इलायची और सौंफ जैसी सामग्री शामिल हैं। ब्रांड को पहले दिल्ली के इंटरनेशनल फूड फेस्टिवल और प्रयागराज महाकुंभ में भी लोगों की सराहना मिल चुकी है।
बढ़ती लोकप्रियता के बीच अब अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों में इसके फ्रेंचाइजी और आउटलेट खोलने की तैयारी की जा रही है। यानी लखीवाला की महिलाओं की बनाई चाय अब लोकल से ग्लोबल ब्रांड बनने की राह पर है।
इस सफलता की चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम तक भी पहुंची। पीएम मोदी ने बिजनौर की महिलाओं के प्रयास की सराहना करते हुए इसे स्थानीय ज्ञान, प्रकृति और महिलाओं के आत्मविश्वास से बड़े बदलाव की मिसाल बताया था।
विदुर ब्रांड से जुड़ी इस मुहिम ने ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति बदलने में भी अहम भूमिका निभाई है। जिला प्रशासन के मुताबिक, 300 से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। कभी घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली ये महिलाएं अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने उत्पाद का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।









