• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कोरोना संकट में लोन मोरेटोरियम के बाद कर्ज में राहत देने की तैयारी शुरू

Desk by Desk
18/08/2020
in Categorized
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली| कोरोना संकट में लोन मोरेटोरियम के बाद कर्ज पुनर्गठन के जरिये राहत देने की तैयारी शुरू हो गई है। भारतीय स्टेट बैंक समेत कई निजी और सरकारी बैंकों ने होम लोन के पुनर्गठन की रूपरेखा पर काम शुरू कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, केवी कामथ समिति खुदरा पर ध्यान नहीं देगी। बैंकों को खुदरा कर्ज का पुनर्गठन करने के लिए खुद का प्रस्ताव तैयार करना होगा।

पूर्व कप्तान इमरान खान : भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय सीरीज होना बहुत मुश्किल

हालांकि, लोन का पुनर्गठन का पूरा अधिकार बैंकों के पास होगा और ये विकल्प उन लोगों के लिए होंगे जिनकी आय कोरोना महामारी में बिल्कुल खत्म हो गई है या फिर वे वेतन कटौती या दूसरी दिक्कत से परेशान हैं। उल्लेखनीय है कि आरबीआई के गवर्नर शशिकांत दास ने मौद्रिक समीक्षा नीति की घोषणा करते हुए कर्ज पुनर्गठन सुविधा का ऐलान किया था।

बैंक सिर्फ होम लोन लेने वाले ग्राहक को ही नहीं बल्कि पर्सनल लोन वाले को राहत दे सकते हैं। ऐसा इसलिए कि आरबीआई ने जब घोषणा की थी तो पर्सनल लोन भी शामिल किया था। हालांकि, कहा था कि स्ट्रेस्ड पर्सनल लोन का रिजॉल्यूशन केवल उन उधारकर्ताओं के लिए उपलब्ध होगा जो 1 मार्च 2020 को 30 दिन से अधिक की चूक नहीं हुई है।

बैंकों का यह भी कहना है कि जबरन वसूली और संपत्ति सीज करने के लिए यह वक्त सही नहीं है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को दो साल तक के लिए कर्ज की सीमा बढ़ाने की सुविधा दी है, लेकिन बैंकर्स का कहना है कि वह दो साल का मोराटोरियम नहीं दे सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, बोला- छात्र तय नहीं कर सकते कि उनका हित किसमें है?

इसको ऐसे समझ सकते हैं कि अगर किसी ने ने 15 साल का होम लोन लिया और उसने रिजर्व बैंक की मोरेटोरियम सुविधा का इस्तेमाल किया है तो उसका लोन अपने आप ही 14 महीनों के लिए बढ़ जाएगा। होम लोन की दरें सात फीसदी से भी कम हो चुकी हैं और ऐसे में बैंक कह रहे हैं कि कर्ज पुनर्गठन कर के सस्ता ब्याज दर मुहैया कराना मुमकिन नहीं होगा। ऐसा करने से बैंकों की लगात बढ़ जाएगी।

Tags: Bank loancoronacorona crisiscorona virushome loanhome loan how will EMI be reducedLoan MoratoriumRBIआरबीआईकोरोनाकोरोना वायरसकोरोना संकटपर्सनल लोनबैंक लोनलोन मोरेटोरियमहोम लोनहोम लोन ईएमआई कैसे कम होगी
Previous Post

पूर्व कप्तान इमरान खान : भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय सीरीज होना बहुत मुश्किल

Next Post

चीनी की कीमतों में हो सकता है इजाफा, मिठास होगी फीकी

Desk

Desk

Related Posts

forehead
Categorized

माथे के कालेपन को ये नुस्खे कर देंगे गायब

28/06/2026
Vishnu Paudel
Categorized

नेपाल के पूर्व वित्त मंत्री विष्णु पौडेल अदालत में पेश, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बढ़ सकती है रिमांड

23/06/2026
CM Yogi
Categorized

दिल्ली अग्निकांड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया गहरा शोक

03/06/2026
Sawan
Categorized

कब शुरू होगा भगवान शिव का प्रिय महीना? जानिए सावन सोमवार और पूजा का महत्व

02/06/2026
Peanut
Categorized

मूंगफली से बनाएं ये टेस्टी डिश, कभी भी उठाए इसका लुत्फ

21/05/2026
Next Post
sugar

चीनी की कीमतों में हो सकता है इजाफा, मिठास होगी फीकी

यह भी पढ़ें

cm dhami

सीएम धामी के नेतृत्व में साल 2025 में उत्तराखंड के स्वास्थ्य योद्धाओं ने रचा सेवा का इतिहास

31/12/2025

दूसरे राज्यों से प्रदेश आ रहे हैं हर व्यक्ति की जांच जरूरी : सीएम योगी

06/11/2021
Keshav Maurya

ऐसा कोई सवाल नहीं जिसका जबाब न हो… विपक्ष को आईना दिखाते हुए बोले केशव मौर्य

03/08/2026
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version