अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पहली एसआईटी ने अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा को आरोपी नहीं बनाया गया है। दोनों को मामले में दोषी भी नहीं पाया गया है।
रिपोर्ट में सिर्फ उन आठ लोगों के नाम शामिल किए गए हैं, जिन्हें मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
अनिल मिश्रा पर क्या कहा गया?
प्रारंभिक रिपोर्ट में अनिल मिश्रा पर दान की रकम की काउंटिंग के दौरान लापरवाही का उल्लेख किया गया था। हालांकि, उन्हें सीधे तौर पर आरोपी नहीं बनाया गया था।
फाइनल रिपोर्ट में भी उनका नाम आरोपियों की सूची में शामिल नहीं किया गया है। वहीं चंपत राय को शुरुआती जांच में ही क्लीन चिट मिलने की बात सामने आई थी।
निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
एसआईटी ने दान की गणना के दौरान बैंक और ट्रस्ट की निगरानी व्यवस्था में कुछ कमियों और चूकों का जिक्र किया है। रिपोर्ट सामने आने के बाद व्यवस्था को और मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने यह रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है।
दूसरी SIT के हाथ में अब जांच
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 13 जून को पहली एसआईटी का गठन किया गया था। लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत इसके अध्यक्ष बनाए गए थे।
टीम ने 23 जून को प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इसके दो दिन बाद 25 जून को अयोध्या में एफआईआर दर्ज हुई।
अब मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित दूसरी एसआईटी कर रही है। ऐसे में आगे की जांच में क्या सामने आता है, इस पर नजर बनी हुई है।









