• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

किसानों के 6 फरवरी को चक्काजाम पर कैट ने दिल्ली के एलजी को लिखा पत्र

Desk by Desk
05/02/2021
in Main Slider, नई दिल्ली, राजनीति, राष्ट्रीय
0
संवैधानिक मर्यादा का है अंकुश

संवैधानिक मर्यादा का है अंकुश

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। किसानों ने अगली रणनीति के तहत 6 फरवरी को देश भर में सुबह 12 बजे से दोपहर 3 बजे तक चक्का जाम करने की घोषणा की है। इसी मसले पर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल को एक पत्र भेजा है।

पत्र में आग्रह किया गया है कि, क्योंकि इस आंदोलन को अनेक राजनीतिक दल भी घोषित-अघोषित समर्थन दे रहे हैं, इस दृष्टि से किसी भी प्रकार के कोई असामाजिक हालात न बने, इसके लिए दिल्ली के सभी बाजारों की सुरक्षा के मुकम्मल इंतजाम किए जाएं। हालांकि किसान आंदोलन ने दिल्ली को चक्का जाम से मुक्त रखने की घोषणा की है, लेकिन 26 जनवरी को जो कुछ भी दिल्ली में हुआ उसको लेकर व्यापारी बेहद आशंकित हैं।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा, दिल्ली एवं देश अभी तक लाल किले पर हुए तिरंगे के अपमान को भूला नहीं है और अब ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी पुख्ता इंतजाम अवश्य किए जाएं। वहीं इस मामले में दिल्ली के सभी व्यापारी संगठन उपराज्यपाल एवं दिल्ली पुलिस के साथ सहयोग के लिए तत्पर हैं।

उन्होंने आगे कहा कि यह सत्य है कि आबादी के बाद से अब तक देश में तमाम तरह की सब्सिडी मिलने के बाद भी किसान घाटे की खेती कर रहा है, जिसको लाभ की खेती में बदला जाना बहुत जरूरी है। इस ओर आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाने की जरूरत है, जिसे सरकार से बातचीत के आधार पर सुलझाया जा सकता हैं, किंतु बिना किसी ठोस कारण के तीनों कृषि कानूनों का विरोध करना उचित नहीं है।

तीनों कृषि कानूनों में सभी प्रावधान स्वैछिक हैं और उनको मानने की कोई बाध्यता किसानों पर नहीं है। कुछ राजनीतिक दल अपनी राजनीति के कारण इस समस्या को उलझाए रखना चाहते हैं।

Tags: agriculture lawsdelhifarmersLt. Governor Anil Baijalprotestsउपराज्यपाल अनिल बैजलकिसानकिसान 6 फरवरी को करेंगे चक्काजामकृषि कानूनकैटदिल्लीविरोध प्रदर्शन
Previous Post

यूपी 5.5 लाख लोगों का टीकाकरण करने वाला देश का पहला राज्य बना

Next Post

असम विधानसभा चुनाव में क्षेत्रीय पार्टियां निभा सकती हैं अहम भूमिका

Desk

Desk

Related Posts

Main Slider

बारिश में स्किन प्रॉबलम रहेंगी दूर, करें इन पत्तियों का इस्तेमाल

02/08/2026
Plastic Bottles
Main Slider

प्लास्टिक की पुरानी बोतल से करें घर की सजावट, हर कोई करेगा तारीफ

02/08/2026
CM Dhami congratulated Tejaswin Shankar.
Main Slider

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: तेजस्विन शंकर को सीएम धामी ने दी बधाई

01/08/2026
CM Dhami
Main Slider

CM धामी ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश

01/08/2026
CWG: Preeti Pawar wins India's sixth gold.
Main Slider

प्रीति पवार ने रचा इतिहास, कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को दिलाया छठा गोल्ड

01/08/2026
Next Post
असम विधानसभा चुनाव Assam Assembly Election

असम विधानसभा चुनाव में क्षेत्रीय पार्टियां निभा सकती हैं अहम भूमिका

यह भी पढ़ें

Heeraben

पीएम मोदी की मां हीराबेन ने डाला वोट, गुजरात में 3 बजे तक 50.51% वोटिंग

05/12/2022
cm yogi

एक भारत श्रेष्ठ भारत के शिल्पी पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई: सीएम योगी

17/09/2022
Mukhtar Ansari

बाहुबली मुख्तार अंसारी के करीबियों पर कसा शिकंजा, फर्जीवाड़े में दो गिरफ्तार

05/12/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version