• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कोरोनाकाल में समझदार ग्राहक बैंकों के लिए दोहरी वर्तमान चुनौती

Desk by Desk
09/10/2020
in ख़ास खबर, राष्ट्रीय
0
EMI

ईएमआई

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली| कोरोना महामारी के साथ समझदार ग्राहक बैंकों के लिए दोहरी चुनौती वर्तमान में पैदा कर रहे हैं। दरअसल, बैंकों के सामने यह मुसीबत लोगों द्वारा बचत बढ़ाने और कम कर्ज लेने से पैदा हुई है। बैंकों में जमा बढ़ने से ऋण-जमा अनुपात गिरकर सितंबर महीने में 71.8% पर पहुंच गया।

ऋण-जमा अनुपात का मतलब होता है कि कोई बैंक अपनी मौजूदा जमा राशि पर कितना कर्ज दिया है। वहीं, बैंकों को अपनी जमा पर कैश रिजर्व रेश्यो (सीआरआर) का अनुपात बनाए रखना होता है। इसके साथ ही एसएलआर का अनुपात भी बनाए रखना होता है।

सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर ने शेयर की पत्नी कैंडिस की फिटनेस पोस्ट

बैंकों की वित्तीय स्थिति बिगाड़ने में कोरोना महामारी की अहम भूमिका रही है। कोरोना और लॉकडाउन के कारण 27 मार्च महीने से लेकर 11 सितंबर तक बैंकों द्वारा दिए जाने वाले कर्ज में 1.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके चलते बैंकों का कुल कर्ज गिरकर 102.3 खरब रुपये रह गया। वहीं, इस दौरान बैंक जमा पांच फीसदी (6.8 अरख रुपये) बढ़कर 142. अरख रुपये पहुंच गया। इससे बैंकों की कमाई कम और बोझ बढ़ गया है।

कोरोना महामारी के चलते आरबीआई ने ब्याज दरों में बड़ी कटौती की थी। इसके बाद बैंकों ने बचत खाते पर मिलने वाले ब्याज में बड़ी कटौती की थी। इस का काट ढूढ़ते हुए समझदार ग्राहकों ने एफडी में निवेश बढ़ाया और बचत खाते से पैसे निकाले हैं। इसके चलते बैंकों के एफडी में निवेश बढ़कर 7.8 खरब रुपये पहुंच गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक जमा में बढ़ोतरी की वजह आर्थिक अनिश्चता है। लोग अपने भविष्य को लेकर डरे हुए हैं। इससे वह कर्ज लेने से कतरा रहे हैं। वह सिर्फ जरूरी चीजों पर खर्च कर रहे हैं और बचत के पैसे को एफडी (सावधि जमा) में निवेश कर रहे हैं।

Tags: EMIHDFC bankinterest ratemonetary policy committeeRBIrepo ratereverse repo ratesbi bankshaktikanta dasआरबीआईईएमआई"एचडीएफसी बैंकएसबीआई बैंकब्याज दरमौद्रिक नीति समितिरिवर्स रेपो रेटरेपो रेटशक्तिकांत दास
Previous Post

सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर ने शेयर की पत्नी कैंडिस की फिटनेस पोस्ट

Next Post

रामविलास पासवान 14 की उम्र में की पहली शादी, फिर एयर होस्टेस को दे बैठे थे दिल

Desk

Desk

Related Posts

Cloudburst wreaks havoc in Doda
जम्मू कश्मीर

डोडा में बादल फटने से मची तबाही, बाग-बगीचे और खेत बर्बाद

01/07/2026
Amarnath Yatra
जम्मू कश्मीर

बाबा बर्फानी के जयकारों से गूंजा जम्मू! 3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा

01/07/2026
CM Vishnudev Sai
छत्तीसगढ़

CM विष्णुदेव साय बोले- ‘एक पेड़ माँ के नाम’ मातृशक्ति और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक

30/06/2026
CM Vishnudev Sai
छत्तीसगढ़

रामगढ़ छत्तीसगढ़ की संस्कृति और आस्था का जीवंत प्रतीक: मुख्यमंत्री विष्णुदेव

30/06/2026
Anand Bardhan
उत्तराखंड

प्रधानमंत्री की आधारशिला वाली 40 परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करें: मुख्य सचिव

30/06/2026
Next Post
रामविलास पासवान

रामविलास पासवान 14 की उम्र में की पहली शादी, फिर एयर होस्टेस को दे बैठे थे दिल

यह भी पढ़ें

PM Modi

‘सपने नहीं हकीकत बुनते हैं, तभी तो सब मोदी को चुनते हैं’, लोकसभा चुनाव के लिए BJP ने लॉन्च की कैंपेन थीम

25/01/2024
Navneet Sehgal

प्रदेश में संक्रमण कम होने के बावजूद, टेस्टिंग कम नहीं की जा रही : सहगल

20/07/2021
Ganesh Chaturthi

इस दिन से शुरू होगा गणेश उत्सव, नोट करें स्थापना मुहूर्त

14/08/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version